Sunday, October 11, 2009

केवल 11 दिन खुलेगी कुंवारों की किस्मत

शिकार युवती ने चारों ओर से निराश हो कर फिल्म सितारे सलमान खान से मदद की गुहार लगाई है। शनिवार को लिखे एक पत्र में मीरा रोड की इस 22 वर्षीय युवती ने सलमान से कहा है कि वे उसे आर्थिक मदद करें ताकि वह किराए से फ्लैट लेकर परिवार से अलग रह सके।

युवती का कहना है कि वह अपने पैरों पर खड़े होना चाहती है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने चौहान और उसके तांत्रिक दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवती ने बताया कि उसके परिजन उस पर रिपोर्ट वापस लेने और बदले में तांत्रिक के बेटे से शादी करने का दबाव डाल रहे हैं।

युवती ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से इस बात की शिकायत भी की, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला है। सलमान को लिखे पत्र के बारे में युवती ने बताया, ‘मैंने उनसे आर्थिक मदद मांगी है, ताकि मैं एक फ्लैट किराए पर ले सकूं। मुझे अपने बिजनेस से खास आमदनी नहीं होती।’ उसने यह भी कहा कि वह अपनी मां व अन्य परिजनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती, क्योंकि इससे उन्हें भी जेल की हवा खानी पड़ेगी।

नौ साल तक जुल्म सहा : मार्च में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में युवती ने पिता किशोर चौहान के खिलाफ नौ साल से अपने तांत्रिक दोस्त के साथ मिलकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जब दोनों दरिंदों की नजर युवती की 15 वर्षीय बहन पर पड़ी तो उससे रहा नहीं गया और उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

सलमान खान से मदद की गुहार

दुष्कर्म शिकार युवती ने चारों ओर से निराश हो कर फिल्म सितारे सलमान खान से मदद की गुहार लगाई है। शनिवार को लिखे एक पत्र में मीरा रोड की इस 22 वर्षीय युवती ने सलमान से कहा है कि वे उसे आर्थिक मदद करें ताकि वह किराए से फ्लैट लेकर परिवार से अलग रह सके।

युवती का कहना है कि वह अपने पैरों पर खड़े होना चाहती है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने चौहान और उसके तांत्रिक दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवती ने बताया कि उसके परिजन उस पर रिपोर्ट वापस लेने और बदले में तांत्रिक के बेटे से शादी करने का दबाव डाल रहे हैं।

युवती ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से इस बात की शिकायत भी की, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला है। सलमान को लिखे पत्र के बारे में युवती ने बताया, ‘मैंने उनसे आर्थिक मदद मांगी है, ताकि मैं एक फ्लैट किराए पर ले सकूं। मुझे अपने बिजनेस से खास आमदनी नहीं होती।’ उसने यह भी कहा कि वह अपनी मां व अन्य परिजनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती, क्योंकि इससे उन्हें भी जेल की हवा खानी पड़ेगी।

नौ साल तक जुल्म सहा : मार्च में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में युवती ने पिता किशोर चौहान के खिलाफ नौ साल से अपने तांत्रिक दोस्त के साथ मिलकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जब दोनों दरिंदों की नजर युवती की 15 वर्षीय बहन पर पड़ी तो उससे रहा नहीं गया और उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

Wednesday, October 7, 2009

पहली बार दलाई लामा व्हाइट हाउस नहीं जाएंगे

वाशिंगटन. तिब्बती धर्मगुरु तथा नोबेल पुरस्कार विजेता दलाई लामा इस समय पांच दिन की अमेरिका यात्रा पर हैं, लेकिन राष्ट्रपति ओबामा उनसे नवंबर में मिलेंगे वह भी चीन से लौटकर। 1919 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब दलाई लामा वाशिंगटन में हैं और व्हाइट हाउस नहीं जा रहे। ओबामा प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ने अपनी चीन नीति नहीं बदली है। पिछले हफ्ते चीन के 60वें राष्ट्रीय दिवस पर एम्पायर स्टेट बिल्डिंग को पूरा लाल पीला सजाया गया था और इस हफ्ते राष्ट्रपति ओबामा ने दलाई लामा से मिलने से इनकार कर दिया।

भारतीय मूल के वैज्ञानिक को नोबेल पुरस्कार

रस्कार अमेरिका के टॉमस ए. स्टेट्ज और इस्राइल की अडा. ई. योनथ के साथ संयुक्त रूप से मिला है इन वैज्ञानिकों को राइबोसोम की संरचना और कार्यप्रणाली पर अध्ययन के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है।
रामकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के चिदंबरम जिले में 1952 में हुआ था। 1976 में उन्होंने एक अमेरिकन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री ली थी।आजकल वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के मॉलिक्यूलर बायॉलजी डिपार्टमंट से जुड़े हुए हैं। रामकृष्णन के अलावा सी.वी.रमन, सी. चंद्रशेखर और हरगोविंद खुराना को भी साइंस के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिल चुका है। सी.वी.रमन को रमन प्रभाव के लिए भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल मिला। उनके भतीजे सी.चंद्रशेखर को भी भौतिकी का ही नोबेल मिला था। हरगोविन्द खुराना को जीन संबंधी रिसर्च के लिए नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था।
रामकृष्णन के साथ अमेरिका के टॉमस ए. स्टेट्ज और इस्राइल की अडा.ई. योनथ को भी संयुक्त रूप से केमिस्ट्री का नोबेल मिला। अमेरिकी नागरिक टॉमस का जन्म 1940 में हुआ था। वह अमेरिका के येल यूनिवर्सिटी में मॉलिक्यूलर बायॉफिजिक्स और बायॉकेमिस्ट्री के प्रफेसर हैं। अडा. ई. योनथ इस्राइली नागरिक हैं और उनका जन्म 1939 में यरूशलम में हुआ था।

