मंगलूर के पब में लड़कियों के साथ बदसलूकी के विरोध में ब्लॉगर्स के प्रमोद मुतालिक ऐंड पार्ट ी को गुलाबी चड्डियां गिफ्ट करने के अभियान का संगठन ने जवाब देने का मन बनाया है। श्रीराम सेना के मुखिया प्रमोद मुतालिक ने हमारे सहयोगी अखबार बैंगलोर मिरर से बातचीत में कहा कि उन्होंने गुलाबी चड्डियां भेजने वाली लड़कियों को गुलाबी साड़ियां देने का फैसला किया है। बेलगाम से फोन पर बातचीत में मुतालिक ने कहा, ' हमारी संस्कृति में चड्डी गिफ्ट करने का चलन नहीं है। हम लोग तहजीब के साथ उन्हें साड़ियां भेंट करेंगे। ' मुतालिक ने कहा कि, ' वैलन्टाइंस डे पर हमारे आदमी लड़के-लड़कियों पर नजर रखेंगे। जो वैलन्टाइंस डे मनाएंगे उन्हें हमारी तरफ से तोहफे के लिए तैयार रहना चाहिए। वैलन्टाइंस डे मनाना हिंदुओं की संस्कृति में नहीं है। मैं प्रेमियों का विरोध नहीं करता लेकिन इसका एक तरीका है। यदि आप किसी से प्यार करते हैं तो उससे शादी करें। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है और इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं। हम वैलन्टाइंस डे के खिलाफ जागरुकता लाने की कोशिश कर रहे हैं और इसमें सफल भी हुए हैं। यह लोगों के ऊपर है कि वे विदेशी संस्कृति के पीछे भागते हैं या भारतीय संस्कृति को मानते हैं। '
Tuesday, February 10, 2009
श्रीराम सेना को गुलाबी चढ्ढी का उपहार भेजने का निर्णय
मंगलौर के एक बार में शराब पीने वाली महिलाओं पर हमला करने के विरोध में कुछ लोगों के एक समूह ने दक्षिणपंथी श्रीराम सेना को गुलाबी चढ्ढी का उपहार भेजने का निर्णय किया है।
कुछ पुरुषों समेत पाँच हज़ार लोगों से ज़्यादा लोगों ने फ़ेसबुक पर एक गुट बनाया है जिसे उन्होंने 'पब-गोइंग, लूज़ एंड फ़ॉरवर्ड वूमन' का नाम दिया है। इस समूह के लोगों का कहना है कि वह 14 फ़रवरी को वेलेंटाइन डे के दिन श्रीराम सेना को गुलाबी चढ्ढी उपहार स्वरूप भेजेंगे। श्रीराम सेना पर पिछले महीने मंगलौर में एक बार पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। श्रीराम सेना का नेतृत्व करने वाले प्रमोद मुतालिक ने कहा कि भारत में महिलाओं का बार में जाकर शराब पीने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रमोद मलिक को मंगलौर में हुए हमले के बाद ग़िरफ़्तार कर लिया गया था, बाद में ज़मानत पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि शनिवार को वेलेंटाइड डे को मनाने का भी उनके समर्थक विरोध करेंगे। पब जाने वाली महिलाओं का संघ फ़ेसबुक पर पिछले बृहस्पतिवार को बना था। गुट ने वेलेंटाइन डे पर महिलाओं को नज़दीकी पब जाकर एक ड्रिंक पीने की भी सलाह दी है। इस गुट की प्रवक्ता निशा सूज़न ने बीबीसी से कहा कि उनका समूह चढ्ढी भेंट करने जा रहा है। उन्होंने एक प्रमुख दक्षिणपंथी गुट का हवाला दिया जिनके खाकी निक्कर पहनने वाले कार्यकर्ताओं को अक्सर चढ्ढीवाला कहा जाता है। उन्होंने कहा, "हमने गुलाबी रंग इसलिए चुना क्योंकि यह शोख रंग है।"
