Friday, August 7, 2009

बच्चे रेडियो से सीखेंगे अंग्रेजी

इंगलिश मीडियम की तरह सरकारी स्कूलों में हिन्दी मिडियम के बच्चे भी अब पहली कक्षा से ही अंग्रेजी बोलना सीखने लगेंगे। राज्य की प्रारंभिक शिक्षा में अध्ययनरत बच्चों को आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले परस्पर संवाद कार्यक्रम के तहत रेडियो पर अंग्रेजी सिखाई जाएगी। प्रदेश के चार संभागों की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में एक सितंबर से रेडियो पर अंग्रेजी के पाठ शुरू होंगे।

पहली से चौथी कक्षा तक के बच्चों के लिए 120 लेसन तैयार किए गए हैं। कक्षा के अनुसार निर्धारित दिनों में इनका प्रसारण दोपहर में 12 से 12.30 बजे तक आधे घंटे के लिए आकाशवाणी से किया जाएगा। राज्य के शिक्षा विभाग और बेंगलूर के एज्युकेशन डवलपमेंट सेंटर के तत्वावधान में चलाए जाने वाले इस कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रारंभिक शिक्षा परिषद के तहत किया जाएगा।

इसके लिए संभाग मुख्यालयों पर सात और आठ अगस्त को दो दिवसीय संभागीय प्रशिक्षण शिविर रखे गए हैं। बीकानेर में यह शिविर राजकीय गंगा बाल उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किया जाएगा, जिसमें चूरू संभाग के 62 शिक्षक भाग लेंगे। इनमें बीकानेर, झुंझुनूं और श्रीगंगानगर के 14-14, चूरू 11 व नौ शिक्षक हनुमानगढ़ के शामिल हैं।

भरतपुर संभाग मुख्यालय पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर में 84, जोधपुर में 73 तथा उदयपुर संभाग के चित्तौड़गढ़ में आयोजित शिविर में 97 शिक्षक भाग लेंगे। इन शिक्षकों को रिसोर्स पर्सन नाम दिया गया है। कार्यक्रम में दक्ष सेवानिवृत्त या सेवारत व्याख्याता इन शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे, जिन्हें केआरपी नाम दिया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने स्कूलों में पहली कक्षा से ही अंग्रेजी अनिवार्य कर दी है।

इसे ध्यान में रखते हुए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को आकाशवाणी के जरिये अंग्रेजी सिखाने का यह तरीका अपनाया जा रहा है। पिछले वर्ष यह कार्यक्रम प्रदेश के 11 जिलों में शुरू किया गया था। अब इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है।

आकाशवाणी से परस्पर संवाद कार्यक्रम के प्रसारण का समय दोपहर 12 से 12.30 बजे का रहता है। वर्तमान में दोपहर 12 बजे स्कूलों की छुट्टी हो जाती है। एक सितंबर से स्कूलों का समय बदलेगा। इसे ध्यान में रखते हुए यह कोर्स इसी तिथि से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले परस्पर संवाद कार्यक्रम के तहत कक्षा पहली से चौथी तक के बच्चों को अंग्रेजी सिखाई जाएगी। इसके लिए रिसोर्स पर्सन तैयार किए जा रहे हैं। सात और आठ अगस्त को उनका दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर रखा गया है।

प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने हमें जयपुर में दो दिन की ट्रेनिंग दी थी। इस प्रकार के कार्यक्रमों से सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही बच्चों का बौद्धिक स्तर ऊंचा होगा। - वीरेन्द्र यादव, रिटार्यड व्याख्याता, (केआरपी)

सीखेंगे शब्दों का उच्चरण

परस्पर संवाद कार्यक्रम के तहत पहली से चौथी कक्षा के बच्चों को अंग्रेजी के शब्दों का उच्चरण और अंग्रेजी के वाक्यों को समझना सिखाया जाएगा। इसके लिए ऐसे वरिष्ठ अध्यापकों का चयन किया गया है, जिनकी अंग्रेजी में अच्छी पकड़ है। केआरपी इन शिक्षकों को दो दिन की ट्रेनिंग देंगे। उसके बाद यह शिक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।