'उन्होंने पापा को मारा है, मैं भी उन्हें मारूंगा'

माओवादियों ने अगवा किए गए पुलिस इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार की गला काट कर हत्या कर दी है। फ्रांसिस को हफ्ताभर पहले अगवा कर लिया गया था। उनके बदले तीन नक्सली नेताओं की रिहाई की मांग की जा रही थी। इन नेताओं में कोबाड़ गांधी का नाम भी शामिल है। केंद्र ने इस मांग को खारिज कर दिया था। मंगलवार को रांची के धुर्वा में मौजूद पुलिस हेडक्वॉर्टर में शहीद फ्रांसिस इंदवार के शव को देखकर कई आंखें नम हो गईं।
हेडक्वॉर्टर के कंट्रोल रूम में बैठे शहीद फ्रांसिस इंदवार के बेटे अभिषेक भी भावनाओं ज्वार - भाटों में डूब - उतर रहे हैं। पिता की मौत से ग़म के सागर में डूबे 10 साल के अभिषेक अचानक ऐलान करते हैं , '' मैं नक्सिलयों ने मेरे पापा को मारा है। मैं भी बड़ा होकर पुलिस बनूंगा और एक - एक को मारूंगा। '' शहीद इंसपेक्टर के तीन बेटे हैं। अभिषेक उनमें सबसे छोटा है।
तस्वीरों में : शहीद फ्रांसिस के ग़म में टूटा परिवार
गौरतलब है कि इस बहादुर इंस्पेक्टर के परिवार ने भी सरकार से कह दिया था कि फ्रांसिस के बदले किसी को न छोड़ा जाए। रांची के एसपी ( रूरल ) हेमंत टोपो ने बताया कि राज्य पुलिस की खुफिया ब्रांच में काम कर रहे 37 वर्षीय इंदवार का शव उनके कटे हुए सिर के साथ यहां से करीब 12 किलोमीटर दूर नामकोम पुलिस स्टेशन के तहत राइशा घाटी के पास बरामद किया गया।
माओवादियों ने 30 सितंबर को यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर खूंटी जिले के हेमब्रोम बाजार से इंदवार का अपहरण कर लिया था। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। ख़बरों के मुताबिक माओवादियों ने अधिकारी को छोड़ने के बदले तीन नक्सली नेताओं गांधी , छत्रधर महतो और भूषण यादव की रिहाई की मांग की थी।
कहा जा रहा है कि संगठन के दक्षिण छोटानागपुर समिति के सचिव समरजी ने शनिवार को एक लोकल अखबार को फोन कर अधिकारियों तक अपनी मांग पहुंचाई थी। हालांकि , केंद्रीय गृह मंत्री पी . चिदंबरम ने दिल्ली में कहा कि माओवादियों ने गिरफ्तार नक्सलियों को छोड़ने के लिए किसी तरह की मांग नहीं की थी। उन्होंने काह कि हत्या करना बिल्कुल मंजूर नहीं है। मैं इसकी भर्त्सना करता हूं।

Tuesday, October 6, 2009

भारत में आतंक मचाने आया 'सर्फ'

आतंकवादी संगठन अल कायदा और लश्कर-ए-तैयबा अब भारत और अमेरिका सहित दुनिया के चार प्रमुख देशों के बड़े राजनेताओं की हत्या करवाना चाहते हैं। इसके लिए नया संगठन बनाया गया है, जिसका नाम है सुपर अफगानिस्तान रेसेस्टिव फोर्स (सर्फ)। संक्षेप में इसे 'सर्फ मिशन' नाम दिया गया है। भारतीय खुफिया एजंसियां फिलहाल इस संगठन की जानकारी खंगाल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बारे में अमेरिकी सरकार को यह बता दिया गया है। अन्य देशों को भी सतर्क किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सितंबर के पहले हफ्ते में एक ई-मेल बीएसएफ के अधिकारियों को मिला। इसमें कहा गया था कि आखिरी बार यह सूचना दी जा रही है कि एक आतंकवादी गुट भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख नेताओं की हत्या की योजना बना रहा है। इस ई-मेल में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा का भी उल्लेख किया गया था। बीएसएफ ने इस ई-मेल के बारे में गृह मंत्रालय को सूचित किया।

