Saturday, January 31, 2009

पुराना पहनो तो ध्यान से नहीं तो पहुंच जाओगे हवालात में

पुराने वस्त्र अगर पहन रहे हो तो उसकी जेब जरूर तलाश कर लेवे क्यों हो सकता है कि उसमें ऐसे कोई चीज निकल जाए और आपकों जेल जाने की नौबत आ जाए। यही हुआ एक शख्स के साथ सात साल पहले शादी में सिलाए कोट ने राजस्थान के स्टूडंट को जेल पहुंचा दिया। रिपब्लिक डे परेड के एनक्लोजर में तलाशी के दौरान उसके कोट की जेब से जिंदा कारतूस मिला। युवक ने इस कोट को शादी के बाद अब दूसरी बार पहना था। 26 जनवरी की परेड में एनक्लोजर नंबर 22 पर पुलिसकर्मी दर्शकों की तलाशी ले रहे थे। राजस्थान के नागौर जिले का हनुमान राम (21) भी लाइन में लगा था। उसने कोट-पैंट पहना हुआ था। पुलिसकर्मी ने उसके कोट की ऊपरी जेब में हाथ डाला तो उसमें से .303 का जिंदा कारतूस निकला। यह कारतूस राइफल और देसी पिस्तौल में इस्तेमाल होता है। हनुमान राम की तलाशी में कोई पिस्तौल नहीं मिली। परेड में कारतूस मिलने से सन्न पुलिस हनुमान राम को बड़ी खामोशी से पार्लियामंट स्ट्रीट थाने ले गई। हनुमान ने पुलिस को बताया कि साल 2002 में उसकी शादी हुई थी। शादी के मौके पर उसके पिता ने उसके लिए कोट-पैंट सिलवाया था। शादी के बाद हनुमान ने अपनी पत्नी के कहने पर इस कोट-पैंट को ससुराल से आई गोदरेज की अलमारी में संभाल कर रख दिया था। हनुमान का चचेरा भाई फौज में है। इन दिनों उसकी तैनाती दिल्ली में है। उसने अपने पिता और हनुमान को 26 जनवरी की परेड दिखाने के लिए दिल्ली बुलाया था। हनुमान अपने चाचा के साथ कोट-पैंट पहनकर दिल्ली आया था। हनुमान ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी में यूपी से उसके दोस्त भी आए थे। उन्होंने उसके कोट के जेबों में कारतूस डाल दिए थे। बाकी जेबों से तो हनुमान ने तभी कारतूस निकाल दिए थे, लेकिन ऊपरी जेब में गोली रह गई थी। इसी गोली ने उसे अब फंसा दिया। हनुमान की शादी 14 साल की उम्र में ही हो गई थी। फिलहाल वह नागौर में एमए की पढ़ाई कर रहा है। हालांकि, पुलिस भी हनुमान से हमदर्दी जता रही थी, लेकिन 26 जनवरी का मामला होने की वजह से उसके खिलाफ आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस सात साल पहले शादी में यूपी से आए हनुमान के दोस्तों का सुराग लगा रही है।