प्रशिक्षण का यह कार्यक्रम 31 अगस्त तक चलेगा। उसके बाद एक सितंबर से रेडियो पर बच्चों को अंग्रेजी सिखाने का काम शुरू हो जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने इसके लिए 120 लेसन तैयार किए हैं। यह लेसन सभी स्कूलों में भेजे जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी का स्तर काफी खराब है। हालात यह है कि बच्चे शुद्ध हिन्दी तक नहीं लिख पाते। उन्हें अंग्रेजी के अक्षरों तक का ज्ञान नहीं है। इस प्रकार के कार्यक्रम से बच्चों को अंग्रेजी सिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

रणबीर की मां ने कहा, दोषियों का भी हो एनकाउंटर

देहरादून में हुए रणबीर के एनकाउंटर को सीबीआई ने फर्जी करार दिया है। इसके बाद परिवारवाले थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। अब उन्हें यकीन है कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। बेटे की मौत को एक महीना गुजरने के बाद भी रणबीर की मां सुदेश की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह कहती हैं कि मेरे निर्दोष बेटे को मारने वाले पुलिसकर्मियों का भी वैसा ही एनकाउंटर होना चाहिए। उसी दिन मुझे शांति मिलेगी। सुदेश कहती हैं कि अगर उनका बेटा अपराधी होता तो वे खुद उसे पुलिस के पास लेकर जातीं। उन्होंने बताया कि उनके पति खुद सेना से रिटायर हुए हैं। एक फौजी का बेटा अपराधी हो ही नहीं सकता। इंदिरापुरम नीतिखंड में रहने वाले रिटायर्ड सूबेदार रविंद्र सिंह का बेटा रणबीर एमबीए पास था और देहरादून के एक प्राइवट बैंक में जॉब करने गया था। 3 जुलाई को
देहरादून पुलिस ने रविंद्र पाल सिंह को रणबीर के मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना दी। पुलिस ने बताया कि रणबीर और उसके साथी एक इंस्पेक्टर की रिवॉल्वर लूटकर चोरी की बाइक पर भाग रहे थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी। पुलिस के इस दावे को रणबीर के परिवार वालों ने फर्जी करार दिया था। मामला मीडिया में आने के बाद इसकी सीबीआई जांच बैठाई गई थी। जांच में सीबीआई ने माना कि एनकाउंटर फर्जी था। रणबीर को निकट से गोली मारी गई थी। उसके शरीर पर 12 गोलियों के निशान के अलावा 26 चोटों के निशान भी थे। इनसे लगता है कि रणबीर को मारने से पहले बुरी तरह पीटा गया था।

