Saturday, December 6, 2008

प्रेस की आजादी में हस्तक्षेप

लोकसभा या विधानसभा चुनाव के दौरान एग्जिट पोल के प्रकाशन-प्रसारण पर रोक के सरकारी फैसले की 'द एडिटर्स गिल्ड आफ इंडिया' ने आलोचना की है। संपादकों की इस संस्था ने इस संबंध में कैबिनेट के हालिया फैसले को प्रेस की आजादी में सीधा हस्तक्षेप करार दिया है।
गिल्ड का कहना है कि जनता को सूचना मुहैया कराना मीडिया का अहम फर्ज है और चुनाव पूर्व सर्वेक्षण का प्रकाशन-प्रसारण भी इसी का एक हिस्सा है। इसमें नेताओं के भाषण, पार्टियों के घोषणापत्र, नीतियां, विचार विश्लेषण, ट्रेंड आदि विस्तार से कवर किए जाते हैं। इस तरह की विविध जानकारियों के आधार पर जनता को अपना मन बनाने में काफी मदद मिलती है।
गिल्ड के मुताबिक चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षण के प्रसारण-प्रकाशन पर रोक से मतदाताओं को सूचना पाने के उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। गिल्ड ने सरकार के इस मत को सिरे से खारिज कर दिया कि चुनाव के दौरान एग्जिट पोल दिखाने या छापने से चुनावी प्रक्रिया पर गलत असर पड़ेगा। गिल्ड ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह एग्जिट पोल के प्रकाशन-प्रसारण को रोकने के लिए चुनाव कानून में संशोधन के प्रस्ताव पर अमल नहीं करे।

आतंकवादी से ज्यादा खतरनाक है मीडिया

मीडिया आतंकवादियों से ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि आतंकवादी जहां व्यक्ति की सोच पर हमला कर उसकी हत्या कर डालते हैं वहीं मीडिया व्यक्ति की सोच पर हमला कर उसकी अंतरात्मा को ही खत्म कर देता है। यह मानना है निर्माता-निर्देशक रामगोपाल वर्मा का ।वर्मा के अनुसार अगर निहत्थे लोगों पर हमला करने वालों को आतंकवादी कहा जाता है तो विभिन्न स्तरों पर मीडिया भी तो अपने हल्के और कपटपूर्ण तरीके से यही काम करता है। वर्मा ने यह नाराजगी टीवी पर दिखाए गए उन फुटेज तथा उसके बाद शुरू हुई आलोचना के संदर्भ में जाहिर की है, जिनमें वर्मा महाराष्ट्र के निवर्तमान मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख तथा उनके पुत्र एवं अभिनेता रितेश देशमुख के साथ आतंकवादी हमले का शिकार हुए ताज होटल में नजर आ रहे थे।
मीडिया हमें यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता है कि केवल वह ही जनता के हितों का ध्यान रखता है भले ही वह यह काम खासतौर से इसी आशय से नहीं करता हो, लेकिन उसके हावभाव ऐसे ही होते हैं और इसी वजह से लोग उस पर आंख मूंद कर विश्वास कर लेते हैं। यह अंधा अंधे को राह दिखाये का एक नायाब नमूना है। इसका परिणाम बहुत बार हास्यास्पद भी होता है।वह कहते हैं कि मुझे हैरत होती है कि जब देश आतंकवाद की ऐसी त्रासदी से जूझ रहा था तब एक फिल्म निर्माता की किसी स्थान पर उपस्थिति जैसी बेतुकी बात को प्रसारित करने में मीडिया इतना वक्त बर्बाद कर सकता है।समझ में नहीं आता कि जब इतना कुछ चल रहा है तब यह बात किसी को और कैसे प्रभावित कर सकती है। वर्मा ने लिखा है कि टीवी चैनलों को वह फुटेज मुहैया कराए गए थे, जिन्हें विलासराव की टीम ने शूट किया था। इन दृश्यों को चैनलों पर बार-बार दिखाया गया और सवाल किया गया कि मैं वहां क्यों गया। विलासराव मुझे क्यों साथ ले गए, जो कुछ हमने ताज में देखा वह सब टीवी पर पहले भी कई बार दिखाया जा चुका था।अगर मुझे उस पर फिल्म बनानी होती तो क्या मैं देखे हुए घटनाक्रम को देखने जाता। कुछ चैनलों ने यहां तक कह दिया कि हमने वहां कुछ छेड़छाड़ की। अगर सचमुच ऐसा था तो सुरक्षा अधिकारी हमें रोक सकते थे।वर्मा के अनुसार विलासराव से मेरा कोई औपचारिक परिचय भी नहीं है। रितेश को सिर्फ इतनी जानकारी थी कि ताज के जिन हिस्सों की जांच हो चुकी है उन्हें ही हम देख सकते हैं। उनके अनुसार जब हम ताज पहुंचे तो वहां पुलिस अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और होटल के कर्मचारियों सहित 60 से 70 लोग थे। इस भीड़ में मुझे नहीं लगता कि विलासराव का ध्यान मुझ पर गया होगा। मैं उस जगह को देख रहा था जहां सर्वाधिक भयावह घटना हुई थी। ऐसा कौन होगा जिसे उस स्थान को देखने की उत्सुकता नहीं होगी। वर्मा सवाल करते हैं कि उनके ताज जाने से क्या प्रभावित हो सकता था। अगर उनके कारण सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होता या उनकी वजह से कोई समस्या होती तो उन्हें सुरक्षा अधिकारी रोक सकते थे। अधिकारियों ने उन्हें इसलिए नहीं रोका क्योंकि उन लोगों को वह हिस्से दिखाए गए जहां जांच हो चुकी थी। इन हिस्सों के फुटेज टीवी पर कई बार दिखाई जा चुकी थी।