लॉटरी खुलती देख लोटपोट नहीं जो जाएग सच्चाई का पता लगाए और रखे सावधानी

ईमेल पर यदि लॉटरी जीतने की सूचना आ रही है तो आप सतर्क हो जाईए क्योंकि यदि इन ईमेल की बिना सच्चाई जाने आपने रिप्लाई दिया तो निश्चित है कि आपकी जेब पर यह भारी पडेगा। इस तरह के ई - मेल अब बीते दिनों की बातें हो गई हैं। ई - मेल के जरिये फ्रॉड के अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिससे निपटने में सिक्युरिटी एक्सपर्ट भी नाकाम नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक कॉलेज स्टूडेंट के पास उसके दोस्त का मेल आया। मेल में इस स्टूडेंट के दोस्त ने कहा था कि उसका वॉलेट गुम हो गया है और उसे 1200 पाउंड (करीब 85 हजार रुपये) की सख्त जरूरत है। इस मेल में उस स्टूडेंट के दोस्त का डिजिटल सिग्नेचर भी था। पर जब स्टूडेंट ने दोस्त को फोन लगाया तो उसे पता चला कि उसके दोस्त ने ऐसा कोई मेल ही नहीं भेजा है। ई - मेल के जरिये इस तरह फ्रॉड की घटनाएं और ऐसी कोशिशें तेजी से बढ़ रही हैं। यदि आप सोचते हैं कि आप इसका शिकार नहीं हो सकते हैं, तो आप गलत हैं। आइए हम आपको बताते हैं वे 5 टिप्स जिसकी मदद से आप ई - मेल फ्रॉड से बच सकते हैं इस तरह के फ्रॉड से बचने का सबसे पहला और जरूरी उपाय यह है कि आप अपने ईमेल आईडी रखें। एक ऑफिशल और दूसरा पर्सनल। दोनों ही आईडी का पासवर्ड लंबा या बड़ा रखने की कोशिशि करें। पर ध्यान दें यदि आप यह सोचकर आसान पासवर्ड रखते हैं कि इसे आपको याद करने में आसानी होगी, तो आपके लिए खतरा भी है। साइबर हैकरों के निशाने पर सबसे ज्यादा आसान पासवर्ड ही होते हैं। पासवर्ड चुनते वक्त वर्ड और डिजिट का मिक्स हो काफी बढ़िया रहेगा। हां, पासवर्ड में अपना नाम, अपने पति/पत्नी का नाम, बच्चों का नाम, टेलिफोन नंबर और जन्मदिन का इस्तेमाल करने से हमेशा बचना चाहिए। यदि आपको इस तरह के ई - मेल मिलते हैं कि 'आपने 50 हजार डॉलर जीत लिया है'या फिर 'आपने अमेरिकी ट्रिप जीत ली है' तो सतर्क हो जाएं। जाहिर तौर पर इसके पीछे को छिपी हुई चाल होगी। इस तरह के ई - मेल को देखकर लालच में आने की जरूरत नहीं है। ये मेल आपको खतरनाक साइट की ओर ले जाएंगे। यदि आप ऐसे मेल के बहकावे में आ गए तो इससे आप या तो अनजाने में वायरस डाउनलोड कर लेंगे या फिर अपने कंप्यूटर को हैकरों के हवाले कर बैठेंगे। इतना ही नहीं, यदि किसी अनजान पते से आपके पास कोई हॉट लिंक क्लिक करने का ऑप्शन आता है तो भी आप उसे खोलने की गलती न कर बैठें। ऐसे किसी भी मेल के जवाब में अपनी पर्सनल इन्फर्मेशन कभी भी न दें। यदि आप मेल की सचाई का पता लगाना चाहते हैं तो सेंडर की वेबसाइट का पता सीधे टाइप कर पता लगाएं, मेल का कोई जवाब न दें। वायरस स्कैनिंग और रिमूवल के लिए अपने पीसी या लैपटॉप में सिक्युरिटी सॉफ्वेयर इन्सटॉल करें। अपने कंप्यूटर के सिक्युरिटी अपडेट लगातार चेक करते रहें। आपका सिक्युरिटी अपडेट जितना बेहतर होगा, खतरा उतना ही कम होगा। कंप्यूटर में एंटी-वायरस और एंटी स्पाईवेयर प्रोग्राम इन्सटॉल करना फायदेमंद रहेगा। कुछ सॉफ्टवेयर फ्री में उपलब्ध हैं। नॉर्टन एंटी-वायरस, McAfee और ट्रेंट माइक्रो जैसे सॉफ्टवेयर के लिए पे करना पड़ता है। कई बार आपके पास किसी बैंक ने नाम से ई - मेल आते हैं, जिसमें आपसे आपकी पर्सनल इन्फर्मेशन मांगी जाती है। इस तरह के करीब 90 परसेंट ई - मेल फर्जी होते हैं। यदि आपको ऐसे ई - मल आते हैं तो आप इस पर रिस्पॉन्ड न करें। आप पहले उस URL ( वेब अड्रेस जिससे ई - मेल आया है) को सावधानी से चेक करें। कभी भी वैसे किसी व्यक्ति या वैसी किसी संस्था को ई - मेल पर अपनी पर्सनल इन्फर्मेशन न दें, जिसे आप जानते नहीं हैं। यदि आप ई - मेल पर पर्सनल इन्फर्मेशन दे रहे हैं तो हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि जिस किसी को भी आप यह डीटेल दे रहे हैं, उसे डिटेल मुहैया कराना खतरनाक नहीं है। साइबर कैफे ऑनलाइन क्रिमिनल्स के लिए हॉट स्पॉट होते हैं। लिहाजा साइबर कैफे से किसी को भी ई - मेल के जरिये पर्सनल डीटेल भेजने से परहेज करें। अपनी कोई भी फाइनैंशनल डीटेल, अकाउंट नंबर, पासवर्ड आदि भेजने से बचें। साइबर कैफे से निकलने से पहले इस बात की पूरी तरह जांच कर लें कि आपने जो भी ऐप्लिकेशंस खोले थे, उसे लॉग आउट कर दिया है। वैसे साइबर कैफे में जाने से भी परहेज करें, जहां वाई-फाई जैसे वायरलेस नेटवर्क का इस्तेमाल होता है, क्योंकि ऐसी जगहों पर प्राइवेसी और सिक्युरिटी कम होती है। NBT

