Monday, July 13, 2009

'अमेरिका में पढ़ाया जाना चाहिए दास प्रथा का इतिहास'

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि दासप्रथा अमेरिकी इतिहास का भयानक हिस्सा रहा है और इसे उद्देश्यपूर्ण तरीके से पढ़ाया जाना चाहिए। ओबामा ने दासप्रथा की तुलना हॉलोकास्ट के इतिहास से की। उन्होंने कहा कि दोनों इतिहास के भयावह सच हैं लेकिन इसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास से मिले सबक को भूलना नहीं चाहिए। रूस, इटली और घाना की यात्रा के बाद ओबामा वॉशिंगटन पहुंचे। उप सहारा अफ्रीका की यह उनकी पहली यात्रा थी।

Saturday, July 4, 2009

इंग्लैंड के न्यू कैसल इलाके का नेकेड ऑफिस

इंग्लैंड के न्यू कैसल इलाके का एक ऑफिस इन दिनों सुर्खियों में है। दरअसल बात भी कुछ ऐसी ही है। मंदी के दौर में जब ऑफिस का काम कुछ कम हुआ, तो डिजाइन एंड मार्केटिंग कंपनी में लोगों ने जो किया वह किसी आश्चर्य से कम नहीं। यहां के स्टाफ ऑफिस पहुंचते ही नंगे हो जाते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करना बेहतर काम करने में फायदेमंद साबित हो रहा है। मंदी की वजह से कंपनी को छह कर्मचारियों का निकालना पड़ा था, इसके बाद उत्पादकता बढ़ाने के लिए कंपनी ने बिजनेस साइकोलॉजिस्ट डेविड टेलर को हायर किया। डेविड ने सबसे पहले नेकेड डे फ्राइडे तय किया। उस दिन पूरा आठ-दस लोगों का स्टाफ ऑफिस में बिना कपड़ों के ही हो गया। डेविड ने कभी भी नेकेड शब्द को इस्तेमाल ही नहीं किया, उन्होंने बस यह कहा कि इससे हम एक साथ और अच्छा काम कर सकते हैं। जैसे ही परिणाम अच्छे मिले तो कंपनी के भविष्य को देखते हुए इसे पूरी तरह से शुरू कर दिया गया। 23 साल की फ्रंट ऑफिस मैनिजर सैम जैक्सन ने कहती हैं अब हम चूंकि एक-दूसरे के सामने बिना कपड़ों के हो गए हैं तो हमारी झिझक खत्म हो गई है और हम पहले से बेहतर काम कर रहे हैं। हम इससे पहले एक-दूसरे के इतने नजदीक कभी नहीं आए थे। सैम ने भी पूरी तरह से कपड़े उतार दिए थे। यह सब होते हुए कई फ्राइडे बीत चुके हैं। स्टाफ का कहना है कि अब उनकी झिझक खत्म हो गई है। वे अपने शरीर को अधिक अच्छी तरह देख पाए हैं और चाहे कोई छोटा हो या बड़ा, सभी को पता चला कि वह कितना खूबसूरत है। स्टाफ के अनुसार इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती यह भी रही कि इस बीच किसी के मन में भी सेक्स की भावना नहीं आई। इस बात की भनक मिलने के बाद वन ऑफ टीवी चैनल ने इसकी फिल्म भी बनाई है और इसे 9 जुलाई को नेकेड ऑफिस के नाम से प्रसारित भी किया जाएगा।