टीचर से गैंगरेप कर रेलवे ट्रैक पर फेंका

नई दिल्ली।। एक कंप्यूटर इंस्टिट्यूट की टीचर के साथ सोमवार रात बदमाशों ने गैंग रेप किया। घटना के समय रात लगभग 8:30 बजे टीचर के साथ उसका परिचित भी था जिसे बदमाशों ने मारपीट कर भगा दिया। पुलिस ने मामले को दो पुलिस स्टेशन के सीमा विवाद में उलझाए रखा। सुबह जाकर अधिकारियों के हस्तक्षेप पर नांगलोई पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज किया। सुलतानपुरी के मुंडका इलाके की रहने वाली 21 साल की सीमा (परिवर्तित नाम) नांगलोई बुद्ध विहार स्थित एक कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में पढ़ाती है। रोजाना की तरह कल भी वह इंस्टिट्यूट गई हुई थी। रात में इंस्टिट्यूट से वह सत्यप्रकाश नाम के लड़के के साथ निकली। कुछ ही दूरी पर 4-5 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, बदमाशों ने सत्यप्रकाश के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके चलते वह वहां से भाग निकला। बदमाशों ने सीमा को दबोच लिया। सड़क किनारे झाड़ियों में बदमाशों ने उसके साथ गैंग रेप किया। बाद में बदमाश उसे बदहवास हालत में पास के रेलवे ट्रैक कर फेंक कर भाग गए। घटना में करीब आधा दर्जन बदमाश शामिल बताए जा रहे हैं। पीड़ित टीचर ने सुलतानपुरी पुलिस स्टेशन में घटना की शिकायत की, लेकिन वहां की पुलिस ने मामले को नांगलोई थाने की सीमा का बताकर पल्ला झाड़ लिया। नांगलोई पुलिस का कहना था कि लड़की जिस रेलवे ट्रैक पर मिली है, वह सुलतानपुरी के इलाके में आता है। उधर सुलतानपुरी पुलिस का कहना था कि घटना नांगलोई इलाके में हुई है, लिहाजा मामला उधर का बनता है। इस तरह पीड़ित को सुबह तक टरकाया जाता रहा। आखिर सुबह जाकर अधिकारियों के हस्तक्षेप पर नांगलोई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया। रात से लापता चल रहे सत्यप्रकाश को भी पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। NBT

मिस्र में फर्जी 'कुंआरेपन' पर रोक लगाने की मांग

मिस्र में इन दिनों 'फर्जी कुंआरेपन' पर बवाल मचा हुआ है। मिस्र के कंजर्वेटिव सांसदों ने सरकार
से चीन में बनी कुंआरेपन की किट पर प्रतिबंध लगाने और इस किट का इस्तेमाल करने या आयात करने वालों को देश निकाला देने की मांग कर डाली है। इस किट का इस्तेमाल महिलाएं खुद को वर्जिन साबित करने के लिए कर सकती हैं। चीनी कंपनी गिगीमो द्वारा बेची जा रही कुंआरेपन की किट (आर्टिफशल वर्जिनिटी हाइमेन किट) की कीमत करीब 30 डॉलर यानी 1500 रुपये है। नवविवाहित महिलाएं इस किट का इस्तेमाल अपने शौहरों को बेवकूफ बनाने के लिए कर सकती हैं। यह किट इस तरह काम करता है कि शारीरिक संबंध बनाने के दौरान इससे रक्त जैसा द्रव निकलता है और पति को भरोसा हो जाता है कि उसकी पत्नी कुंआरी है।
कुंआरेपन की किट की मिस्र में काफी मांग है क्योंकि यहां लड़की का शादी से पहले वर्जिन होना जरूरी माना जाता है और शादी से पहले शारीरिक संबंधों को अवैध समझा जाता है। किट पर हंगामा तब शुरू हुआ जब रेडियो नीदरलैंड्स की एक रिपोर्टर ने इस प्रॉडक्ट के चीनी विज्ञापन का अरबी में अनुवाद किया। इसके बाद से पुरातनपंथियों को आशंका है कि मिस्र की महिलाएं इस किट का इस्तेमाल कर सकती हैं। मिस्र में धार्मिक मामलों की संसदीय समिति के सदस्य शेख सेईद असकर ने कहा कि इस किट से मिस्र की महिलाओं को विवाह पूर्व शारीरिक संबंध बनाने में प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने सरकार से इस प्रॉडक्ट पर रोक लगाने और सामाजिक मूल्यों को बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, 'अगर सरकार इस किट के आयात की इजाजत देती है तो यह शर्मनाक बात होगी।'


Saturday, October 3, 2009

बेटी से बलात्कार के आरोपी को 15 साल की सजा

बोगोटा। पिछले 30 वर्षो से अपनी बेटी का यौन शोषण कर रहे एक कोलंबियाई आदमी को 15 साल से अधिक की कैद की सजा सुनाई गई है। आदमी के अपनी बेटी से सात बच्चे हैं।समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक दक्षिणी टोलिमा प्रांत के फ्रेस्नो के एक न्यायाधीश ने व्याभिचार व बलात्कार के आरोपी आर्केडियो अल्वारेज क्विनटीरो को ।5 वर्ष, 7 महीने की सजा सुनाई है।अल्वारेज बोगोटा से 200 किलोमीटर दूर मेरीक्विटा का निवासी है। 30 साल तक यौन शोषण का शिकार होने और 14 बार गर्भवती होने के बाद उसकी बेटी अल्बा नीडीया ने घर से भागकर अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद गत मार्च में उसे गिरफ्तार किया गया था।जांचकर्ताओं ने पाया कि पत्नी की मृत्यु के बाद से अल्वारेज ने बेटी का यौन शोषण शुरू कर दिया था। उस वक्त बेटी की उम्र महज पांच साल थी।