खुफिया तंत्र को सशक्त बनाने की आवश्यकता : चिदांबरम

देश के गृह मंत्री पी चिदांबरम ने यह स्‍वीकार किया है कि मुंबई के प्रमुख होटलों, नरीमन हाउस और सीएसटी पर हुए हमलों की जिम्‍मेदार कुछ हद तक सुरक्षा और खुफिया विभाग की खामियां भी हैं। चिदम्बरम आज मुम्बई में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि इन हमलों के बाद हमारे खुफिया तंत्र और सुरक्षा व्‍यवस्‍था में व्‍यापक सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। महाराष्‍ट्र पुलिस मुख्‍यालय में एक संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए चिदांबरम ने कहा कि हमारे सुरक्षा तंत्र की ही असफलता है। इतनी बड़ी घटना के बाद हम अपने खुफिया तंत्र को पूरी तरह पुखता नहीं कह सकते। चिदांबरम ने पूरे मुंबई से इन आतंकी हमलों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि वो उन्‍हें पुखता सुरक्षा इंतजामों का भरोसा दिलाया। मुंबई हमले में पाकिस्‍तान का हाथ होने की बात पर चिदांबरम ने कहा कि हम हर पुखता सबूत इकठ्ठा कर रहे हैं। हालांकि उन्‍होंने भी पाकिस्‍तानी आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा का हाथ होने की बात कही है।

ट्रक नहीं आता तो बघेरा बना लेता उन्हें शिकार

राजसमन्द जिले के केलवाडा मार्ग पर सापोल के निकट गुरूवार रात एक बघेरे ने मोटरसाइकिल पर हमला कर दो जनों को घायल कर दिया। मार्ग पर पीछे ही ट्रक आने से बघेरा भाग निकला। केलवाडा निवासी वीरेन्द्रसिंह सोलंकी व प्रहलाद राजसमंद से रात सवा ग्यारह बजे केलवाडा लौट रहे थे। सापोल के समीप आते ही झाडियों में शिकार के इंतजार में बैठे बघेरे ने सामने से हमला कर दिया। हमले से दोनों सडक किनारे जा गिरे। बघेरा दूसरा वार करने ही वाला था कि पीछे से ट्रक के हैडलाइट की रोशनी गिरने से भाग खडा हुआ। वीरेन्द्रसिंह के सिर व मुंह पर घाव लगे जबकि प्रहलाद को मामूली चोटे आई। दोनों का केलवाडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराया गया। वीरेन्द्र ने बताया कि मार्ग विकट होने से मोटरसाइकिल की रफ्तार धीमी थी।

Wednesday, December 3, 2008

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जोशी के क्षेत्र में सात भाजपाइयो पर जानलेवा हमला

