Friday, November 7, 2008

धमकी देकर दो करोड की फिरौती मांगने के मामले में तीन गिरफ्तार

(मुकेश त्रिवेदी)
राजस्थान राज्य के राजसमन्द जिले के कांकरोली शहर के एक व्यवसायी को सेल फोन पर धमकी देकर उससे फिरौती में दो करोड रुपए मांगने के मामले का राजनगर थाना पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दावा किया है कि तीनों युवकों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक संतोष चालके के अनुसार कांकरोली बस स्टेण्ड क्षेत्र निवासी अम्बालाल पुत्र परसराम पालीवाल को उनके सेल फोन पर गत 30 अक्टूबर से अज्ञात युवक सेल फोन नम्बर 9610822673 और 9610822674 से लगातार धमकियां देते हुए उनसे दो करोड रुपए की मांग की। अम्बालाल पालीवाल ने इस सम्बन्ध में गुरुवार को राजनगर थाने में रिपोर्ट दी। इस पर मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक मनीष त्रिपाठी, थानाधिकारी गोवर्द्धन लाल की टीम ने शुरू करते हुए सर्राफा बाजार कांकरोली निवासी पप्पू उर्फ नितेश पगारिया पुत्र सोहन लाल पगारिया, कमल तलाई निवासी सुनील पुत्र जगदीश पूिर्बया और कांकरोली निवासी पवन छीपा पुत्र राधेश्याम छीपा को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी गोवर्द्धन लाल ने बताया कि तीनों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
यू आएं पुलिस गिरफ्त में : अम्बालाल पालीवाल की ओर से राजनगर थाने में मामला दर्ज होने के बाद जांच दल ने पालीवाल के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई। इस दौरान सेल फोन नम्बर 9610822673 और 9610822674 से धमकी भरे फोन आने ज्ञात हुए। इन सेल फोन नम्बरों के धारकों के बारे में जानकारी जुटाने पर ज्ञात हुआ कि दोनों सेल नम्बर नाथद्वारा निवासी दिनेश हरिजन के नाम पर लिए गए। जांच में जुटी पुलिस ने नाथद्वारा में दिनेश हरिजन की तलाश की लेकिन वहां से कोई सफलता हाथ नहीं लगी जिस पर जांच दल ने वोडाफोन कम्पनी से सम्पर्क कर सेल नम्बरों की सिम के बारे में जानकारी ली तो ज्ञात हुआ कि यह सिम जलचक्की स्थित सलीम खां के नाम से विक्रय की गई। पुलिस ने सलीम से पूछताछ की उसने उक्त सेल नम्बर गोपाल साहू को देना बताया। गोपाल साहू ने उक्त सेल नम्बर सुनील पूिर्बया को बेचना बताया जिस पर पुलिस ने सुनील और उसके साथियों को गिरफ्तार किया।
योजना सफल होती तो 50 लाख सांवलिया मंदिर में भेंट करते : पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि अम्बालाल पालीवाल से दो करोड रुपए लेने की योजना उन्होंने कांकरोली में बनाई और उसके बाद इस योजना की सफलता के लिए वह सांवलिया मंदिर चित्तौडगढ भी गए और मंदिर में भगवान के सामने मन्नत मांगी कि पालीवाल से रुपए मिलने के बाद वह 50 लाख मंदिर में भेंट करेंगे और शेष रुपए गरीबों में बांट देंगे।
पगारिया का पिता कर्जदार भी रहा : धमकी देकर दो करोड रुपए मांगने के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए नितेश पगारिया का पिता सोहन लाल पगारिया ने अम्बालाल पालीवाल से दस लाख रुपए कर्ज लिए थे और इनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

गोपाष्टमी पर नाथद्वारा में बाल स्वरूपों का भव्य श्रृंगार

राजस्थान राज्य के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में गोपाष्टमी पर्व परम्परानुसार मनाया गया। वैष्णवज नगरी में स्थित मंदिरों में बाल स्वरूपों का भव्य श्रृंगार किया गया। श्रीनाथजी के नाथूवास स्थित गौशाला में पूरे दिन भर नानाविध अनुष्ठान आयोजित किए गए। नाथूवास स्थित गौशाला के बडे ग्वाल नारायण गुर्जर के सािन्नध्य में ग्वाल-बालों की मण्डली ने गोमाताओं को मोरपंख से बने टिपारेके साज मेहंदी रंग बिरंगे विविध रंगों फोंदो आदि से सजाया गया। पाडो व बिजारों को सिंदूर व तेल की मालिश कर उनके शरीर को चमकाया। गौशाला के बाहर हनुमान व शिव मंदिर में भी पूजा की गई। पूरे परिसर में गौमाताएं व ग्वाल-बाल के चित्र दीवारों पर उकेरे गए। नगर की महिलाओं ने परम्परानुसार गौशाला में मेहंदी कुंकुम अक्षत आदि से गौपूजन किया। शाम को यहां पाडों व बिजारों की भिडंत देखने के लिए भीड उमड पडी।