निशा ने कहा कि उनका समूह देश भर से क़रीब 500 गुलाबी चढ्ढियाँ एकत्र करेगा और उन्हें हुबली स्थित मुतालिक के दफ़्तर भेज देगा।उन्होने बताया, "हमारे पास दो ही विकल्प थे। या तो राम सेना के कामों की अनदेखी करें या उसका जवाब दें। हमने इसका जवाब देना तय किया। यह ऐसा जवाब है जिसे वे कतई पसंद नहीं करेंगे।" इस समूह ने लोगों से देश भर में स्थित उनके संग्रह केंद्रों पर डाक से या निजी तौर पर चढ्ढी भेजने को कहा है। इस समूह के इस क़दम के बारे में राम सेना ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।मंगलौर में पिछले महीने हुए हमले को कुछ टीवी चैनलों ने कैमरे में क़ैद किया था और उसे प्रसारित भी किया गया था। बहुत से लोग इस फ़ुटेज को देखकर अचंभित रह गए थे। टीवी में दिखाया गया था कि कुछ महिलाओं को पकड़ कर पुरुष पीट रहे हैं। जो महिलाएं नीचे गिर गईं थीं, उन्हें पुरुष पैरों से मार रहे थे।
इस मामले में मुतालिक समेत 33 लोगों को ग़िरफ़्तार किया गया था। महिलाओं के समूहों ने ख़ासतौर पर इस कृत्य की निंदा की थी। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने इस कृत्य को तालेबानी व्यवहार की संज्ञा दी थी। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने भी हमला करने वाले संगठन से दूरी बना ली है। पार्टी ने कहा है कि उसका श्रीराम सेना से कुछ लेना देना नहीं है। बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह दक्षिणपंथी गुट जिसके कुछ तार भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, भारत के अनेक हिस्सों में सक्रिय है। यह गुट समय समय पर वेलेंटाइन डे के अलावा मुस्लिम और ईसाइयों पर भी निशाना साधता रहा है।
कुछ पुरुषों समेत पाँच हज़ार लोगों से ज़्यादा लोगों ने फ़ेसबुक पर एक गुट बनाया है जिसे उन्होंने 'पब-गोइंग, लूज़ एंड फ़ॉरवर्ड वूमन' का नाम दिया है। इस समूह के लोगों का कहना है कि वह 14 फ़रवरी को वेलेंटाइन डे के दिन श्रीराम सेना को गुलाबी चढ्ढी उपहार स्वरूप भेजेंगे। श्रीराम सेना पर पिछले महीने मंगलौर में एक बार पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। श्रीराम सेना का नेतृत्व करने वाले प्रमोद मुतालिक ने कहा कि भारत में महिलाओं का बार में जाकर शराब पीने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रमोद मलिक को मंगलौर में हुए हमले के बाद ग़िरफ़्तार कर लिया गया था, बाद में ज़मानत पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि शनिवार को वेलेंटाइड डे को मनाने का भी उनके समर्थक विरोध करेंगे। पब जाने वाली महिलाओं का संघ फ़ेसबुक पर पिछले बृहस्पतिवार को बना था। गुट ने वेलेंटाइन डे पर महिलाओं को नज़दीकी पब जाकर एक ड्रिंक पीने की भी सलाह दी है। इस गुट की प्रवक्ता निशा सूज़न ने बीबीसी से कहा कि उनका समूह चढ्ढी भेंट करने जा रहा है। उन्होंने एक प्रमुख दक्षिणपंथी गुट का हवाला दिया जिनके खाकी निक्कर पहनने वाले कार्यकर्ताओं को अक्सर चढ्ढीवाला कहा जाता है। उन्होंने कहा, "हमने गुलाबी रंग इसलिए चुना क्योंकि यह शोख रंग है।"
