Sunday, October 11, 2009

केवल 11 दिन खुलेगी कुंवारों की किस्मत

शिकार युवती ने चारों ओर से निराश हो कर फिल्म सितारे सलमान खान से मदद की गुहार लगाई है। शनिवार को लिखे एक पत्र में मीरा रोड की इस 22 वर्षीय युवती ने सलमान से कहा है कि वे उसे आर्थिक मदद करें ताकि वह किराए से फ्लैट लेकर परिवार से अलग रह सके।

युवती का कहना है कि वह अपने पैरों पर खड़े होना चाहती है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने चौहान और उसके तांत्रिक दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवती ने बताया कि उसके परिजन उस पर रिपोर्ट वापस लेने और बदले में तांत्रिक के बेटे से शादी करने का दबाव डाल रहे हैं।

युवती ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से इस बात की शिकायत भी की, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला है। सलमान को लिखे पत्र के बारे में युवती ने बताया, ‘मैंने उनसे आर्थिक मदद मांगी है, ताकि मैं एक फ्लैट किराए पर ले सकूं। मुझे अपने बिजनेस से खास आमदनी नहीं होती।’ उसने यह भी कहा कि वह अपनी मां व अन्य परिजनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती, क्योंकि इससे उन्हें भी जेल की हवा खानी पड़ेगी।

नौ साल तक जुल्म सहा : मार्च में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में युवती ने पिता किशोर चौहान के खिलाफ नौ साल से अपने तांत्रिक दोस्त के साथ मिलकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जब दोनों दरिंदों की नजर युवती की 15 वर्षीय बहन पर पड़ी तो उससे रहा नहीं गया और उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

सलमान खान से मदद की गुहार

दुष्कर्म शिकार युवती ने चारों ओर से निराश हो कर फिल्म सितारे सलमान खान से मदद की गुहार लगाई है। शनिवार को लिखे एक पत्र में मीरा रोड की इस 22 वर्षीय युवती ने सलमान से कहा है कि वे उसे आर्थिक मदद करें ताकि वह किराए से फ्लैट लेकर परिवार से अलग रह सके।

युवती का कहना है कि वह अपने पैरों पर खड़े होना चाहती है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने चौहान और उसके तांत्रिक दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवती ने बताया कि उसके परिजन उस पर रिपोर्ट वापस लेने और बदले में तांत्रिक के बेटे से शादी करने का दबाव डाल रहे हैं।

युवती ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से इस बात की शिकायत भी की, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला है। सलमान को लिखे पत्र के बारे में युवती ने बताया, ‘मैंने उनसे आर्थिक मदद मांगी है, ताकि मैं एक फ्लैट किराए पर ले सकूं। मुझे अपने बिजनेस से खास आमदनी नहीं होती।’ उसने यह भी कहा कि वह अपनी मां व अन्य परिजनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती, क्योंकि इससे उन्हें भी जेल की हवा खानी पड़ेगी।

नौ साल तक जुल्म सहा : मार्च में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में युवती ने पिता किशोर चौहान के खिलाफ नौ साल से अपने तांत्रिक दोस्त के साथ मिलकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जब दोनों दरिंदों की नजर युवती की 15 वर्षीय बहन पर पड़ी तो उससे रहा नहीं गया और उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

Wednesday, October 7, 2009

पहली बार दलाई लामा व्हाइट हाउस नहीं जाएंगे

वाशिंगटन. तिब्बती धर्मगुरु तथा नोबेल पुरस्कार विजेता दलाई लामा इस समय पांच दिन की अमेरिका यात्रा पर हैं, लेकिन राष्ट्रपति ओबामा उनसे नवंबर में मिलेंगे वह भी चीन से लौटकर। 1919 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब दलाई लामा वाशिंगटन में हैं और व्हाइट हाउस नहीं जा रहे। ओबामा प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ने अपनी चीन नीति नहीं बदली है। पिछले हफ्ते चीन के 60वें राष्ट्रीय दिवस पर एम्पायर स्टेट बिल्डिंग को पूरा लाल पीला सजाया गया था और इस हफ्ते राष्ट्रपति ओबामा ने दलाई लामा से मिलने से इनकार कर दिया।