द्वारकाधीश मंदिर गौशालामें हुई सांड व पाडों की भिड़ंत

(दिलीप पालीवाल)
राजस्थान राज्य के राजसमन्द जिले में स्थित पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास के श्रीद्वारकाधीश मंदिर कांकरोली की आसोटिया स्थित गौशाला में गोपाष्टमी पर्व पर सांड एवं पाडों की भिडंत देख कर दर्शक रोमांचित हो गए। गौशाला में श्रद्धालुओं का हुजुम उमड पडा। प्रति वर्ष कार्तिक शुक्ल अष्टमी पर्व पर आयोजित होने वाले गोपाष्टमी पर्व पर द्वारकाधीश मंदिर गौशाला में सांडों एवं पाडों को शक्ति प्रदर्शन के लिए सजाया गया। इस विशेष आयोजन की मान्यता यह है कि श्री द्वारकाधीश प्रभु इस दिन परोक्ष रूप से गौशाला में पधार कर गौवंशों की सुध लेते है और उन्हें अपने हाथ गौवंश को गुड-थुली के साथ प्रसाद खिलाते है। इस पर्व को लेकर प्रभु की गौशाला को दुल्हन की भांति सजाया गया। शाम करीब साढे चार बजे से वैष्णवजनों एवं दर्शनार्थियों की भीड गौशाला में एकत्रित होना शुरू हो गया।
परम्परानुसार ग्वाल-बालों ने गौवंशों को खेलाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाताओं को थुली व प्रसाद खिलाया। शाम करीब पांच बजे बाद अलग-अलग दलों में सांड व पाडों की भिडं़त शुरू हुई। दशकों के हुल्लड के बीच सांड अपने प्रतिस्पद्धी सांड को तो पछाडता तो दशक करतल ध्वनि और हुल्लड के साथ उसे सराहते।

Thursday, November 6, 2008

ब्लेक क्रांति की नीतियों के प्रति भी सजग रहना होगा

(मुकेश त्रिवेदी)
व्हाईट हाउस में ब्लेक क्रांति का जो शुभारंभ हुआ है वह निसंदेह प्रशंसनीय है। बुधवार दिन भर इसी खबर को लेकर मीडिया जगत भी निरंतर खबरे देता रहा। स्वाभाविक भी है। दुनिया के शक्तिशाली देश का प्रमुख बनना और वह भी एक अश्वेत पुरूष कामयाबी की काफी बडी मंजिल पाने के बराबर है।
बराक ओबामा की जीत पर भारत के समाचार पत्रों सहित कई संगठनों ने बराक ओबामा को आम भारतीय की पसंद करार दिया है लेकिन यह नहीं भुलना चाहिए कि बराक ने अपने प्रचार अभियान के दौरान कश्मीर मामले मध्यस्था के पक्ष को उजागर किया था। कश्मीर का मसला भारत-पाक के मध्य का है और उसमें मध्यस्थता किसी भी कीमत पर आम भारतीय को मंजूर नहीं होगी।
बराक ओबामा की जीत पर भारत के राजनीतिक संगठनों ने हालांकि खुशी जाहिर की लेकिन ओबामा के प्रशासन को लेकर उनके मन में चिंताएं भी दिखी। मुख्यत: कांग्रेस और भाजपा दल के नेताओं की परमाणु अप्रसार संधि, आउटसोर्सिंग और भारत का मुख्य मुद्दा कश्मीर पर एक राय नजर आए। वहीं अमेरिका के विरोधी रहे वामपंथी दल के नेताओं का भी यही कहना है कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर व्यक्ति बदलते है नीतियां वहीं रहती है।
चिंता का विषय यह भी है कि ओबामा प्रशासन कर ढांचे को और ज्यादा कठोर बना कर भारतीयों की नौकरियों पर तलवार लटका सकता है। इसके अलावा सीटीबीटी के लिए दबाव भी ओबामा प्रशासन बना सकता है।
पदासीन बराक के हालांकि शुरूआती दिन है लेकिन भारत को इन मुद्दों पर सजग रहना होगा। अन्यथा महाशक्ति का महानायक की नीतियां कही हाल की खुिशयों को काफूर न कर देवे और कही व्हाइट हाउस की ब्लेक क्रांति आम भारतीयों के लिए ब्लेक आउट साबित न हो।