निशा ने कहा कि उनका समूह देश भर से क़रीब 500 गुलाबी चढ्ढियाँ एकत्र करेगा और उन्हें हुबली स्थित मुतालिक के दफ़्तर भेज देगा।उन्होने बताया, "हमारे पास दो ही विकल्प थे। या तो राम सेना के कामों की अनदेखी करें या उसका जवाब दें। हमने इसका जवाब देना तय किया। यह ऐसा जवाब है जिसे वे कतई पसंद नहीं करेंगे।" इस समूह ने लोगों से देश भर में स्थित उनके संग्रह केंद्रों पर डाक से या निजी तौर पर चढ्ढी भेजने को कहा है। इस समूह के इस क़दम के बारे में राम सेना ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।मंगलौर में पिछले महीने हुए हमले को कुछ टीवी चैनलों ने कैमरे में क़ैद किया था और उसे प्रसारित भी किया गया था। बहुत से लोग इस फ़ुटेज को देखकर अचंभित रह गए थे। टीवी में दिखाया गया था कि कुछ महिलाओं को पकड़ कर पुरुष पीट रहे हैं। जो महिलाएं नीचे गिर गईं थीं, उन्हें पुरुष पैरों से मार रहे थे।
इस मामले में मुतालिक समेत 33 लोगों को ग़िरफ़्तार किया गया था। महिलाओं के समूहों ने ख़ासतौर पर इस कृत्य की निंदा की थी। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने इस कृत्य को तालेबानी व्यवहार की संज्ञा दी थी। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने भी हमला करने वाले संगठन से दूरी बना ली है। पार्टी ने कहा है कि उसका श्रीराम सेना से कुछ लेना देना नहीं है। बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह दक्षिणपंथी गुट जिसके कुछ तार भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, भारत के अनेक हिस्सों में सक्रिय है। यह गुट समय समय पर वेलेंटाइन डे के अलावा मुस्लिम और ईसाइयों पर भी निशाना साधता रहा है।
Monday, February 9, 2009
आत्मघाती हमलावर ने धमाका कर दिया कई लोग हताहत
श्रीलंकाई सेना का कहना है कि एलटीटीई की एक महिला आत्मघाती हमलावर ने एक संघर्ष प्रभावित इलाक़े में धमाका कर दिया जिसमें कई लोग हताहत हुए हैं। एक सैन्य प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि संघर्ष प्रभावित एक इलाक़े को छोड़ कर जब आम नागरिक वहाँ से भाग रहे थे तब उनके साथ साथ चल रही एक महिला आत्मघाती हमलावर ने धमाका कर दिया। सैन्य प्रवक्ता का कहना है कि इस धमाके में कई सैनिक मारे गए हैं और कम से कम 60 लोग घायल हुए हैं।श्रीलंकाई सरकार का कहना है कि तमिल विद्रोहियों के कब्ज़े वाले उत्तरी इलाक़े से पिछले कुछ दिनों से हज़ारों आम नागरिक भाग रहे हैं। श्रीलंका में इन दिनों सेना और स्वायत्तता की मांग कर रहे तमिल विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष छिड़ा हुआ है। ताज़ा सशस्त्र अभियान में तमिल विद्रोहियों को काफ़ी नुकसान भी हुआ है। लगभग ढाई दशक से तमिल विद्रोही अलग राष्ट्र की मांग को लेकर सशस्त्र लड़ाई लड़ रहे हैं और इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कम से कम 70 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं। कुछ मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सेना और एलटीटीई के बीच संघर्ष में पिछले कुछ दिनों के दौरान सैकड़ों आम नागरिक मारे गए हैं और लाखों अन्य संघर्ष वाले इलाक़े में फँसे हुए हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टल गया
मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टल गया
मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। प्रेजिडंट प्रतिभा देवी पाटिल के तीन हेलिकॉप्टरों का एक काफिला अचानक 150 यात्रियों को ले जा रहे इंडियन एयरलाइंस के प्लेन IC 866 के सामने आ गया। प्लेन बस कुछ ही सेकंड्स में टेक ऑफ करने वाला था। पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगाकर किसी तरह प्लेन को रोका। जानकारी के मुताबिक प्रेजिडंट प्रतिभा देवी पाटिल, महाराष्ट्र के राज्यपाल ए सी जमीर और कुछ अन्य वीआईपी लोगों को ले जा रहे तीन हेलीकाप्टरों ने मुंबई के नौसैनिक अड्डे कुंजली से उड़ान भरी थी। तीनों हेलिकॉप्टर हवाई अड्डे की ओर चल पड़े। वहां से प्रेज़िडंट को एक समारोह में भाग लेने के लिए वायुसेना के विशेष विमान से गोंदिया जाना था। मुंबई हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे वायुसेना का विशेष हेलिकाप्टर उसी रनवे पर उतर गया, जहां से एयर इंडिया के प्लेन आईसी 866 को दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। प्लेन में 150 पैसिंजर थे। अधिकारी ने बताया कि एयर इंडिया का प्लेन रनवे के नजदीक पहुंचने ही वाला था कि तभी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने हेलिकॉप्टर के बारे में पाइलट को जानकारी दी। प्लेन को रोकने के लिए पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगा दिए। इसे प्लेन के टायर फट गए। हालांकि आधिकारियों का कहना है कि प्रेजिडंट उस हेलिकॉप्टर में सवार नहीं थीं। प्लेन में सवार एक यात्री ने बताया कि प्लेन के उड़ान भरने में कुछ ही सेकंड बाकी थे, तभी प्लेन के ऊपर से एक हेलिकॉप्टर गुजरा। उसने बताया कि हेलिकॉप्टर को बाकी यात्रियों ने भी देखा। हेलिकॉप्टर पर राष्ट्रीय ध्वज बना था। उसने बताया कि प्लेन को रोकने के लिए पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगाए। NBT
मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। प्रेजिडंट प्रतिभा देवी पाटिल के तीन हेलिकॉप्टरों का एक काफिला अचानक 150 यात्रियों को ले जा रहे इंडियन एयरलाइंस के प्लेन IC 866 के सामने आ गया। प्लेन बस कुछ ही सेकंड्स में टेक ऑफ करने वाला था। पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगाकर किसी तरह प्लेन को रोका। जानकारी के मुताबिक प्रेजिडंट प्रतिभा देवी पाटिल, महाराष्ट्र के राज्यपाल ए सी जमीर और कुछ अन्य वीआईपी लोगों को ले जा रहे तीन हेलीकाप्टरों ने मुंबई के नौसैनिक अड्डे कुंजली से उड़ान भरी थी। तीनों हेलिकॉप्टर हवाई अड्डे की ओर चल पड़े। वहां से प्रेज़िडंट को एक समारोह में भाग लेने के लिए वायुसेना के विशेष विमान से गोंदिया जाना था। मुंबई हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे वायुसेना का विशेष हेलिकाप्टर उसी रनवे पर उतर गया, जहां से एयर इंडिया के प्लेन आईसी 866 को दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। प्लेन में 150 पैसिंजर थे। अधिकारी ने बताया कि एयर इंडिया का प्लेन रनवे के नजदीक पहुंचने ही वाला था कि तभी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने हेलिकॉप्टर के बारे में पाइलट को जानकारी दी। प्लेन को रोकने के लिए पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगा दिए। इसे प्लेन के टायर फट गए। हालांकि आधिकारियों का कहना है कि प्रेजिडंट उस हेलिकॉप्टर में सवार नहीं थीं। प्लेन में सवार एक यात्री ने बताया कि प्लेन के उड़ान भरने में कुछ ही सेकंड बाकी थे, तभी प्लेन के ऊपर से एक हेलिकॉप्टर गुजरा। उसने बताया कि हेलिकॉप्टर को बाकी यात्रियों ने भी देखा। हेलिकॉप्टर पर राष्ट्रीय ध्वज बना था। उसने बताया कि प्लेन को रोकने के लिए पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगाए। NBT
पुलिस स्टेशन का काम करेगा कंप्यूटर प्रोग्रैम
क्या आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं, लेकिन पुलिस स्टेशन जाने से डरते हैं? अब घबराने की बात नहीं है, क्योंकि सरकार ऐसा कंप्यूटर प्रोग्रैम तैयार करा रही है, जो पुलिस स्टेशन का काम करेगा। इसके जरिये कोई भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। इतना ही नहीं, वह केस की जांच में हुई प्रगति के बारे में भी जान सकता है। चार्जशीट फाइल हुई या नहीं, यह भी जाना जा सकता है। गृह मंत्रालय की एक अधिकारी के मुताबिक, क्राइम एंड क्रिमिनल नेटवर्क सिस्टम में आम नागरिक अपनी शिकायतें ऑनलाइन रजिस्टर्ड करा सकेगा। जो भी शिकायत दर्ज होगी, उसकी सूचना पुलिस स्टेशन से जिला स्तर तक भेजी जाएगी। जिला स्तर से राज्य स्तर तक और फिर राज्य स्तर से केंद्र स्तर तक भेजे जाने की योजना है। नए सिस्टम को गृह मंत्रालय ने पिछले साल ही सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इस पर 2,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। गृह मंत्रालय इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दे रहा है। 2010 के अंत तक इसके लागू कर दिए जाने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट के अमल में शामिल गृह मंत्रालय की अधिकारी ने कहा कि हम जल्द से जल्द सभी थानों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी मुहैया कराना चाहते हैं। गृह मंत्रालय मेगा सिटी पुलिस सिस्टम नाम की महत्वाकांक्षी योजना पर भी काम कर रहा है। इस सिस्टम का मकसद लोकल पुलिस को दुनिया के किसी भी सुरक्षा बल की तरह सक्षम और हथियारों से लैस बनाना है।
Saturday, February 7, 2009
राजसमन्द के विद्यालयों में बांट दी अष्लील पुस्तकें
राजसमन्द। महाभारत युद्ध में अभिमन्यु महारथियों से घिरे होने के बावजूद युद्ध करता रहा और आखिरकार मारा गया। पृथ्वीराज चैहान ने 16 बार मुहम्मद गौरी को हराया और 17 वीं बार हार गया। फ्रांस का सम्राट नेपोलियन जिसके “ाब्द कोश में असंभव “ाब्द नहीं था वह भी हार गया इत्यादि इत्यादि।
इतिहास के उक्त पात्रों की हार और मृत्यु के पीछे इतिहासकारों के अपने-अपने मत रहे है लेकिन देष के ख्यातनाम संत आसाराम के सान्निध्य में संचालित योग वेदांत सेवा समिति की ओर से प्रकाषित योग वेदांत सेवा समिति की ओर से प्रकाषित युवा धन सुरक्षा यौवन सुरक्षा एवं योगयात्रा-4 का समुच्चय पुस्तक में उक्त पात्रों के हार या मृत्यु का मूल कारण हार-मृत्यु से पूर्व उनका वीर्य क्षरण करने को माना गया है। इस पुस्तक में और भी दृश्टांत है जिनके पात्रों के पराजित होने के पीछे मूल मंतव्य ब्रह्मचर्य के क्षरण को होना माना गया।