हरियाणा में प्रेमी युगल की हत्या

हरियाणा में प्रेमी युगल की हत्या के मामले थम नहीं रहे हैं। इस कड़ी में एक और प्रेमी युगल को मौत के घाट उतार दिया गया। नया मामला गांव बलंभा का है। यहां की रानी (14) व अनिल (20) की हत्या रक्षाबंधन वाली रात प्रेम प्रसंग के शक पर की गई। दोनों की हत्या का आरोप रानी के परिजनों पर है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रामकुमार, जसबीर, सुरेंद्र व सुखबीर को हत्या के आरोप में, मोनू व बिमला को शव खुर्द-बुर्द करने और षड्यंत्र में शामिल होने के मामले में सत्यवान को गिरफ्तार किया है। अनिल का शव सुबह 5:30 बजे बलंभा पशु अस्पताल के पास महम-बेरी रोड पर मिला, जबकि रानी की अंत्येष्टि परिजनों ने तड़के 4:30 बजे ही कर दी। पुलिस ने उसके अधजले शव को कब्जे में ले लिया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद अनिल की अंत्येष्टि कर दी गई। रामकुमार की बेटी रानी बीते साल सातवीं में फेल हो गई थी। इस साल फिर से उसका दाखिला कराया था। अनिल के 12वीं पास करने के बाद परिजन पॉलिटेक्निक में उसके दाखिले की तैयारी कर रहे थे।रानी के परिजनों ने दोनों को बुधवार रात को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दोनों की हत्या रानी के घर में की गई। इससे पहले रानी की जमकर पिटाई की गई और बाद में कपड़े से उसका गला घोंट दिया गया। अनिल का शव अर्धनग्न हालत में मिला था। उसके शरीर पर भी चोट के निशान थे।जाति और गोत्र एकअनिल व रानी एक ही जाति और गोत्र के थे। दोनों परिवारों का आपस में मेलजोल था। बुधवार शाम को अनिल अपने घर हो रहे सत्संग में रानी के मां-बाप को बुलाने के लिए कई बार उसके घर गया था। अनिल के जसबीर ने अपने बयान में कहा है कि रात करीब 10 बजे रानी का भाई मोनू, जसबीर व सोमबीर उसे बुलाकर ले गए थे। तलाश करने पर वह नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था।

अजमल कसाब जेल में नौटंकी कर रहा है

जेल अधिकारियों ने गुरुवार को विशेष अदालत में शिकायत दर्ज कराई है कि कसाब ने जेल का खाना खाने से इनकार कर दिया है। उसने यह कहते हुए प्लेट फेंक दी कि ' मैं मटन बिरयानी खाना चाहता हूं। ' जज एम . एल . तहलियानी ने कसाब के खराब रवैये के लिए उसे फटकार लगाई और चेतावनी दी कि सही तरह से व्यवहार करे , नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कसाब ने बुधवार को खाना खाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कोर्ट के सामने यह बात लाई गई है। जेल के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि कसाब को वही भोजन दिया गया था , जो अन्य कैदियों को दिया गया। जब तहलियानी ने कसाब से पूछा कि क्या उसने जेल स्टाफ के साथ खराब व्यवहार किया , तो उसने कहा , ' जी हुजूर ' ।
सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कसाब की आलोचना करते हुए कहा कि वह जब - तब खराब रवैया अपना रहा है। हमने कुछ जगह ये खबर पढ़ी कि रक्षा बंधन के दिन कसाब ने अदालत की कार्यवाही के बाद अपने वकील से कहा कि क्या मुझे कोई राखी नहीं बांधेगा। निकम ने कहा कि यह बात जानबूझकर मीडिया में पहुंचाई गई है , ताकि कसाब को जनता की सहानुभूति मिले। अजमल कसाब जेल में जिस तरह की नौटंकी कर रहा है , उससे यह साफ है कि उसको भी मालूम है कि भारत का तंत्र कितना लचर है। एक आतंकवादी ने पूरे सिस्टम का मजाक बना के रखा हुआ है। तीन महीने बाद मुंबई हमले का एक साल पूरा हो जाएगा। लेकिन कसाब का मुकदमा कब तक खिंचता रहेगा , कोई नहीं जानता। मुंबई हमले के बाद आम जनता और कई बु्द्धिजीवियों ने ऐसी घटनाओं के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और मुकदमा पूरा करने की समयसीमा तय करने की मांग की थी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। होना तो यह चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के एक या दो जजों की एक स्पेशल कोर्ट बनाकर ऐसे मामलों को जल्द से जल्द खत्म करना चाहिए और इस कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार भी नहीं होना चाहिए। दर्जनों लोगों और कैमरों के सामने कत्ल - ए - आम करने वाले को कानूनी दांवपेच का बहाना बनाकर जनता की भावना का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। क्या आप भी हमारी बात से सहमत हैं।

