Thursday, April 2, 2009

अश्लीलता का व्यवहार

इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में रैगिंग का मामला सामने आया है। बाताया जा रहा है कि यहां के एमबीए के होस्टल में जूनियर स्टूडेंट के साथ सीनियर्स ने अश्लीलता का व्यवहार किया। पीड़ित छात्र ने बताया कि सीनियर्स ने नंगा कर उससे कहा कि विभिन्न अश्लील मुद्राएं करके दिखाएं। कथित तौर पर सीनियर्स ने उसे लगभग 1 से 2 घंटे प्रताड़ित करते रहे।
शिकायत के मुताबिक 31 मार्च की रात आईआईपीएस होस्टल में जूनियर छात्र यादवेन्द्र सिंह सोलंकी को 5 सीनियर स्टूडंट्स ने कथित तौर पर कपड़े उतारकर अश्लील हरकतें करने को कहा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए 5 स्टूडंट्स को सस्पेंड कर दिया है। उधर, पुलिस ने इन स्टूडंट्स के खिलाफ मारपीट और अश्लील हरकत करने का मामला दर्ज किया है। फिलहाल इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार डीएवीवी के इंटरनैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईआईपीएस) के होस्टल का है। यह कदम एमबीए के दूसरे सेमेस्टर के स्टूडंट यादवेंद्र सिंह सोलंकी की शिकायत पर हुई जांच के बाद उठाया गया।

2 हजार साल पहले सिरपुर में ढलती थीं चूड़ियां

औद्योगिक नगर की प्रतिष्ठा शरभपुरिया और पांडूवंशीय काल में सिरपुर का वैभव एक महान राजधानी के तौर पर था लेकिन हाल में मिले साक्ष्यों से इस बात की पुष्टि हो गई है कि इससे पहले भी इसकी ख्याति औद्योगिक उत्पादनों के लिए थी। सातवाहनों का प्रभुत्व इस नगर पर तीसरी सदी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी तक रहा।
इन दिनों सिरपुर में शहर संरचना के टीला क्रमांक 30 में खुदाई चल रही है। उत्खनन के निदेशक डा. अरुण शर्मा ने बताया कि वहां पानी के बड़े कुंड के पास एक कमरा मिला है। इसमें सोने के गहने और कांच की चूड़ियों की ढलाई होती थी। 10 सेमी लंबा और ढाई सेमी चौड़ा स्लेटी प्रस्तर खंड पर एक ऐसा सांचा मिला है जिसमें बारीक नक्काशीदार आकृतियां हैं।
सिरपुर की प्राचीन राजधानी के वैभव के साथ औद्योगिक छवि उभरने लगी है। वहां से सोने के गहने और कांच की चूड़ियां ढालने की फैक्ट्री मिली हैं, जिसे दो हजार वर्ष पहले की सातवाहन काल का बताया जाता है।

सोने को गलाने के बाद इसमें डाला जाता था। आम और कई आकर्षक आकृतियों में गहनों की ढलाई कर ली जाती। गहने ही नहीं यहां बनाई जाने वाली कांच की चूड़ियों की मांग देश के कई हिस्सो में होती थी।
इसी कमरे से एक किलो मिट्टी से ज्यादा की आकृतियां टूटी-फूटी हालत में मिली हैं। पुराविदों का दावा है कि इनका इस्तेमाल कांच की चूड़ियां ढालने में होता था। सोने-चांदी और कांच का सामान पिघलाने में इस्तेमाल होने वाले मिट्टी के पात्र भी पाए गए हैं। इससे निष्कर्ष निकाला गया है कि वहां कारखाना काफी समृद्ध था। बड़े पैमाने पर गहने और कांच की चूड़ियों का उत्पादन कर इनका गुजरात, उड़ीसा समेत देश के कई हिस्सों में व्यापार होता था। BHASKAR

बंद होगा टीवी शो 'लाइट'

गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में शुमार और 72 सालों तक ऐतिहासिक टेलिकास्ट के बाद सीबीएस का लोकप्रिय टीवी शो 'लाइट' इस साल 18 सितंबर के बाद टीवी पर नहीं नजर आएगा। अर्थव्यवस्था और टीवी दर्शकों की बदलती पसंद का शिकार बने इस टीवी शो का अंतिम टेलिकास्ट 18 सितंबर को होगा। गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स ने इसे विश्व के सबसे लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिकों में शुमार किया है। 25 जनवरी 1935 को पंद्रह मिनट के सीरियल के रूप में एनबीसी रेडियो पर टेलिकास्ट शुरू हुआ और वर्ष 1952 में सीबीएस टीवी पर इसका टेलिकास्ट पहली बार किया गया। शो दो काल्पनिक शहरों स्प्रिंगफील्ड और स्पाओल्डिंग के लेविस और कूपर परिवारों पर केंद्रित है। सोप ओपेरा डाइजेस्ट के एडिटोरियल डाइरेक्टर लिन लीहे ने कहा- सभी के लिए यह पहला सीरियल था। कई प्राइम टाइम टीवी शो आए और गए लेकिन 'लाइट' लोगों के जीवन में बना रहा।