भारतीय मूल के वैज्ञानिक को नोबेल पुरस्कार

रस्कार अमेरिका के टॉमस ए. स्टेट्ज और इस्राइल की अडा. ई. योनथ के साथ संयुक्त रूप से मिला है इन वैज्ञानिकों को राइबोसोम की संरचना और कार्यप्रणाली पर अध्ययन के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है।
रामकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के चिदंबरम जिले में 1952 में हुआ था। 1976 में उन्होंने एक अमेरिकन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री ली थी।आजकल वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के मॉलिक्यूलर बायॉलजी डिपार्टमंट से जुड़े हुए हैं। रामकृष्णन के अलावा सी.वी.रमन, सी. चंद्रशेखर और हरगोविंद खुराना को भी साइंस के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिल चुका है। सी.वी.रमन को रमन प्रभाव के लिए भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल मिला। उनके भतीजे सी.चंद्रशेखर को भी भौतिकी का ही नोबेल मिला था। हरगोविन्द खुराना को जीन संबंधी रिसर्च के लिए नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था।
रामकृष्णन के साथ अमेरिका के टॉमस ए. स्टेट्ज और इस्राइल की अडा.ई. योनथ को भी संयुक्त रूप से केमिस्ट्री का नोबेल मिला। अमेरिकी नागरिक टॉमस का जन्म 1940 में हुआ था। वह अमेरिका के येल यूनिवर्सिटी में मॉलिक्यूलर बायॉफिजिक्स और बायॉकेमिस्ट्री के प्रफेसर हैं। अडा. ई. योनथ इस्राइली नागरिक हैं और उनका जन्म 1939 में यरूशलम में हुआ था।

'उन्होंने पापा को मारा है, मैं भी उन्हें मारूंगा'

माओवादियों ने अगवा किए गए पुलिस इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार की गला काट कर हत्या कर दी है। फ्रांसिस को हफ्ताभर पहले अगवा कर लिया गया था। उनके बदले तीन नक्सली नेताओं की रिहाई की मांग की जा रही थी। इन नेताओं में कोबाड़ गांधी का नाम भी शामिल है। केंद्र ने इस मांग को खारिज कर दिया था। मंगलवार को रांची के धुर्वा में मौजूद पुलिस हेडक्वॉर्टर में शहीद फ्रांसिस इंदवार के शव को देखकर कई आंखें नम हो गईं।
हेडक्वॉर्टर के कंट्रोल रूम में बैठे शहीद फ्रांसिस इंदवार के बेटे अभिषेक भी भावनाओं ज्वार - भाटों में डूब - उतर रहे हैं। पिता की मौत से ग़म के सागर में डूबे 10 साल के अभिषेक अचानक ऐलान करते हैं , '' मैं नक्सिलयों ने मेरे पापा को मारा है। मैं भी बड़ा होकर पुलिस बनूंगा और एक - एक को मारूंगा। '' शहीद इंसपेक्टर के तीन बेटे हैं। अभिषेक उनमें सबसे छोटा है।
तस्वीरों में : शहीद फ्रांसिस के ग़म में टूटा परिवार
गौरतलब है कि इस बहादुर इंस्पेक्टर के परिवार ने भी सरकार से कह दिया था कि फ्रांसिस के बदले किसी को न छोड़ा जाए। रांची के एसपी ( रूरल ) हेमंत टोपो ने बताया कि राज्य पुलिस की खुफिया ब्रांच में काम कर रहे 37 वर्षीय इंदवार का शव उनके कटे हुए सिर के साथ यहां से करीब 12 किलोमीटर दूर नामकोम पुलिस स्टेशन के तहत राइशा घाटी के पास बरामद किया गया।
माओवादियों ने 30 सितंबर को यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर खूंटी जिले के हेमब्रोम बाजार से इंदवार का अपहरण कर लिया था। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। ख़बरों के मुताबिक माओवादियों ने अधिकारी को छोड़ने के बदले तीन नक्सली नेताओं गांधी , छत्रधर महतो और भूषण यादव की रिहाई की मांग की थी।
कहा जा रहा है कि संगठन के दक्षिण छोटानागपुर समिति के सचिव समरजी ने शनिवार को एक लोकल अखबार को फोन कर अधिकारियों तक अपनी मांग पहुंचाई थी। हालांकि , केंद्रीय गृह मंत्री पी . चिदंबरम ने दिल्ली में कहा कि माओवादियों ने गिरफ्तार नक्सलियों को छोड़ने के लिए किसी तरह की मांग नहीं की थी। उन्होंने काह कि हत्या करना बिल्कुल मंजूर नहीं है। मैं इसकी भर्त्सना करता हूं।