Thursday, August 6, 2009

मुंबई ब्लास्ट मामले में सजा 6 को

मुंबई में 2003 में हुए जावेरी बाजार और गेटवे ऑफ इंडिया ब्लास्ट मामले में शामिल तीन आरोपियों को आज यानी 6 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। मुंबई की स्पेशल पोटा कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जावेरी बाजार और गेटवे ऑफ इंडिया पर हुए दो धमाकों का दोषी करार दिया था। कोर्ट ने अशरफ अंसारी, हनीफ सैयद और हनीफ की बीबी फहमीदा सैयद को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने इन्ही तीनों को 25 अगस्त 2003 को जावेरी बाजार और गेटवे ऑफ इंडिया पर हुए दो जबर्दस्त धमाके को अंजाम देने के लिए दोषी पाया। इन धमाकों में 54 लोगों की मौत हो गई थी और 180 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

लड़कियों को घूरने में बिता देता है जिंदगी का एक साल

एक औसत आदमी दिन में 10 लड़कियों को घूरता है और ऐसा करने में वह 43 मिनट समय देता है। एक ब्रिटिश रिसर्च के मुताबिक आदमी औसतन जिंदगी का एक साल लड़कियों को घूरने में बिता देता है। जहां तक औरतों का सवाल है वह दिन में छह मर्दों को निहारने में 20 मिनट खर्च करती है। इस तरह औरतों की जिंदगी के छह महीने मर्दों को घूरने में ही निकल जाते हैं। पोल करने वाली संस्था कोडेक लेंस विजन के मार्क आयरलैंड का कहना है, 'मर्द औरतों के बट को घूरने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि वह इसमें कितना समय देते हैं। ऑपजिट सेक्स को घूरने में एक साल लगाना काफी लंबा समय लगता है।'
रिसर्चरों ने इस सर्वे को करते वक्त यह माना है कि लोग 18 से 50 की उम्र तक ही ऑपजिट सेक्स के लोग को घूरते हैं। पोल में भाग लेने वाले 3000 लोगों ने माना कि जब उन्हें कोई टकटकी लगा के घूरा जाता है तो अच्छा लगता है, जबकि 16 महिलाओं ने कहा कि इससे वह असहज हो जाती है। 20 प्रतिशत महिलाओं का कहना था कि इससे वे शरमा जाती हैं। महिलाओं का कहना है कि वह सबसे पहले मर्दों की आखों में देखती हैं, जबकि पुरुषों का कहना है कि वह महिलाओं की फिगर को निहारते हैं।

हर 17 दिन में जा रही है एक जान

हरियाणा के अमलोह गांव के लोगों के चेहरे पर मौत का खौफ साफ पढ़ा जा सकता है। लोग इतने घबराए हुए हैं कि उन्होंने शराब व मांस-मच्छी क्या सेक्स करना तक छोड़ दिया है। वजह? वजह यह है कि इस गांव में पिछले चार महीने से हर 17 दिन में एक आदमी की मौत हो रही है। यमुनानगर जिले के अमलोह गांव की आबादी 600 है। चार महीने पहले गांव में सबकुछ नॉर्मल था। लेकिन फिर अचानक 13 मई को गांव के रुलिया राम अपने बिस्तर पर मृत मिले। गांव वालों के लिए यह सामान्य घटना थी।...लेकिन मौत का यह सिलसिला बड़े अजीब तरीके से आगे बढ़ा। गांव में पिछले 4 महीने से हर 17 दिन में एक आदमी की मौत हो रही है। गांव के सरपंच कुलदीप कहते हैं कि आज यानी गुरुवार को फिर 17वां दिन है। लोग सहमे हुए हैं कि आज किसका नंबर है। कुलदीप कहते हैं कि दुनिया भले ही इस पर यकीन न करे, लेकिन हम पिछले चार महीने में अपने 5 लोगों को खो चुके हैं। वह संदेह जताते हैं कि जरूर गांव के खेड़ा देवता को किसी ने नाराज कर दिया है। इससे पूरा गांव मुसीबत में फंस गया है। उन्होंने बताया कि रुलिया राम के बाद हर 17 दिन में सीमा देवी, राहुल (22), धर्मपाल, रमन पाल (19) की मौत हो चुकी है।