संयुक्त राष्ट्र ने महात्मा गांधी पर डाक टिकट जारी किया

संयुक्त राष्ट्र ने महात्मा गांधी की 140वीं जयंती पर उनके नाम पर एक डाक टिकट जारी किया है। यूनाइटेड नेशंस पोस्टल एडमिनिस्ट्रेशन ने एक डॉलर का डाक टिकट जारी किया है। मियामी के जाने-माने कलाकार फर्डी पचेको ने इसे डिजाइन किया है। इसमें राष्ट्रपिता को लाल, नीले और सुनहरे रंग में दिखाया गया है। स्टांप और संयुक्त राष्ट्र की मुहर वाले लिफाफे की भी बिक्री की गई। भारतीय मिशन की ओर से बापू की 140वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र में पदस्थापित अनेक देशों के राजदूतों ने हिस्सा लिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने कहा, तरह से महात्मा गांधी संयुक्त राष्ट्र के पूर्वद्रष्टा हैं। मानवाधिकार के क्षेत्र में अनेक काम जो हम करते हैं, उसकी उत्पत्ति नस्ली भेदभाव के खिलाफ उनके संघर्ष में है। महासभा के अध्यक्ष अली त्रेकी ने मुस्लिमों और गैर मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द के प्रति गांधीजी की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।गांधीजी को श्रद्धांजलि देते हुए संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सुजैन राइस ने कहा, ने लाखों अमेरिकियों को प्रभावित किया है। गांधी मानते थे कि नैतिक बल से शारीरिक बल को अस्वीकार किया जा सकता है।

सगाई रोकने के लिए बहन की बेटी को फेंक दिया

अपनी सगाई रोकने के लिए एक लड़की ने अपनी बहन की 3 साल की बेटी को गोराई खाड़ी में फेंक दिया। चार कोप पुलिस ने नीतू शर्मा नामक इस महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार नीतू अपनी बहन दीपमाला के साथ चारकोप के सेक्टर सात में रहती थी। नीतू की गुरुवार को सगाई थी, पर उसकी जिस लड़के के साथ सगाई होनी थी, उसे वह चाहती नहीं थी। इसलिए नीतू ने सोचा कि कुछ इस तरह की साजिश रची जाए कि आज सगाई किस तरह टल जाए। इसके लिए उसने अपनी बहन की तीन साल की बेटी श्रेया को बहाने से लिया और फिर उसे गोराई में खाड़ी के नीचे फेंक दिया। संयोग से उधर से गुजर रहे एक राहगीर करीम खान ने उसकी यह हरकत देख ली। उसने फौरन चारकोप पुलिस को इसकी सूचना दी। बाद में नीतू शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। श्रेया को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर है।

Friday, October 2, 2009

बीवियों के सताए पति की गांधीगिरी

'इंटरनैशनल डे ऑफ नॉन वॉयलंस' इस मायने में अलग है कि महिला और पुरुषों के संगठन इसे अलग-अलग तरह से मना रहे हैं। पहली बार बीवियों के सताए पति इस दिन से 'घरेलू हिंसा जागरुकता महीना' मनाने की शुरुआत कर रहे हैं। इसके जरिए वे घरेलू हिंसा कानून के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। 2 अक्टूबर से महिला और बाल विकास मंत्रालय महिलाओं के खिलाफ हिंसा के निवारण के लिए नैशनल कैंपेन शुरू कर रहा है, वहीं पुरुषों की शिकायत है कि पत्नियों को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए घरेलू हिंसा कानून समेत कुल 15 सिविल और क्रिमिनल कानून हैं, लेकिन पतियों, बच्चों और पति की फैमिली को बचाने के लिए एक भी कानून नहीं है। पीड़ित पतियों ने अक्टूबर का महीना ही इसलिए चुना, क्योंकि 2006 में अक्टूबर के महीने में ही डोमेस्टिक वॉयलंस ऐक्ट पास हुआ था। सेव इंडियन फैमिली फाउंडेशन (एसआईएफएफ) के
विराग धूलिया ने बताया कि इसके जरिए हम देशभर में अपना विरोध जताएंगे। एक महीने चलने वाले इस शांतिपूर्ण विरोध में बेंगलुरु, पुणे, नागपुर, हैदराबाद और दिल्ली में कई कार्यक्रम होंगे। आम जनता के अलावा हम उन लोगों को भी एजुकेट करेंगे जो शादी कर रहे हैं और घरेलू हिंसा कानून के बारे में जिन्हें जानकारी नहीं है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे इसके शिकार न बनें। एसआईएफएफ के फाउंडर मेंबर गुरुदर्शन सिंह कहते हैं कि मानवाधिकार के यूनिवर्सल डिक्लरेशन के मुताबिक कानून की नजर में किसी भी आरोपी को यह अधिकार है कि वह तब तक निर्दोष माना जाए, जब तक दोषी साबित नहीं हो जाता। लेकिन घरेलू हिंसा ऐक्ट में हमारा कानून यह मानता है कि जब तक आरोपी निर्दोष साबित नहीं होता, तब तक वह दोषी है। यह निष्पक्ष ट्रायल के यूनिवर्सल सिद्धांत के खिलाफ है। हर साल 4 हजार निर्दोष सीनियर सिटीजन और 350 बच्चों समेत करीब एक लाख निर्दोष लोग आईपीसी के सेक्शन 498ए के तहत बिना सबूत और जांच के गिरफ्तार होते हैं। मानवाधिकार के यूनिवर्सल डिक्लरेशन के मुताबिक कानून की नजर में सब बराबर हैं और बिना किसी भेदभाव के कानून में समान संरक्षण के अधिकारी हैं। साथ ही, संविधान के अनुच्छेद 14 के अनुसार भारत की सीमा के भीतर राज्य, किसी व्यक्ति को कानून में बराबर के अधिकार और कानून में बराबर संरक्षण के अधिकार से मना नहीं कर सकता। लेकिन डोमेस्टिक वॉयलंस ऐक्ट पुरुषों को घरेलू हिंसा में संरक्षण देने से साफ मना करता है। हर साल 56 हजार से ज्यादा शादीशुदा पुरुष मौखिक, भावनात्मक, इकनॉमिक और फिजिकल अब्यूज और लीगल ह्रासमेंट की वजह से खुदकुशी करते हैं। लेकिन पुरुषों के संरक्षण की कोई बात नहीं कर रहा है।