बेटी को आठ बच्चों की मां बनाने के बाद बन गया बौद्ध

चौबीस साल तक अपनी बेटी को तहखाने में बंद रख उसके साथ दुराचार कर उसे आठ बच्चों की मां बनाने के आरोपी आस्ट्रियाई नागरिक डंजन डैड जोसेफ फ्रिट्ज ने बौद्ध धर्म अपना लिया है और उसने अपने दिमाग का अध्ययन करने के लिए मनोवैज्ञानिकों को भी आमंत्रित किया है।अखबार सर्नं की रिपोर्ट के मुताबिक फ्रिट्ज जेल में बौद्ध धर्म का अनुयाई हो गया और शेष जिन्दगी में एक बेहतर इंसान बनने की उम्मीद कर रहा है।हत्या बलात्कार दासता कैद रखने और शोषण के मुकदमे का सामना कर रहे फ्रिट्ज ने अपने दिमाग में भरी बुराई के मूल कारण को जानने के लिए मनोवैज्ञानिकों को भी आमंत्रित किया है।फारेंसिक मनोचिकित्सकों ने फ्रिट्ज की इस पेशकश का स्वागत किया है। अपराध मामलों से संबंधित अग्रणी मनोचिकित्सक रीनहार्ट हालर ने कहा है कि इस पेशकश को ठुकराना मूर्खता भरा काम होगा।फ्रिट्ज ने अपनी किशोर बेटी एलिजाबेथ को एक तहखाने में बंद कर दिया और बार-बार उसके साथ दुराचार करता रहा। उसने अपनी करतूत से अपनी बेटी को आठ बच्चों की मां बना दिया।

