Wednesday, August 19, 2009

टीचर दिखाता था अश्लील तस्वीरें, पिटाई से हुआ अधमरा

रोहतक जिले के बनियानी गांव में बुधवार को एक सरकारी स्कूल में अश्लील फोटो दिखाने वाले टीचर को गांववालों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस छुड़ाने गई तो गांववालों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिप्सी जला दी और वाहन तोड़ दिए। बचाव में पुलिस ने फायरिंग की, जिससे तीन युवक घायल हो गए। वहीं, पथराव से एक दर्जन पुलिसवाले भी घायल हो गए। पुलिस ने आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही कई गांववालों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। सरकारी स्कूल की लड़कियों ने अपने परिजनों को शिकायत की थी कि कंप्यूटर टीचर विनय क्लास के दौरान अश्लील फोटो दिखाता है। इसकी जांच करने के लिए बुधवार सुबह गांव के सरपंच राज कुमार स्कूल पहुंचे। सरपंच ने टीचर को अश्लील फोटो के साथ पकड़ लिया। लड़कियां भी क्लास में थीं। इस पर गांववालों ने आरोपी टीचर को पीटना शुरू कर दिया।
स्कूल हेडमास्टर ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। करीब 10 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। तनाव बढ़ता देख स्कूल से स्टूडेंट्स को घर भेज दिया गया। इस दौरान गांववाले आरोपी टीचर को पीटते रहे। पुलिस के समझाने पर भी गांववाले नहीं माने। रोहतक के एसपी अनिल राव और डीसी पी. सी. मीणा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी ने बताया कि पुलिस ने किसी तरह टीचर को छुड़वाकर स्कूल में ही एक कमरे में बंद कर दिया। इस पर गांववालों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ ने पुलिस की जिप्सी में आग लगा दी और पुलिस के वाहनों को तोड़ना शुरू कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन गांववाले पीछे हटने को तैयार नहीं थे। तब पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इससे छतों पर बैठे दो युवकों को गोली लगी। उधर, गांववालों ने बताया कि पुलिस फायरिंग से तीन युवक प्रदीप, प्रवीण और शक्ति घायल हुए हैं। उन्हें पीजीआई रोहतक में दाखिल कराया गया है।

इमरान खान और बेनजीर के बीच थे सेक्शुअल रिलेशन'

मशहूर क्रिकेटर इमरान खान की नई बायॉग्रफी ने पाकिस्तान में तहलका मचा दिया है। किताब में सनसनीखेज खुलासा करते हुए इमरान खान और पाकिस्तान की दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बीच 'बेहद अंतरंग संबंधों' का दावा किया गया है। बताया जाता है कि यह तब की बात है जब इमरान और बेनजीर ऑक्सफर्ड में पढ़ा करते थे। क्रिस्टोफर स्टैनफर्ड ने अपनी इस किताब में लिखा है कि बेनजीर भुट्टो इमरान खान से काफी प्रभावित थीं। ऑक्सफर्ड के दिनों में दोनों एक-दूसरे के 'बेहद करीब' थे। स्टैनफर्ड ने किताब में लिखा है कि दोनों के बीच सेक्शुअल रिलेशन की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता। किताब में यह भी खुलासा किया गया है कि इमरान की मां दोनों की शादी के लिए रजामंद थी और उन्होंने इसके लिए कोशिश भी की, लेकिन सफल न हो सकीं। स्टैनफर्ड ने इस किताब के लिए इमरान और उनकी पूर्व पत्नी जेमिमा से बात की। उन्होंने किताब में अपने सूत्रों के हवाले से कहा है कि भुट्टो 1975 में इमरान के करीब आईं। तब वह 21 साल की थी और सेकंड यिअर में पढ़ती थीं। उन्होंने कहा कि बेनजीर क्रिकेट में डेब्यू कर रहे इमरान की शख्सियत से बेहद आकर्षित थीं। संभवत बेनजीर ने ही पहली बार इमरान को 'लॉयन ऑफ लाहौर' कहा था। खान और भुट्टो के बीच सेक्शुअल रिलेशन की बात इसलिए भी पुख्ता होती है क्योंकि इमरान के बारे में उनके एक दोस्त का कॉमेन्ट था- 'खान हर किसी के साथ सोए थे।' इमरान खान का इनकार उधर इमरान ने बेनजीर के साथ सेक्शुअल रिलेशन की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मैंने इंटरव्यू तो दिया था, लेकिन बेनजीर से अंतरंग संबंध की बात पूरी तरह बकवास है। उन्होंने कहा कि बेनजीर से उनकी शादी के लिए उनकी मां की कोशिश वाली बात में भी कोई दम नहीं है।

Thursday, August 13, 2009

काउंटर पर हों सुंदर सेल्सगर्ल, तो कम हो सकती है बिक्री!