शिक्षकों के लिए शुरू होंगे शॉर्टटर्म कोर्स

स्कूलों में बच्चों के शैक्षिक स्तर में गुणवत्ता सुधार के लिए अब हिन्दी और अंग्रेजी के शॉर्टटर्म बेसिक कोर्स शुरू किए जाएंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक एस.एस.बिस्सा ने बुधवार को जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की एक दर्जन स्कूलों का जमीनी निरीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया है। इस दौरान बिस्सा ने स्वयं बच्चों की क्लास भी ली।

उनसे सवाल-जवाब किए। बच्चों को संस्कृत पढ़ाई तथा उन्हें श्लोक याद करने के नुस्खे बताए। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों के शैक्षिक स्तर की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पता चला कि बच्चों का भाषायी ज्ञान काफी कमजोर है। उन्हें हिन्दी और अंग्रेजी का बेसिक ज्ञान भी नहीं है। शिक्षा में गुणवत्ता का स्तर काफी कमजोर मिला है।

सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम कमजोर रहने का यह मूल कारण माना गया है। शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए शिक्षकों के 50-50 के ग्रुप बनाकर शॉर्टटर्म बेसिक कोर्स चलाने का निर्णय लिया गया है। निदेशालय में इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी। निरीक्षण के दौरान निदेशक ने दस्तावेज और आय-व्यय के ब्योरे का मिलान किया।

छात्र-अध्यापक अनुपात में पदों का आबंटन, कार्मिकों की उपस्थिति एवं मिड-डे-मील की स्थिति की जानकारी ली। शहरी क्षेत्र की स्कूलों की स्थिति अधिक दयनीय मिली है। मूलभूत सुविधाओं का नितांत अभाव नजर आया। स्कूलों में बिजली व पानी के कनेक्शन ही नहीं है, जबकि शहर के निकट ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक अच्छी मिली है।

बिस्सा ने बताया कि शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर काफी ठीक है। शहर की स्कूलों में बच्चे कम और शिक्षक अधिक होने के बाद भी पढ़ाई नहीं हो रही है, जबकि गांवों की स्कूलों में शिक्षक कम और बच्चे अधिक होने के बाद भी पढ़ाई अपेक्षाकृत ठीक है। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक अरुण शर्मा भी उनके साथ थे।

सेक्स महिलाओं को देता है खुशहाल जीवन

लंदन. सफल सेक्स महिलाओं को स्वस्थ और खुशहाल जीवन देता है। जी हां यह सही है ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है कि जिन महिलाओं का सेक्स जीवन सुखद होता है वे अधिक सकारात्मक ऊर्जा से लवरेज होती हैं और ऐसी महिलाएं अपने परिवार को भी अच्छे से चलाती हैं। अपने इस शोध में वैज्ञानिकों ने 20 से 65 साल की 295 महिलाओं के सेक्स जीवन का अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन महिलाओं ने एक माह में दो से ज्यादा बार सफल सेक्स किया वे ऐसा न कर पाने वाली महिलाओं की तुलना में ज्यादा स्वस्थ्य थी। इसके साथ ही शोध में यह भी पता चला कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए यौन संतुष्टि बहुत महत्वपूर्ण होती है। ऑस्ट्रेलिया के मोनाश यूनिवर्सिटि के महिला स्वस्थ्य कार्यक्रम से जुड़ी वैज्ञानिक डॉ. सोनिया डविशन ने कहा कि हम इस शोध से महिलाओं के स्वस्थ और यौन संतुष्टि के बीच के संबंध को जानने की कोशिश की। हमने यह पाया कि जिन महिलाओं का सेक्स जीवन संतुष्ट नहीं होता उनमें सकारात्मक ऊर्जा की कमी होती है और उनका जीवन दुखद हो जाता है।

