Wednesday, December 17, 2008

अमरिका में परचम फहराएगा गीता ज्ञान

न्यूजर्सी में स्थापित स्वायत्त कैथोलिक सेटन हॉल यूनिवर्सिटी में अनिवार्य पाठ्यक्रम के तहत गीता के अध्ययन को शामिल करने का फैसला किया गया है। इस फैसले के पीछे प्रमुख भूमिका निभाने वाले प्रो. अमर ने कहा कि विश्वविद्यालय में कोर कोर्स के तहत सभी छात्रों के लिए अनिवार्य पाठ्यक्रम होता है, जिसका अध्ययन सभी विषयों के छात्रों को करना होता है।उन्होंने बताया कि 2001 में विश्वविद्यालय ने विश्व में अपनी अलग पहचान कायम करने के लिए कोर कोर्स की शुरुआत की थी। इसमें छात्रों को सामाजिक जीवन से जुड़े सरोकारों और दायित्वबोध से अवगत कराया जाता है, जिससे युवा वर्ग को सामाजिक व्यवस्था से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके।प्रो अमर ने बताया कि इस मामले में गीता का ज्ञान सर्वोत्तम साधन है और इसकी महत्ता को समझते हुए विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों के लिए इस ग्रंथ का अध्ययन अनिवार्य करने का फैसला किया।
प्रोफेसर एडी अमर ने कि यह अपनी तरह का दुनिया में पहला निर्णय है।उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के 10,800 छात्रों में से एक तिहाई से ज्यादा गैर इसाई हैं और इनमें भारतीय छात्रों की संख्या भी प्रभावी है। भारत की शिक्षा पद्धति में भले ही वैदिक पाठ्यक्रम का विरोध होता हो, लेकिन अमेरिका के सेटन हॉल विश्वविद्यालय में सभी छात्रों के लिए गीता पढ़ना अनिवार्य कर भारतीय शिक्षा के प्रति अपना समर्पण व्यक्त किया है।