Tuesday, October 6, 2009

भारत में आतंक मचाने आया 'सर्फ'

आतंकवादी संगठन अल कायदा और लश्कर-ए-तैयबा अब भारत और अमेरिका सहित दुनिया के चार प्रमुख देशों के बड़े राजनेताओं की हत्या करवाना चाहते हैं। इसके लिए नया संगठन बनाया गया है, जिसका नाम है सुपर अफगानिस्तान रेसेस्टिव फोर्स (सर्फ)। संक्षेप में इसे 'सर्फ मिशन' नाम दिया गया है। भारतीय खुफिया एजंसियां फिलहाल इस संगठन की जानकारी खंगाल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बारे में अमेरिकी सरकार को यह बता दिया गया है। अन्य देशों को भी सतर्क किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सितंबर के पहले हफ्ते में एक ई-मेल बीएसएफ के अधिकारियों को मिला। इसमें कहा गया था कि आखिरी बार यह सूचना दी जा रही है कि एक आतंकवादी गुट भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख नेताओं की हत्या की योजना बना रहा है। इस ई-मेल में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा का भी उल्लेख किया गया था। बीएसएफ ने इस ई-मेल के बारे में गृह मंत्रालय को सूचित किया।

टीचर से गैंगरेप कर रेलवे ट्रैक पर फेंका

नई दिल्ली।। एक कंप्यूटर इंस्टिट्यूट की टीचर के साथ सोमवार रात बदमाशों ने गैंग रेप किया। घटना के समय रात लगभग 8:30 बजे टीचर के साथ उसका परिचित भी था जिसे बदमाशों ने मारपीट कर भगा दिया। पुलिस ने मामले को दो पुलिस स्टेशन के सीमा विवाद में उलझाए रखा। सुबह जाकर अधिकारियों के हस्तक्षेप पर नांगलोई पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज किया। सुलतानपुरी के मुंडका इलाके की रहने वाली 21 साल की सीमा (परिवर्तित नाम) नांगलोई बुद्ध विहार स्थित एक कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में पढ़ाती है। रोजाना की तरह कल भी वह इंस्टिट्यूट गई हुई थी। रात में इंस्टिट्यूट से वह सत्यप्रकाश नाम के लड़के के साथ निकली। कुछ ही दूरी पर 4-5 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, बदमाशों ने सत्यप्रकाश के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके चलते वह वहां से भाग निकला। बदमाशों ने सीमा को दबोच लिया। सड़क किनारे झाड़ियों में बदमाशों ने उसके साथ गैंग रेप किया। बाद में बदमाश उसे बदहवास हालत में पास के रेलवे ट्रैक कर फेंक कर भाग गए। घटना में करीब आधा दर्जन बदमाश शामिल बताए जा रहे हैं। पीड़ित टीचर ने सुलतानपुरी पुलिस स्टेशन में घटना की शिकायत की, लेकिन वहां की पुलिस ने मामले को नांगलोई थाने की सीमा का बताकर पल्ला झाड़ लिया। नांगलोई पुलिस का कहना था कि लड़की जिस रेलवे ट्रैक पर मिली है, वह सुलतानपुरी के इलाके में आता है। उधर सुलतानपुरी पुलिस का कहना था कि घटना नांगलोई इलाके में हुई है, लिहाजा मामला उधर का बनता है। इस तरह पीड़ित को सुबह तक टरकाया जाता रहा। आखिर सुबह जाकर अधिकारियों के हस्तक्षेप पर नांगलोई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया। रात से लापता चल रहे सत्यप्रकाश को भी पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। NBT