दूल्हा नहीं, दुलहन चढ़ती है घोड़ी

आमतौर पर परंपरा यही है कि दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन के घर बारात लेकर पहुंचता है। पर एक गांव ऐसा भी है, जहां इसके ठीक उलट होता है। यानी दुल्हन घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर वर के घर पहुंचती है। यूपी के रायबरेली जिले का जहांगीराबाद गांव इस अनोखी परंपरा का सालों से साक्षी रहा है। यहां दूल्हा दुल्हन के बारात लेकर आने का इंतजार करता है, जब कि दुल्हन पगड़ी पहनकर सफेद घोड़ी पर बैठती है। हाल ही में अपनी बेटी के हाथ पीले करने वाले यहां के निवासी शिवकुमार ने बताया कि यह एक अनूठी परंपरा है जिसे गांव के लोग जातियों के बंधन से ऊपर उठकर निभाते हैं। जब मेरी 21 साल की बेटी मंजू की शादी हुई तो वह सफेद घोड़ी पर बैठकर अपनी बारात के साथ नजदीकी गांव उमराय गई। इसी गांव में दूल्हे का घर है। इस परंपरा पर अटूट श्रद्धा रखने वाले गांव के निवासी यह तो नहीं जानते कि यह परंपरा कब से शुरू हुई पर इनका मानना है कि अगर लड़कियां इस परंपरा को नहीं निभातीं तो उनका शादीशुदा जीवन खतरे में पड़ जाता है। या फिर उन्हें कोई गंभीर बीमारी जकड़ लेती है। यहां की निवासी बिंदाई कहती हैं कि गांव में कई बार ऐसा हुआ कि लड़कियों ने शादी के वक्त इस परंपरा को नहीं निभाया। ऐसे मामलों में या तो पति-पत्नी के रिश्तों में दरार आ गई या फिर लड़की व लड़का दोनों गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए। इस गांव में दुल्हन जब घोड़ी पर सवार होकर दूल्हे के घर के लिए निकलती है तो पहले उसे यहां के विभिन्न मंदिरों में जाकर दर्शन करना होता है। स्थानीय निवासी पूरन कहते हैं कि लड़की शादी के मौके पर विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती है। इस गांव की आबादी 3,500 से ज्यादा है और यहां ज्यादातर लोग किसान हैं।

सौ लीटर खून दान कर चुकी हैं ग्रैंड मां

90 साल की मार्गरेट डेल्फिनो, जो अमेरिका के कैलिफोर्निया की रहने वाली हैं। खासियत यह है कि उन पर ब्लड डोनेट करने का एक जुनून-सा सवार रहता है। वह अब तक 25 गैलन (करीब 100 लीटर) खून दान कर चुकी हैं। पिछले गुरुवार को इस दादी अम्मा ने 200वीं बार रक्त दान किया। एक आदमी के शरीर में औसतन जितना खून होता है, वह अब तक उससे 20 गुना खून दे चुकी हैं। वह ऐसा क्यों करती हैं। इसपर उनका जवाब है, 'यह कुछ लोगों के लिए जिंदगी और मौत के बीच का फासला है। मगर हमें और ब्लड डोनर की जरूरत है।' ऐसा नहीं है कि वह अकेले ही ब्लड देकर चली जाती हैं। वह अपने परिवार के सदस्यों को भी साथ लेकर आती हैं। गुरुवार को भी जब वह हाउचिन ब्लड बैंक आईं तो वह अपने साथ अपने भतीजे-भतीजियों और फैमिली के दूसरे लोगों को साथ लेकर आई थीं। उन सबने मार्गरेट के साथ ही ब्लड डोनेट किया। उनकी भतीजी मैरी बैटे ने कहा, 'अगर आप नियमित रूप से ब्लड डोनेट नहीं करते हो तो वह आपको बुलाकर कहेंगी।' भतीजे रैंडी जैल्मिनी ने भी कहा, 'लोगों से मन मुताबिक काम कराने का उनका अपना ही तरीका है।' परिवार के सदस्य उनके आग्रह को टाल नहीं पाते हैं। हाउचिन ब्लड बैंक के चीफ इग्जेक्युटिव ग्रेग गैलियन ने कहा कि कई साल पहले मैडम मार्गरेट को कैंसर हो गया था। इस दौरान पांच साल तक उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर रक्त दान नहीं किया। मगर तब भी उन्हें अपने कैंसर से ज्यादा चिंता इस बात की रहती थी कि वह ब्लड डोनेट नहीं कर पा रही हैं। इसलिए जैसे ही उन्हें पहला मौका हाथ लगा, उन्होंने तुरंत खून दिया। उनका गजब का कमिटमंट है।