अवैध संबंध का विरोध करने पर पत्नी, बेटी को जिंदा जलाया

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बहलोलपुर गांव निवासी योगेन्द्र मल्ली ने अवैध संबंध का विरोध करने पर अपनी पत्नी और एक वर्षीय पुत्री को मंगलवार की देर रात जिंदा जलाकर मार डाला। इस घटना में उसका 2 वर्षीय पुत्र करण बुरी तरह जल गया। एसपी उमेश कुमार ने बुधवार को बताया कि बीती रात योगेन्द्र की पत्नी भागमुनी अपने बच्चों के साथ सो रही थी। इसी बीच उसने उन पर मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगा दी, जिसमें उसकी पत्नी और पुत्री सोनी की मौत हो गई, जबकि पुत्र करण बुरी तरह जल गया। उन्होंने बताया कि योगेन्द्र का पिपरा थाना क्षेत्र की एक महिला के साथ अवैध संबंध था, जिसका उसकी पत्नी अक्सर विरोध करती थी और इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा मंगलवार को भी हुआ था, जिसके बाद रात में उसने इस घटना को अंजाम दिया। एसपी ने बताया कि मृतक के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि घायल बच्चे को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद से योगेन्द्र फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा छापामारी की जा रही है।

Wednesday, April 1, 2009

वाघमारे को ज़ेड लेवल सिक्यूरिटी

मुंबई पर हमला करने वालों में जिंदा पकड़े गए आतंकी मोहम्मद आमिर अजमल कसाब की वकील अंजलि वाघमारे को ज़ेड लेवल सिक्यूरिटी दी जाएगी। अंजलि की सिक्यूरिटी बढ़ाने का आदेश कोर्ट ने दिया है। गौरतलब है कि कसाब का केस लड़ने से खफा कुछ हिंदूवादी संगठनों के वर्कर्स ने अंजलि के वर्ली कैम्प स्थित घर पर हमला किया था। कोर्ट ने माना कि अंजलि की जान को खतरा है। इसके बाद उनकी सिक्यूरिटी बढ़ाने के आदेश दिए गए। अंजलि को एक बुलेटप्रूफ और दो पायलट गाड़ियां मिलेंगी। गौरतलब है इस हमले के बाद अंजलि ने एक बार तो दबाव में आकर प्रदर्शनकारियों को लिखकर दिया था कि वह इस केस को नहीं लड़ेंगी। हालांकि सुबह उन्होंने कसाब के केस को लड़ने की बात दोहराई थी।

भारतीय मूल डॉक्टर यौन शोषण का दोषी

भारतीय मूल के एक डॉक्टर को लंदन महिला मरीजों के साथ यौन शोषण का दोषी पाया गया है। डॉक्टर को जेल की सजा हो सकती है। राजिंदर अग्रवाल (54) को दिसंबर 2006 से जनवरी 2007 के बीच पूर्वी लंदन के होमर्टन अस्पताल और साउथ ऑकैंडन के अवेले मेडिकल सेंटर में दो महिलाओं के साथ यौन शोषण का दोषी पाया गया है। अग्रवाल पर इंग्लैंड में अपनी सेवा देने पर प्रतिबंध भी लग सकता है। इंग्लैंड में डॉक्टरों की संस्था जनरल मेडिकल काउंसिल ने अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया है। अग्रवाल ने एक दिसंबर, 2006 को अवीले मेडिकल सेंटर में और फिर होमर्टन अस्पताल में महिलाओं का यौन शोषण किया।

टीवी पत्रकारों को नोटिस

मुम्बई क्राइम ब्रांच ने 26/11 मामले में अब मुम्बई के टीवी पत्रकारों को नोटिस भेजा है और उनसे क्राइम ब्रांच के सामने हाजिर होने को कहा गया है। पत्रकारों को यह नोटिस उस सीडी के संबंध में दिया गया है, जो वायरलेस पर कुछ पुलिस अधिकारियों से बातचीत से संबंधित थी। खास बात यह है कि नोटिस में कहा गया है कि टीवी पत्रकारों ने जो सीडी 1 दिसंबर को दिखाई थी, उसे उन्हें किसने दिया? पर कुछ टीवी पत्रकारों का कहना है कि यह सीडी उन्होंने 1 दिसंबर को दिखाई ही नहीं, बल्कि 7 दिसंबर को दिखाई थी और वह भी तब जब एक डीसीपी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्हें सीडी दी थीं। यहां बताना जरूरी है कि मुम्बई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अफिसियल सीक्रेट ऐक्ट के तहत आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया हुआ है और इस संबंध में कंट्रोल रूम से जुड़े तमाम अधिकारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।