सुपर मेमोरी वाले चार व्यक्ति

यादें हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा होती हैं। लेकिन ज्यादातर बातों को हम कुछ समय बाद भूल जाते हैं, चाहे वे अच्छी हों या बुरी। लेकिन इस दुनिया में कम से कम चार शख्स ऐसे हैं, जिनके पास सुपर मेमरी है। इन लोगों के बारे में कहा जाता है कि उन्हें अपनी जिंदगी में घटीं छोटी से छोटी बातें भी याद हैं। इनमें एक व्यक्ति दक्षिणी कैलिफॉर्निया में रहता है। वह शख्स न सिर्फ अपने बारे में बल्कि दुनिया भर की तथ्य और घटनाओं के बारे में बिना रुके बता सकता है। वह दुनिया की नजरों में नहीं आना चाहता, इसलिए उसका नाम जाहिर नहीं किया गया है। सुपर मेमरी वाली एक अन्य महिला जिल प्राइस ने पिछले साल द वुमन हू कांट फॉरगेट नामक किताब में अपनी बेमिसाल याद्दाश्त के बारे में विस्तार से जिक्र किया है। एक रिसर्चर लैरी कैहिल ने जिल जैसे अन्य लोगों पर रिसर्च करके उनकी इस खासियत का राज जानने की कोशिश की है। लैरी का कहना है कि मेमरी के बारे में बहुत सी बातें ऐसी हैं, जिनका राज वैज्ञानिक अब तक नहीं खोल पाए हैं। इसी महीने वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि हमारे ब्रेन की एक कोशिका किसी याद को एक से ज्यादा मिनट तक संजो कर रख सकती है। हमारे दिमाग में ऐसी असंख्य कोशिकाएं होती हैं। उन्होंने बताया कि जहां तक जिल की सुपर मेमरी का सवाल है तो इसके लिए उनके ब्रेन के दो हिस्से कॉडेट न्यूक्लि और टेंपोरल लोब मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। कॉडेट न्यूक्लि इंसान की आदतों और स्वाभाविक हरकतों को याद रखती है जबकि टेंपोरल लोब आंकड़े, तारीख और घटनाओं को स्टोर करते हैं। जिल के दिमाग में ये दोनों हिस्सा मिलकर काम करते हैं, इससे उन्हें सभी चीजें, घटनाएं हमेशा याद रहती हैं। NBT

Friday, January 30, 2009

कम्प्यूटर होंगे अब घर-घर

करीब पांच सौ रुपये के सस्ते कंप्यूटरों के जरिये अध्यापक और छात्र अब इंटरनेट में संग्रहीत विशाल ज्ञान भंडार का उपयोग कर सकेंगे।उच्च शिक्षा के देशभर में फैले 20 हजार संस्थानों को नि:शुल्क ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि शिक्षक और छात्र इंटरनेट का उपयोग कर सकें।उच्चशिक्षा सचिव आरपी अग्रवाल ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं को इंटरनेट की सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय सूचना सम्पर्क शिक्षा मिशन शुरू किया जाएगा। केद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह आगामी तीन फरवरी को तिरुपति में मिशन का शुभारंभ करेंगे जिस पर 11वीं योजना के दौरान 46 अरब रुपये से अधिक धनराशि खर्च होगी। उन्होंने बताया कि सस्ते कंप्यूटर भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान के छात्रों द्वारा विकसित किए जा रहे हैं तथा वे शीघ्र ही बाजार में उपलब्ध हो जाएंगे।

महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली 'भात पूजा' पर रोक

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली 'भात पूजा' पर रोक लगा दी गई है। ज्योतिर्लिंग के क्षरण की आशंका के चलते मंदिर के विद्वत परिषद द्वारा इस संबंध में पारित किए गए प्रस्ताव पर महाकालेश्वर मंदिर की प्रबंध समिति ने मुहर लगा दी है। इतना ही नहीं शिवलिंग (ज्योतिर्लिंग) पर पंचामृत भी सवा किलो से ज्यादा नहीं चढ़ाया जा सकेगा। विधानसभा चुनाव से पहले विद्वत परिषद की बैठक हुई थी, जिसमें कहा गया था कि ज्योतिर्लिंग की भात पूजा होती है, जिसके बाद ज्योतिर्लिंग को भस्म अथवा राखड़ से साफ किया जाता है जिससे ज्योतिर्लिंग को नुकसान होने की आशंका है। इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मंगलवार को मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक हुई जिसमें आम सहमति बनी और भात पूजा पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। मान्यता है कि उबले हुए चावल यानी भात से महाकालेश्वर के ज्योतिर्लिंग का अभिषेक करने पर श्रद्घालुओं की मनौती पूरी होती है, इसीलिए बड़ी तादाद में श्रद्घालु भात पूजा करते है। यह सिलसिला सालों से चला आ रहा है। मंदिर की प्रबंध समिति के अध्यक्ष शुभकरण शर्मा ने बताया है कि भात पूजा में घी आदि का उपयोग होता है जिससे ज्योतिर्लिंग पर चिकनाहट आ जाती है और उसे खत्म करने के लिए राखड़ आदि से ज्योतिर्लिंग की सफाई की जाती है। उन्होंने बताया कि इससे ज्योतिर्लिंग को कुछ क्षति होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि श्रद्घालुओं को सूखे चावल चढ़ाने की अनुमति रहेगी। शर्मा ने बताया है कि ज्योतिर्लिंग पर पंचामृत चढ़ाने की भी मात्रा तय कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब एक दिन में सिर्फ सवा किलोग्राम पंचामृत ही ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाया जा सकेगा। अभी तक श्रद्घालु कई-कई किलोग्राम से लेकर क्विंटल तक पंचामृत ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाते रहे हैं। शर्मा कहते है कि बड़ी मात्रा में चढ़ाया जाने वाला पंचामृत बर्बाद भी हो जाता था। इसी बात को ध्यान में रखकर तय किया गया है कि चढ़ावे में आने वाले कुल पंचामृत में से सवा किलो ही ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाया जाएगा और शेष पंचामृत को प्रसाद के तौर पर वितरित कर दिया जाएगा।

पाकिस्तान मुंबई हमलों पर भारत के भेजे दस्तावेज़ों का जवाब देगा

मुंबई हमलों के सिलसिले में भारत ने पाकिस्तानी ज़मीन के इस्तेमाल के जो आरोप लगाए हैं, उसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा है कि इन हमलों को अंजाम देने के लिए उसकी भूमि का इस्तेमाल नहीं हुआ है। एक भारतीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने लंदन में ये विचार व्यक्त करते हुए बताया कि पाकिस्तान जल्द ही मुंबई हमलों पर भारत के भेजे दस्तावेज़ों का जवाब देगा। ग़ौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में हुए मुंबई हमलों में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे जबकि लगभग 300 लोग घायल हुए थे। भारत ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान में मौजूद तत्व इसके लिए ज़िम्मेदार हैं और उन्हें पाकिस्तान भारत को सौंपे। हसन ने कहा, "जहाँ तक जाँचकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष निकाले हैं, पाकिस्तान की भूमि का इस्तेमाल नहीं हुआ है। हो सकता है किसी अन्य जगह का इस्तेमाल हुआ हो। मुझे स्पष्ट जानकारी दी गई है कि ब्रिटेन की भूमि और पाकिस्तान की ज़मीन का इस हमले की योजना बनाने में इस्तेमाल नहीं हुआ है।" उनका कहना था कि पाकिस्तान में इस संबंध में जाँच अंतिम चरण में हैं और पाकिस्तान भारत को जल्द ही इस बारे में पूरी जानकारी सौंपेगा। हसन का कहना था, "हम किसी तरह की लिपापोती नहीं कर रहे हैं। हम तथ्यों का पता लगाने की कोशिश करते हैं। हमारी जाँच के बाद जो सामने आएगा, वह पूरी दुनिया को स्वीकार्य होगा। हमारी जाँच से भारत भी संतुष्ट होगा। हमें पूरी दुनिया की तसल्ली करनी है, केवल भारत की ही नहीं।" जब उनसे पूछा गया कि भारत के दस्तावेज़ों में कथित षड्यंत्रकारियों की बातचीत का स्पष्ट विवरण है, तो उनका कहना था, "ये बनाई भी जा सकती है। आपने किसी भी तरह के सबूत देने में 45 दिन लगाए लेकिन पाकिस्तान पर तो आपने हमलों के पहले दिन से ही आरोप लगाने शुरु कर दिए थे।" (BBC)