गर्लफ्रेंड का अश्लील एमएमएस

पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में 12वीं में पढ़ रहे एक लड़के द्वारा उसी के ही स्कूल में 11वीं में पढ़ रही अपनी गर्लफ्रेंड का अश्लील एमएमएस बनाए जाने की चर्चा है। यही नहीं उसने उसकी सीडी भी बनाई। पूरे इलाके में इस एमएमएस और सीडी की खूब चर्चा है। पीड़ित लड़की के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने लड़के को अरेस्ट कर लिया है। पंचकूला जिले के सकेतड़ी गांव का रहने वाला राहुल एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है। उसके गांव की एक लड़की भी इसी स्कूल में पढ़ती है। मामले की जांच कर रहे ऑफिसर बलजीत सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम को लड़की के परिजनों ने इसकी शिकायत की। 18 साल के राहुल ने कबूल किया है कि उसने एमएमएस बनाया है। उधर, मनसा देवी पुलिस चौकी में राहुल ने बताया कि हम दोनों 29 मई को चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित एक होटल में गए थे। इसी दौरान मैंने एमएमएस बनाया था। यह एमएमएस मेरे मोबाइल के डाटा कार्ड में था। मेरे घर पर एक कंप्यूटर है। एक दिन मेरा दोस्त आया और गाना लोड करने को कहा। मैंने कहा, यह कंप्यूटर में नहीं है। अलबत्ता, मेरे मोबाइल के डाटा कार्ड में है। उसने कहा, डाटा कार्ड मुझे दे दो, मैं लोड करके वापस कर दूंगा। वह डाटा कार्ड मुझे दे गया। उसके बाद अब चर्चा फैली है कि एमएमएस और सीडी घूम रही है। मैंने सीडी नहीं बनाई। यह सीडी या तो मेरे दोस्त ने बनाई है या किसी और ने। उधर, लड़की के परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने लड़की से पूछा तो उसने बताया कि राहुल ने उसे धमकी दी थी कि अगर किसी को बताया को जान से मार दूंगा।

पत्रकार को लूटने वाले गिरफ्तार

नवी मुम्बई क्राइम ब्रांच ने पिछले हफ्ते सीबीडी बेलापुर में एक मराठी अखबार के सहायक संपादक को लूटने वाले एक गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। नवी मुम्बई क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर अविनाश धर्माधिकारी ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम दीपक दुडाने, अशोक गौडा और मूर्ति गौडा बताए हैं। इन तीनों ने सहायक संपादक को लिफ्ट देकर 26 जून को अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। सहायक संपादक को बेलापुर से ठाणे जाना था। बीच रास्ते में तीनों लुटेरों ने पाम बीच के पास सहायक संपादक से कैश, मोबाइल और गले की चेन खींच ली थी। इसी तरह की एक और घटना में कुछ महीने पहले तीनों ने एक साफ्टवेयर इंजीनियर मदन शाह को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देकर लूट लिया था। पुलिस के अनुसार इस लूटपाट के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी दीपक की थी।

बापू के आश्रम में काला जादू

आसाराम बापू के आश्रम में दो लड़कों की पिछले साल रहस्यमय तरीके से हुई मौत की जांच कर रहे राज्य सीआईडी (अपराध) ने कहा है कि आश्रम के भीतर काला जादू किया जाता रहा होगा। यह खुलासा आसाराम बापू की गुरुकुल में पढ़ाई कर रहे दीपेश और अभिषेक वाघेला नाम के दो छात्रों की रहस्यमय तरीके से हुई मौत के एक साल बाद किया गया है। गुजरात उच्च न्यायालय में जांच एजेंसी की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि आश्रम के कुछ शिष्य इस बारे में जानते थे और वे इस सूचना को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। अदालत में दायर हलफनामे में इस मामले के जांच अधिकारी एच. बी. राजपूत ने कहा कि तीन छात्रों के लाई डिटेक्शन टेस्ट के बाद एजेंसी इस नतीजे पर पहुंची। इन शिष्यों के नाम मिनकेतन पात्र, विकास खेमका और उयर संघानी हैं। जब दोनों छात्रों की रहस्यमय तरीके से मौत हुई तो वे आश्रम में उपस्थित थे। राजपूत ने दोनों मृत लड़कों के पिता की ओर से दाखिल याचिका के जवाब में ये बातें कही हैं। याचिका में लड़कों के पिता ने कहा था कि सीआईडी (अपराध) को दोनों की मौत की वजह के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इसलिए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जानी चाहिए। इन दोनों लड़कों का शव साबरमती नदी के तट से उनके लापता होने के दो दिन बाद मिला था. मामले की अगली सुनवाई न्यायमूर्ति एच.एन. देवनी 15 जुलाई को करेंगे। सीआईडी :अपराध: ने अब तक दोनों लड़कों की मौत के मामले में किसी व्यक्ति को अभियुक्त के तौर पर नामित नहीं किया है, लेकिन राजपूत ने अपने हलफनामे में सीबीआई जांच की मांग पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सीआईडी मामले में विस्तार से जांच कर रही है।