अमूमन योग वेदांत सेवा समिति मोबाइल पुस्तकालय के जरिए अपनी पुस्तकों का प्रचार-प्रसार एवं विक्रय करती है लेकिन समिति से जुडे कार्यकर्ताओं ने हद तब कर दी जब ऐसी पुस्तकें राजसमन्द जिले के विद्यालयों में लेकर पहुंच गए और छात्रों को इस पुस्तक में वर्णित तुलसी एक अद्भुत औषधि, महामृत्युंजय मंत्र, आसाराम बापू की योगयात्रा के नाम पर गुमराह कर उन्हें सात रुपए अंकित मूल्य की बजाय तीन-तीन रुपए में ऐसी पुस्तक बेच दी।
फरारा विद्यालय में हुआ वाकया ः राजसमंद जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर फरारा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार दिन में योग वेदांत समिति के चार-पांच कार्यकर्ता आए और उन्होंने षिक्षकों एवं संस्था प्रधान की मौजूदगी में युवाधन सुरक्षा नामक पुस्तके तीन-तीन रुपए में बेच दी। बेचने के बाद भी कार्यकर्ता इस पुस्तक की काफी प्रतियां विद्यालय में ही रख कर चले गए। किताबे खरीदने के दौरान विद्यार्थियों एवं षिक्षकों ने यही महसूस किया कि इसमें संत आसाराम के प्रवचन है लेकिन कुछ ही देर बाद जब उन्होंने विस्तृत अध्ययन “ाुरू किया तो उन्हें लगा कि बाजार में बिकने वाले अष्लील साहित्य और इसमें ज्यादा फर्क नहीं है।
यह है इस किताब में ः युवा धन सुरक्षा पुस्तक के पृष्ठ संख्या दो पर वीर्यवान बनो नामक दोहे है। उसके बाद पृष्ठ 46 तक अध्यायवार यौवन सुरक्षा, वीर्यरक्षा के उपाय, वीर्य रक्षण की महत्ता, हमारे अनुभव, ब्रह्मचर्य ही जीवन है आदि का समावेष है।
विद्यालयों में ऐसी पुस्तकों की बिक्री नहीं हो ः जागरूक षिक्षक एवं अभिभावकों के अनुसार पुस्तक के मुख पृष्ठ पर महापुरूशों एवं भगवान का चित्र छापकर अंदर अष्लील बातों का समावेष कर बेचना गलत है। कम से कम विद्यालयों में ऐसी पुस्तकों की बिक्री नहीं होनी चाहिए। कानून की नजर में ः अधिवक्ता नीलेष पालीवाल ने उक्त पुस्तक का अवलोकन कर बताया कि पुस्तक प्रथम दृष्टया अष्लीलता की श्रेणी में है और भारतीय दण्ड संहिता की धारा 292 के तहत आपराधिक कृत्य है। पालीवाल के अनुसार विद्यालयी पाठ्यक्रमों में यौन षिक्षा लागू की जाए या नहीं यह मुद्दा विचाराधीन है। इसके बावजूद धर्म की आड में इस प्रकार की पुस्तकें विद्यालयों में वितरित करना नैतिकता नहीं है।
इतिहास के उक्त पात्रों की हार और मृत्यु के पीछे इतिहासकारों के अपने-अपने मत रहे है लेकिन देष के ख्यातनाम संत आसाराम के सान्निध्य में संचालित योग वेदांत सेवा समिति की ओर से प्रकाषित योग वेदांत सेवा समिति की ओर से प्रकाषित युवा धन सुरक्षा यौवन सुरक्षा एवं योगयात्रा-4 का समुच्चय पुस्तक में उक्त पात्रों के हार या मृत्यु का मूल कारण हार-मृत्यु से पूर्व उनका वीर्य क्षरण करने को माना गया है। इस पुस्तक में और भी दृश्टांत है जिनके पात्रों के पराजित होने के पीछे मूल मंतव्य ब्रह्मचर्य के क्षरण को होना माना गया।