Monday, September 21, 2009

2020 तक एक करोड़ नई नौकरियां

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने उम्मीद जाहिर की है कि क्लाइमे ट चेंज पर काबू पाने में आई बाधाओं को दूर किया जा सकता है। ब्लेयर ने कहा कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि अगर विकासशील देश ग्रीनहाउस गैसों पर रोक लगाने को तैयार हो जाते हैं तो 2020 तक एक करोड़ नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं।
क्लाइमेट चेंज पर पहल की अध्यक्षता करने वाले ब्लेयर ने एक रिपोर्ट भी जारी की, जिसमें दिखाया गया है कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन अनुबंध दुनिया के जीडीपी को 2020 तक 0.8 फीसदी तक बढ़ा सकता है। ब्लेयर संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन की बैठक के चलते न्यू यॉर्क में हैं। न्यू यॉर्क में ब्लेयर एक हफ़्ते तक विभिन्न समर्थन आयोजनों में भाग लेंगे। ये समारोह कोपेनहेगन में एक नई जलवायु संधि का खाका तैयार करने के समर्थन में हो रहे हैं।
ब्लेयर की यह रिपोर्ट कैंब्रिज विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्रियों द्वारा बनाए कंप्यूटर मॉडल पर आधारित है। उन्होंने कोपेनहेगन में होने वाली बातचीत को एक ऐसे कदम के रूप में संबोधित किया, हम एक अभियान से नीति कार्यक्रम तक बढ़ते हैं।

अब्दुल कदीर खान ने खोली पाक के झूठ की पोल

अपने देश की सरकार के रवैये से आहत पाकिस्तान के विवादास्पद न्यूक्लियर साइंटिस्ट अब्दुल कदीर खान ने आखिरकार इस बात का खुलासा कर दिया है कि उन्होंने बेनजीर भुट्टो के इशारे पर परमाणु प्रसार कार्यक्रम के दौरान चीन, ईरान, नॉर्थ कोरिया और लीबिया को ब्लू प्रिंट्स और इक्विपमेंट दिए थे। यह खुलासा भारत के स्टैंड को मजबूत करता है। अब सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान अब्दुल कदीर खान के इस खुलासे को झुठला पाएगा। उधर, विश्वस्त सूत्रों के हवाले से हमारे सहयोगी चैनल 'टाइम्स नाउ' ने बताया है कि इस मसले पर भारत आईएईए की ओर से जांच की मांग करने के मूड में है।
संडे टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2003 में अपनी गिरफ्तारी के बाद 74 साल के ए. क्यू. खान ने अपनी डच पत्नी हेनी को पाक नेतृत्व के बारे में चार पेज का सीक्रेट लेटर लिखा था, जो साइमन हेंडरसन नामक जर्नलिस्ट के हाथ लग गया था। हेंडरसन ने इसे आम कर दिया है। खान के इस खुलासे के बाद ईरान-पाकिस्तान-चीन-साउथ कोरिया के ऐटमी नेक्सस का चेहरा फाश हो चुका है। खान ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि पाकिस्तान ने उनका इस्तेमाल किया है।
पत्र में लिखा है - बीबी (बेनजीर भुट्टो, जो 1988 में पीएम थीं) और इम्तियाज (बेनजीर के डिफेंस अडवाइजर) ने मुझसे ईरानियों को कुछ सामग्री देने के लिए कहा था। पहले हमारा इस्तेमाल किया और अब हमारे साथ गंदे खेल खेले जा रहे हैं। अगर सरकार मेरे साथ कोई गड़बड़ करे तो तुम कड़ा रुख अपनाना। NBT

दवा कंपनी की मैनेजर से रेप, डॉक्टर फरार

पूर्वी दिल्ली में एक दवा कंपनी की सेल्स मैनेजर के साथ डॉक्टर द्वारा रेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि होने के बाद मयूर विहार पुलिस ने आरोपी डॉक्टर एस. के. आजाद के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक 22 वर्षीय महिला अपने पति के साथ त्रिलोकपुरी इलाके में रहती है। वह किसी दवा कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर है। रविवार सुबह महिला का ब्लडप्रेशर लो था। महिला का पति उसे पड़ोस में रहने वाले डॉक्टर एस. के. आजाद की क्लिनिक लेकर गए। डॉक्टर ने महिला की जांच आदि करने के बाद कहा कि ब्लडप्रेशर ज्यादा लो है इसलिए इन्हें ग्लूकोज चढ़ना पड़ेगा। महिला के पति ने ग्लूकोज चढ़ाने की इजाजत दे दी। कुछ देर बाद महिला के पति घर खाना खाने चले गए। करीब एक घंटे बाद वह वापस आए तो उसने देखा कि डॉक्टर उसकी पत्नी के साथ रेप कर रहा है।
डॉक्टर ने महिला के पति को जान से मारने की धमकी देकर जबान बंद रखने की हिदायत दी। इस पर महिला के पति ने 100 नंबर पर कॉल कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही डॉक्टर क्लिनिक से फरार हो गया। पुलिस ने पीड़ित महिला का मेडिकल कराया। रिपोर्ट में उसके साथ हुए रेप की पुष्टि हो गई। पुलिस ने महिला के बयान पर डॉक्टर के खिलाफ रेप सहित अन्य कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