Sunday, November 2, 2008

अक्षय नवमी पर घसियार मंदिर में अन्‍नकूटोत्‍सव

राजस्‍थान राज्‍य के नाथद्वारा मं​दिर से जुडे घ​सियार मं​दिर में सात नवम्‍बर शुक्रवार को अन्‍नकूट महोत्‍सव का आयोजन होगा। महोत्‍सव को लेकर मं​दिर में तैया​रियां जारी है। मेवाड के मु​खिया श्‍यामसुंदर गुर्जर के अनुसार अक्षय नवमीं के अवसर पर आयो​जित होने वाले अन्‍नकूटोत्‍सव पर ​तिलकायत राकेश महाराज, श्रीकृष्‍ण भण्‍डार के अ​धिकारी सुधाकर शास्‍त्री आ​दि उप​स्‍थित रहेंगें। अन्‍नकूट के ​दिन दोपहर में गोमाताओं को सजाया संवारा जाएगा। तत्‍पश्‍चात गोक्रीडा का आयोजन होगा। शाम को अन्‍नकूट के भाव से महाभोग अरोगाया जाएगा।
नाथद्वारा ​स्‍थित प्रभु श्रीनाथजी का मं​दिर तथा घ​सियार उदयपुर ​स्‍थित मं​दिर ​बिल्‍कुल एक समान है। ​सिं​धिया सेना के आक्रमण से असु​र​क्षित प​रिस्‍थितियों को देखते हुए तात्‍कालीक ​तिलकायत ​गिरधर ने उदयपुर के समीप घ​सियार नामक सुरम्‍य स्‍थान पर नाथद्वारा के समान ही मं​दिर का ​निर्माण कराया। इस मं​दिर में प्रभु श्रीनाथजी ​निरंतर चार वर्ष तक ​विराजने के बाद ​विक्रम संवत १८६४ में नाथद्वारा पधार गए। घ​सियार मं​दिर में आज भी प्रभु श्रीनाथजी की ​​​​ चित्र सेवा होती है।

गोपाष्‍टमी पर नाथद्वारा मंदिर की गौशाला में होगी बिजारों की भिडंत

देश के ख्‍यातनाम श्रीनाथजी मं​दिर की गौशाला में छह नवम्‍बर को ​बिजारों एवं भैंसों की रोमांचक ​भिडंत होगी। गोपाष्‍टमी के ​दिन ही भगवान श्रीकृष्‍ण ग्‍वाल बालों के संग वन में गाय चराने गए थे। इसी भाव से वैष्‍णव नगरी नाथद्वारा में गोपाष्‍टमी का पर्व परम्‍परा से सराबोर होकर धूमधाम से मनाया जाता है। गोपाष्‍टमी के ​दिन श्रीजी प्रभु की हवेली एवं नाथूवास ​स्‍थित गोशाला में ​विविध आयोजन होंगे। गोपाष्‍टमी की तैया​रियां को लेकर हेड ग्‍वाल नारायण गुर्जर के सा​न्‍ध्यि में ग्‍वाल बाल पूरे उत्‍साह से जुटे है। गोपाष्‍टमी के ​दिन गोशाला में भैंसों व ​बिजारों की रोमांचक ​भिडंत होगी। ग्‍वाल बाल भैंसों व ​बिजारों को ​सिंदूर, रजत व स्‍वर्ण रंग का लेप कर चमक–दमक श्रृंगार धराएंगें। साथ ही गौमाताओं को मयूरपंखी ​टिपारे का साज धराकर श्रृंगा​रित करेंगे। शाम पांच बजे हजारों वैष्‍णवों की मौजूदगी में रोमांचक ​भिडंत होंगी।
बाल स्‍वरूपों का अनूठा श्रृंगार : गोपाष्‍टमी पर श्रीजी प्‍यारे के संग श्रीलालन प्‍यारे को जरी वस्‍त्र, मुकुट, काछनी का अनूठा श्रृंगार अंगीकार कराया जाएगा। कंदराखण्‍ड में गोमाताओं वाली ​चितराम की कलात्‍मक ​पिछवई सुशो​भित की जाएगी।

Saturday, November 1, 2008

दामोदर दी​क्षित को आचार्य ​निरंजननाथ सम्‍मान



आचार्य ​निरंजननाथ सम्‍मान का दसवां पुरस्‍कार ​हिन्‍दी के प्र​तिष्‍ठत उपन्‍यासकार दामोदर दत्‍त दी​क्षित मेरठ को उनके ज्ञानपीठ से प्रका​शित उपन्‍यास धुंआ और चीखें पर प्रदान ​किया जाएगा। सम्‍मान स​मिति के संयोजक कमर मेवाडी के अनुसार कर्नल देशबंधु की अध्‍यक्षता में आयो​जित बैठक में यह ​निर्णय ​लिया गया। यह सम्‍मान राजस्‍थान सा​हित्‍य अकादमी के पूर्व अध्‍यक्ष ​निरंजननाथ आचार्य की स्‍मृ​ति में आचार्य ​निरंजननाथ स्‍मृ​ति सेवा संस्‍थान द्वारा सा​हित्यिक प​त्रिका सम्‍बोधन के माध्‍यम से ​दिया जाता है। सम्‍मान के अंतर्गत प्रश​स्ति पत्र के अ​तिरिक्‍त १५ हजार रुपए की नकद रा​शि, शॉल, श्रीफल एवं स्‍मृ​ति ​चिह्न भेंट ​किया जाता है। दी​क्षित को यह सम्‍मान आगामी १६ नवम्‍बर को अणुव्रत ​विश्‍व भारती राजसमन्‍द के सभागार में प्रदान ​किया जाएगा।