अमूमन योग वेदांत सेवा समिति मोबाइल पुस्तकालय के जरिए अपनी पुस्तकों का प्रचार-प्रसार एवं विक्रय करती है लेकिन समिति से जुडे कार्यकर्ताओं ने हद तब कर दी जब ऐसी पुस्तकें राजसमन्द जिले के विद्यालयों में लेकर पहुंच गए और छात्रों को इस पुस्तक में वर्णित तुलसी एक अद्भुत औषधि, महामृत्युंजय मंत्र, आसाराम बापू की योगयात्रा के नाम पर गुमराह कर उन्हें सात रुपए अंकित मूल्य की बजाय तीन-तीन रुपए में ऐसी पुस्तक बेच दी।
फरारा विद्यालय में हुआ वाकया ः राजसमंद जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर फरारा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार दिन में योग वेदांत समिति के चार-पांच कार्यकर्ता आए और उन्होंने षिक्षकों एवं संस्था प्रधान की मौजूदगी में युवाधन सुरक्षा नामक पुस्तके तीन-तीन रुपए में बेच दी। बेचने के बाद भी कार्यकर्ता इस पुस्तक की काफी प्रतियां विद्यालय में ही रख कर चले गए। किताबे खरीदने के दौरान विद्यार्थियों एवं षिक्षकों ने यही महसूस किया कि इसमें संत आसाराम के प्रवचन है लेकिन कुछ ही देर बाद जब उन्होंने विस्तृत अध्ययन “ाुरू किया तो उन्हें लगा कि बाजार में बिकने वाले अष्लील साहित्य और इसमें ज्यादा फर्क नहीं है।
यह है इस किताब में ः युवा धन सुरक्षा पुस्तक के पृष्ठ संख्या दो पर वीर्यवान बनो नामक दोहे है। उसके बाद पृष्ठ 46 तक अध्यायवार यौवन सुरक्षा, वीर्यरक्षा के उपाय, वीर्य रक्षण की महत्ता, हमारे अनुभव, ब्रह्मचर्य ही जीवन है आदि का समावेष है।
विद्यालयों में ऐसी पुस्तकों की बिक्री नहीं हो ः जागरूक षिक्षक एवं अभिभावकों के अनुसार पुस्तक के मुख पृष्ठ पर महापुरूशों एवं भगवान का चित्र छापकर अंदर अष्लील बातों का समावेष कर बेचना गलत है। कम से कम विद्यालयों में ऐसी पुस्तकों की बिक्री नहीं होनी चाहिए। कानून की नजर में ः अधिवक्ता नीलेष पालीवाल ने उक्त पुस्तक का अवलोकन कर बताया कि पुस्तक प्रथम दृष्टया अष्लीलता की श्रेणी में है और भारतीय दण्ड संहिता की धारा 292 के तहत आपराधिक कृत्य है। पालीवाल के अनुसार विद्यालयी पाठ्यक्रमों में यौन षिक्षा लागू की जाए या नहीं यह मुद्दा विचाराधीन है। इसके बावजूद धर्म की आड में इस प्रकार की पुस्तकें विद्यालयों में वितरित करना नैतिकता नहीं है।
Friday, February 6, 2009
मंदी का असर वाल स्ट्रट के पत्रकारों पर भी
आर्थिक मंदी से अब तक अप्रभावित अमेरिका के दैनिक अखबार वाल स्ट्रीट जर्नल ने भी करीब दो दर्जन पत्रकारों की नौकरी खत्म करने का फैसला किया है। अखबार की मूल कंपनी डाउ जोंस एंड कंपनी के प्रवक्ता राबर्ट क्रिस्टी के अनुसार जर्नल अपने रिपोर्टिग एवं डेस्क के पत्रकारों की संख्या कम करेगा। जर्नल के प्रबंध संपादक राबर्ट थामसन ने कहा कि 11 संवाददाताओं ने पहले ही नौकरी छोड़ दी है लेकिन अब 14 और नौकरियों को खत्म किया जाएगा। थामसन ने कहा कि अखबार के न्यूयार्क स्थित फैशन एंड रिटेल गु्रप को बंद कर दिया जाएगा और कुछ संवाददाताओं एवं संपादकों को अन्य ब्यूरो में स्थानांतरित किया जाएगा। लास ऐंजलीस तथा बोस्टन ब्यूरो में भी कुछ नौकरियां खत्म की जाएंगी। थामसन ने कहा कि डाउ जोंस के न्यूज वायर्स में नौकरियों में कटौती नहीं की जाएगी।
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