राजस्थान राज्य के राजसमन्द जिले के खमनोर थाना क्षेत्र के नेडच गांव में बुधवार रात को पोलिंग पर्ची बांटने के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में करीब सात भाजपाई गंभीर रूप से घायल हुए है। हमलावरों में गुर्जर महासभा के प्रदेश स्तरीय नेता तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल होना बताया गया है। उल्लेखनीय है कि नेड़च गांव नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी चुनाव लड़ रहे है। पुलिस के अनुसार बुधवार देर रात नेड़च गांव के स्कूल तिराहे पर भाजपा कार्यकर्ता दाड़मी निवासी विधानचंद पुत्र बसंतीलाल श्रीमाली अपने साथी कार्यकर्ताओं के साथ पोलिंग पर्ची बांट रहा था तभी वहां तीन-चार गाड़ियों में गुर्जर महासभा के प्रदेश स्तर के नेता देवकीनंदन गुर्जर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुरूषोत्तम माली, रामचंद्र श्रीमाली, योगेश श्रीमाली, लक्ष्मण सिंह, अनिल कुमार, भंवर लाल गुर्जर, भंवर सिंह, बबलू सहित 40-50 लोग आए और वाहनों से नीचे उतर कर लटठ, स्टिक और धारियों से भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। हमले में भाजपा कार्यकर्ता गोवर्ध्दन सिंह, शंभू सिंह, भीमराज, नारायण सिंह, नरेन्द्र सिंह, लाल सिंह व एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और गंभीर रूप से तीन घायलों को उदयपुर चिकित्सालय के लिए भर्ती करवाया गया जहां उनकी हालत में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। विधानचंद्र श्रीमाली की रिपोर्ट पर इधर सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस की ओर से भी भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज करवाया जा रहा है।

कांग्रेस ने फिर साबित कर दिया लोकतंत्र पर हावी है नोट तंत्र

राजस्थान राज्य के राजसमन्द विधानसभा क्षेत्र के खाखलिया खेड़ा गांव में प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस ने मतदान दिवस की पूर्व संध्या पर ग्रामीणों को वोट के लिए नोट बांट कर यह साबित कर दिया कि वर्तमान में लोकतंत्र पर हावी है नोट तंत्र।
खाखलिया खेड़ा भील बस्ती में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा वोट के लिये नोट बांटने की जानकारी मिलने पर कुवारियां पुलिस ने र्स्कोपियो गाड़ी व उसमें काफी मात्रा में नोट जब्त किये है।कुंवारिया थानान्तर्गत खाखलिया खेड़ा भील बस्ती में भाजपा कार्यकर्ता प्रचार कर रहे थे। इस दौरान राजनगर की तरफ से एक र्स्कोपियो गाड़ी आई जिसमें 4-5 कांगेस कार्यकर्ता सवार थे। भाजपा कार्यकर्ता कुंवारिया निवासी मुकेश शर्मा को गाड़ी में सवार लोगों के पास रूपये देख संदेह हुआ। इस पर वे गाड़ी के पास गये । दूसरी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी इसकी भनक लग गई थी जिस पर वे भी सावचेत हो गये। कुछ देर बाद दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं में वोट के लिये नोट बांटने की बात को लेकर जोरदार गहमा-गहमी हो गई। इसकी सूचना पर कुवारियां थानाधिकारी गोपाल चन्देल भी घटनास्थल पहुंच गये। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली जिसमें काफी मात्रा में रूपये पाये गये। पुलिस ने गाड़ी व नोट जब्त कर अग्रिम जांच शुरू कर दी।इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता मुकेश शर्मा ने कांग्रेस के सलीम खान, शफी मोहम्मद सहित 4-5 जनों के खिलाफ बस्ती में वोट के लिये नोट बांटने का आरोप लगाते हुये मुकदमा दर्ज कराया।राजसमंद डिप्टी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है तथा नोट कितने है उनकी गिनती जारी है।