शिवसेना-बीजेपी में बगावत की लहर

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी के घर पर रविवार को शिवसैनिकों ने ही तोड़फोड़ की। दूसरी ओर, बीजेपी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन को घाटकोपर पश्चिम से टिकट दिए जाने से शिवसैनिक ही नहीं बल्कि बीजेपी कार्यकर्ताओं में भी रोष है। बीजेपी में मुंबई, ठाणे, रायगड, मुरबाड, गुहागर जैसे अन्य क्षेत्रों से भी बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं।
परिसीमन के बाद दादर विधानसभा सीट खत्म हो गई है। दादर-माहिम को मिलाकर माहिम नाम की नई सीट बन गई है। दादर से शिवसेना विधायक रहे सदा सरवणकर अब माहिम से लड़ने की तैयारी में जुटे थे। बताया जाता है कि जोशी उनका टिकट काटकर अपने करीबी मुंबई के पूर्व महापौर मिलिंद वैद्य को देने के लिए लामबंदी कर रहे थे। यह बात सरवणकर समर्थकों को नागवार गुजरी। उन्होंने रविवार को जोशी के दादर स्थित घर पर तोड़फोड़ की। इसके बारे में जोशी ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक घटना है। मैं इस मामले को शिवसेना प्रमुख के सामने रखूंगा।
इस बीच, गुहागर के बदले घाटकोपर पश्चिम सीट लेना बीजेपी के लिए महंगा साबित हो रहा है। गुहागर से भारी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। गुहागर से शिवसेना के रामदास कदम चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वह विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। इधर, घाटकोपर पश्चिम सीट से दोनों ही दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पूनम महाजन को 'बाहरी' बताते हुए उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया है। शिवसैनिकों का कहना है कि पूनम तो राज ठाकरे से संबंध रखती हैं, उन्हें शिवसैनिक भला क्यों समर्थन दें।
घाटकोपर पश्चिम से शिवसेना की उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार रहे मुकुंद थोरात से शिवसैनिकों ने पूनम के खिलाफ चुनाव लड़ने को कहा है। थोरात शिवसेना से 17 साल तक नगरसेवक रहे हैं। उनका कहना है कि घाटकोपर पश्चिम सीट पर किसी भी लिहाज से बीजेपी का दावा नहीं बनता। यहां पर मात्र एक नगरसेवक ही बीजेपी का है, अन्य सभी शिवसेना के हैं। और तो और, बीजेपी के एकमात्र नगरसेवक प्रवीण छेड़ा भी पूनम को उम्मीदवारी देने से बगावत पर उतर आए हैं। घाटकोपर पूर्व और पश्चिम दोनों से ज्यादातर शिवसेना के नगरसेवक चुनकर आते रहे हैं इसलिए दोनों ही सीटें बीजेपी को देना शिवसैनिकों को नागवार गुजर रहा है। इससे पहले दक्षिण मुंबई में मलबार हिल और कोलाबा सीटों को लेकर भी बीजेपी तथा शिवसेना के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो चुकी है।

Monday, September 7, 2009

इंडोनेशिया में भूकंप में कम से कम 100 लोगों की मौत

इंडोनेशिया के जावा में पिछले हफ्ते आए जबरदस्त भूकंप में कम से कम 100 लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 7.0 थी। आपदा प्रबंधन के प्रवक्ता प्रियादी कादोर्नो ने बताया कि अधिकारियों ने इस भूकंप में 74 लोगों के मरने की पुष्टि की है, जो बुधवार को जावा के दक्षिणी तट के क्षेत्र में आया था। उन्होंने बताया कि इस भूकंप की वजह से हुए भूस्खलन में 34 और लोगों के दफन होने की आशंका जताई जा रही है।