यूनिवसिर्टी ऑफ साउथ आस्ट्रेलिया (यूएसए) के एक ताजा सर्वेक्षण का निष्कर्ष यह है कि बिक्री के लिए काउंटर पर बहुत सुंदर लड़कियों (सेल्सगर्ल) को रखना भी दुकान के लिए नुकसानदेह हो सकता है। शोध के मुताबिक इसका कारण यह है कि महिलाएं उन दुकानों से सामान खरीदना पसंद नहीं करतीं, जहां की सेल्सगर्ल उनकी तुलना में ज्यादा युवा, सुंदर और आकर्षक दिखती हैं। सुंदर सेल्सगर्ल को काउंटर पर देखकर पुरुष खरीदार बेशक दुकान की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन ज्यादातर महिलाओं द्वारा उपेक्षित होने के कारण कई बार उस दुकान की बिक्री कम हो जाती है। इस संबंध में शोधकर्ता बिनाका प्राइस का कहना है कि महिलाओं में स्वाभाविक प्रतिस्पर्धा पाई जाती है। खरीददारी के लिए दुकान पर जाने वाली किसी महिला को लगता है कि काउंटर पर खड़ी सेल्सगर्ल सामाजिक दृष्टि से उससे बेहतर हैं तब वह उस दुकान से खरीददारी करना पसंद नहीं करेगी।
इस लिहाज से खुदरा जगत में महिलाओं की यह प्रतिक्रिया दुकान की बिक्री को सीमित कर सकती है। प्राइस इसके पीछे मनोवैज्ञानिक कारण देखती हैं। उनका मानना है कि जब कोई महिला यह देखती है कि काउंटर पर खड़ी सेल्सगर्ल उससे अधिक सुंदर, जवान और आकर्षक है तब उसे अंदर ही अंदर बेचैनी होने लगती है। साथ ही साथ उसका आत्मविश्वास भी नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में वह महिला उस दुकान की ओर रुख करना पसंद नहीं करेगी।

'नपुंसक' पति से मांगा एक करोड़ का गुजारा भत्ता

शादी के एक साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद एक 24 वर्षीय महिला ने अपने पति पर नपुंसक होने का आरोप लगाते हुए एक फैमिली कोर्ट में तलाक की गुहार लगाई है। महिला गुजारे भत्ते के रूप में एक करोड़ रुपये की मांग की है। महिला का दावा है कि उसने अपने सास ससुर के कहने पर नौकरी छोड दी। उसके अनुसार उससे यह बात छिपाई गई कि उसका पति नपुंसक है। महिला का कहना है कि उसके माता-पिता ने शादी में 11 लाख रुपये खर्च किये। इसके अलावा सोने-चांदी के गहने और घरेलू चीजें भी दहेज में दी गईं। महिला का यह भी आरोप है कि उसे दहेज के लिये पीड़ित किया गया। उसने कहा कि उसकी तकलीफ को धन से नहीं आंका जा सकता। उसने स्थायी गुजारे भत्ते के रूप में एक करोड़ रुपये की मांग करते हुए तलाक की गुहार अदालत में लगाई है।

Saturday, August 8, 2009

बैंक मैनिजर ने भेजे अश्लील ई-मेल, गिरफ्तार

मुम्बई क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने अश्लील ई-मेल भेजने के मामले में एचडीएफसी बैंक के मैनिजर देवेश साबू को गिरफ्तार किया है। देवेश को पकड़ने के लिए सीनियर इंस्पेक्टर मुकुंद पवार और सचिन कदम की टीम ने कई दिन तक चेन्नै में डेरा डाला था। देवेश पर आरोप है कि उसने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड, उसके परिवार और जिस परिवार में उस गर्लफ्रेंड की शादी तय हुई थी, वहां भी अश्लील ई-मेल किए। एडिशनल सीपी देवेन भारती के अनुसार देवेश की यह पूर्व गर्लफ्रेंड मुम्बई की रहने वाली है और एचडीएफसी की मुम्बई ब्रांच में काम करती है। दोनों के बीच काफी दिनों तक दोस्ती रही। इसके बाद देवेश ने लड़की को शादी के लिए प्रपोज किया, पर किसी कारण से लड़की वालों ने देवेश को रिजेक्ट कर दिया। देवेश ने इसे अपना अपमान समझा। क्राइम ब्रांच चीफ राकेश मारिया के अनुसार हालांकि देवेश और लड़की दोनों चेन्नै और मुम्बई की अलग-अलग ब्रांच में काम करते हैं, पर एक बार मुम्बई में हुई एक कांफ्रंस में दोनों की मुलाकात हुई और इसके बाद दोनों की दोस्ती शुरू हो गई। पर जब लड़की वालों ने देवेश के शादी के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया, तो बदला लेने के लिए देवेश ने चेन्नै के चार अलग-अलग साइबर कैफे से ई-मेल किया, पर जब लड़की के परिवार द्वारा इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई, तो मुम्बई साइबर सेल ने ई-मेल भेजने वाले का आईपी एड्रेस चेन्नै का लोकेट किया। इसके बाद जब साइबर सेल के अधिकारी चेन्नै गए, तो उन्हें सभी साइबर सेल के सीसीटीवी में देवेश के फुटेज मिल गए। इसके बाद देवेश को गिरफ्तार कर लिया गया। NBT