कई वरिष्ठ नेताओं के लबोलुआब पर यह बात निकलती है कि राजनीति गंदी है इसमें जाने वाला दल-दल में फंसता जाता है और इससे पल्ला झाड़ना ही ठीक रहता है लेकिन यह कितना सही है? राजनीति गंदी नहीं है बल्कि इसे गंदा बनाया गया है। राजनीति को लक्ष्य बनाया गया मात्र सत्ता प्राप्त करने को। कुर्सी के लिए नेता किसी का भी अहित कर सकते है या भुजबल और बाहुबल से युक्त लोगों की मक्खन पॉलीस करते नजर आएंगे। ऐसे में सबसे यादा अहित होता है उस मतदाता का जिसने कितनी उम्मीद से उस व्यक्ति को चुना जो उसे एक विकासशील अर्थव्यवस्था, शांतिपूर्ण माहौल दे सके। यहां चाणक्य की राजनीति की बात करना भी जरूरी समझता हूं जिसने चंद्रगुप्त को नंद वंश के उन्नमूलन के लिए इसलिए तैयार किया था ताकि जनता को एक अत्याचारी और दुष्ट शासक से छुटकारा मिल सके और जनता को सुरक्षा व स्वाभिमानपूर्ण जिंदगी बसर करने में कोई परेशानी नहीं हो। जनता वह घटना अब तक नहीं भूली जब संसद में उदयपुर संभाग के सांसद महावीर भगोरा सहित तीन सांसदों ने संसद में नोटों से भरे बैग रखे। बकौल महावीर भगोरा और अन्य सांसद कांग्रेस ने संसद में विश्वास मत हासिल करने के लिए उन्हें नोट दिए। यदि राजनीतिज्ञों ने अपना यही दागनुमा चेहरा बार-बार मतदाताओं के सामने किया तो क्या मतदाता उन्हें माफ करेंगे। मुम्बई में हुई आतंकवादी घटना के बाद से जनता यह समझ चुकी है कि नेता सिर्फ सत्ता के लिए लड रहे है आतंकवाद और देश के अन्य गंभीर मुद्दों से उन्हें कोई लेना देना नहीं है।

Sunday, November 30, 2008

बडे साब और उनकी बेटी ने खुशी दी गरीब अनाथ बच्चों को

यह तो खबर थी कि जिले के बड़े साब आज उनके स्टे हॉम में आने वाले थे लेकिन यह सपने में भी नहीं सोचा था कि बड़े साब उनके साथ काफी देर तक बात करेंगे और उनके साथ आई गुड़िया उनके लिए ढेर सारे ईनाम लेकर आएंगी।सर्व शिक्षा अभियान के विकास खण्ड राजसमन्द की ओर से राजनगर में झुग्गी झोंपडी में रहने वाले व कचरा बिनने वाले बच्चांð के लिए चलाए जा रहे स्टे होम में रहने वाले अधिकांश बच्चों के होंठो पर यही बात थी। जिला कलक्टर नवीन जैन स्टे हॉम में अपनी पत्नी श्रीमती सुनीता जैन, पुत्री आकांक्षा के साथ पहुंचे। जिला कलक्टर जैन ने वहां बालकों से करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत की। नवीन जैन ने बच्चांð से जीवन में व्यवहारिकता व शिक्षा का परस्पर संबंध बताते हुए बच्चांð को जीवन में ईमानदार सच्चा व मेहनती होने की बात कहीं। जैन ने बच्चांð को शिक्षा के प्रति जागरूक होने व शारीरिक साफ-सफाई के प्रति ध्यान रखने के लिए कहा। जिला कलक्टर जैन की पुत्री आकांक्षा का जन्मदिन होने से उन्होने स्टे होम के सभी बच्चों के लिए नए कपड़े, स्कूल डेसे व पानी की केम्पर वितरित की। जैन ने बच्चों को जन्मदिन का मतलब भी समझाया। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक शंकर लाल सनाढय, खण्ड संदर्भ केन्द्र प्रभारी महेन्द्र सिंह झाला, संदर्भ व्यक्ति रूपेश पालीवाल भी मौजूद थे।व्यावहारिक ज्ञान देवे : जिला कलक्टर नवीन जैन ने विद्यालय के स्टाफ से अध्यापन के दौरान बच्चांð में व्यवहारिक ज्ञान देने की बात पर जोर दिया ताकि ये बच्चे अपने साथ-साथ अपने घर वालें का भी ध्यान रख सके। उन्होने विद्यालय भवन का अवलोकन किया। बच्चांð के बैठने की जगह, खाना बनाने वाली जगह, पढाई का कमरा व स्टेशनरी का अवलोकन किया। उन्होने स्टाफ को निर्देशित किया कि हर माह के एक गुरूवार को यहां केन्द्र पर नाई बुलाकर इनके बाल कटवाए जावें व इन्हें साफ-सफाई से रहना सिखाया जाए।पुलिस बनने वाले के साथ मैं हूं : जिला कलक्टर नवीन जैन ने स्टे होम के बच्चों से बातचीत के दौरान पूछा कि कौन-कौन पुलिस बनना चाहता है तो मौजूद बच्चों में से दस ने हाथ खड़े किए। उन्होने चुटकी लेते हुए कहा कि जो बच्चे पुलिस बनना चाहते है मेरी तरफ से उन्हें पूरा सहयोग दूंगा।