दलाई लामा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्रता पुरस्कार

तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा को नेशनल सिविल राइट्स म्यूजियम का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्रता पुरस्कार मिलेगा। दलाई लामा को यह पुरस्कार 23 सितंबर को मिलेगा। पुरस्कार की घोषणा करते हुए नैशनल सिविल राइट्स मूवमेंट बोर्ड के अध्यक्ष बेंजामिन एल. हुक्स ने दलाई लामा को मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन का जीता जागता उदाहरण बताया।

ई-मेल से जरा बच के

दुनियाभर में आई सूचना और संचार क्रांति से हमें अगर किसी चीज ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वे हैं मोबाइल फोन और इंटरनेट। इंटरनेट ने आपसी संपर्क और सूचना के आदान प्रदान के क्षेत्र में आमूलचूल तब्दीली लाने में काफी अहम भूमिका निभाई है।
इंटरनेट पर मौजूद 'सर्च इंजन' के अलावा 'ई-मेल' यानी इलेक्ट्रानिक मेल सेवा संचार क्रांति में खासी मददगार साबित हुई है। ई-मेल की मदद से दुनिया के किसी भी कोने में बैठे शख्स से हम बात कर सकते हैं। शर्त बस इतनी है कि वह शख्स इंटरनेट की सेवा से महरूम न हो।
'ई-मेल' के फायदे के बारे में साइबर मामलों के जाने माने विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने कहा कि 'ई-मेल' एक डिजिटल सेवा है जिसके इस्तेमाल से एक दूसरे के संपर्क में रहने के अलावा किसी चीज का प्रचार-प्रसार भी किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि ई-मेल के आविष्कार के पीछे मकसद दो या दो से अधिक लोगों के बीच सूचना का तेजी से आदान-प्रदान करना था, लेकिन अब इसका गलत इस्तेमाल भी धड़ल्ले से हो रहा है।
दुग्गल का कहना है कि ई मेल के जरिए जहां किसी की मानहानि हो सकती है वहीं, एनोनिमिर्टी यानी अपना असली नाम छुपाकर इसका दुरुपयोग भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कोई भी शख्स किसी के ई मेल आई डी यानी किसी अन्य की पहचान और पासवर्ड जानकर दूसरों को धमकी भरा संदेश भेज सकता है और इस मामले की जांच होने पर वह शख्स शक के दायरे में आएगा, जिसके ई मेल आई डी से धमकी दी गई।
साइबर क्राइम और खासतौर से ई मेल के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने भी कुछ कदम उठाए हैं। इस बारे में दिल्ली पुलिस के उपायुक्त शिवेश सिंह ने कहा कि हम अखबारों, टीवी चैनलों और अपनी वेबसाइट की मदद से लोगों को इस बात से वाकिफ करा रहे हैं कि कैसे सुरक्षित तरीके से ई-मेल का इस्तेमाल किया जाए। लोगों से काम खत्म होने के बाद सही तरीके से साइन आउट करने, किसी को भूलकर भी अपना पासवर्ड नहीं बताने की अपील की जाती है। उन्होंने कहा कि आतंकियों द्वारा भी ई मेल के गलत इस्तेमाल की बातें सामने आ चुकी हैं।
ब्लैकबेरी की मदद से गुप्त ई मेल भेजे जाने के बारे में सिंह ने बताया कि ब्लैकबेरी में एक खास कोड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कोई चाहकर भी किसी का संदेश नहीं पढ़ सकता और आतंकी इसका गलत फायदा उठाते हैं। Jagran