बेटिकट यात्रा के लिए शिव सैनिकों ने हंगामा किया

बिना टिकट रेल से वैष्णो देवी की यात्रा के लिए शिव सैनिकों ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। उन पर काबू पाने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जीआरपी ने किसी को गिरफ्तार तो नहीं किया है लेकिन टिकट लेने पर ही शिव सैनिकों को रेलागाड़ी में जाने दिया जा रहा है। राजकीय रेलवे पुलिस के एसपी जी. के. पाठक ने बताया कि प्रदेश भर के शिवसैनिकों को एक नेता ने भोपाल से वैष्णो देवी तक की बगैर खर्च के यात्रा कराने के लिए जमा किया था। इन सभी को शिव सेना की ओर से एक पर्चा भी जारी किया गया, जिस पर पांच से 13 सितम्बर तक की रेल यात्रा का जिक्र है। इसे रेलवे पास बताया जा रहा है। रविवार की शाम को सैकड़ों की तादाद में शिवसैनिक रेलवे स्टेशन पहुंच गए और उन्होंने पटरियों पर खडे़ होकर हंगामा शुरू कर दिया। यह सभी शिव सैनिक मालवा एक्सप्रेस से जम्मू-तवी जाने की कोशिश में थे। हालात बिगड़ते देख स्टेशन पर मौजूद जीआरपी के जवानों ने शिवसैनिकों पर लाठीचार्ज कर दिया। जीआरपी के एसपी के अनुसार लगभग 5000 हजार शिव सैनिक बिना टिकट के यात्रा करना चाहते थे, इससे आम यात्रियों का परेशान होना तय था। जीआरपी ने इन शिव सैनिकों को बिना टिकट यात्रा करने से रोका है। शिव सैनिकों को टिकट लेकर ही यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है अगर वे नियम खिलाफ यात्रा करने की कोशिश करेंगे तो उन पर कार्रवाई तय है।

भोपाल में इंजीनियरिंग की छात्रा से रेप

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इंजीनियरिंग कालेज की दो छात्राओं के अपहरण और उनमें से एक के साथ बलात्कार किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जो पीड़ित छात्रा के रिश्तेदार बताए जाते हैं। कस्तूरबा नगर में रहने वाली इंजीनियरिंग कालेज की दो छात्राएं शनिवार की रात जूस पीने के लिए ज्योति टॉकीज के करीब आई थीं। दोनों छात्राएं जब घर लौट रही थीं तभी मारुति वैन में सवार आरोपी बन्टी चौहान, नमन चौहान और बल्ली चौहान वहां पहुंच गए। इन तीनों युवकों ने दोनों छात्राओं को घर छोड़ने का बहाना कर अगवा कर लिया।
महाराणा प्रताप नगर थाने की पुलिस के मुताबिक इन दोनों लड़कियों को कोलार स्थित एक मकान में ले जाकर रखा गया, और इनमें से एक के साथ बलात्कार भी किया गया। पीड़ित छात्रा की साथी जो कि आरोपी की मौसेरी बहन है, ने मोबाइल से औबेदुल्लागंज में रहने वाले अपने परिजनों को इसकी खबर दी । पीड़ित छात्रा के परिजन रविवार को भोपाल पहुंचे और उन्होनें एम. पी. नगर थाने की पुलिस की मदद से दोनों छात्राओं को मुक्त कराया। थाने के प्रभारी कुलवन्त सिंह ने बताया है कि तीनों युवकों के खिलाफ अपहरण और बंधक बनाने का मामला दर्ज किया गया है साथ ही एक आरोपी के खिलाफ बलात्कार का केस पुलिस ने दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

Friday, August 28, 2009

न्यूक टेस्ट करने की तैयारी में है भारत?

अमेरिका के न्यूकलिअर एक्सपर्ट्स को लगता है कि भारत और न्यूकलिअर टे
स्ट करने की तैयारी में है। इसकी वजह राजनीतिक भी हो सकती है और तकनीकी भी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत अपने हथियारों के भंडार को और मजबूत बनाने के लिए ऐसा कर सकता है। भारत चाहेगा कि ओबामा प्रशासन द्वारा न्यूक टेस्ट पर कठोर कदम उठाए जाने से पहले ही टेस्ट कर लिए जाएं। वॉशिंगटन डीसी स्थित नॉनप्रॉलिफ्रेशन पॉलिसी एजुकेशन सेंटर के एग्जेक्यूटिव डाइरेक्टर हेनरी स्कोलस्की दावा करते हैं कि भारत दोबारा टेस्ट करना चाहता है। उनका यह रिऐक्शन एक भारतीय वैज्ञानिक के इस खुलासे के बाद आया है कि पोखरण के परमाणु टेस्ट पूरी तरह सफल नहीं थे। हेनरी इस बात को टेक्निकल तरीके से समझाते हैं। वह कहते हैं कि कल्पना कीजिए, आप एक न्यूकलिअर वेपन डिजाइनर हैं और आपने अपनी कमियों को दूर कर लिया है, गलतियां सुधार ली हैं, फिर तो आप पागल ही कहलाओगे अगर दोबारा टेस्ट नहीं करोगे। हेनरी कहते हैं कि कोई भी न्यूकलिअर डिजाइनर ऐसा ही करता है। वह हमेशा अपने वेपन को और छोटा, हल्का और ज्यादा ताकतवर बनाने की जुगत में लगा रहता है। अगर आप उसकी आंखों पर पट्टी बांध दो, उसके हाथ-पांव बांध दो और उसे जंगल में छोड़ आओ, तो भी वह टेस्ट की जगह पर ही पहुंचेगा। वैसे, हेनरी के मुताबिक भारत की इस कोशिश की वजह टेक्निकल है ताकि अपनी तकनीक को सटीक बनाया जा सके, लेकिन अमेरिकी प्रशासन मानता है कि इसके पीछे भारत की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं काम कर रही हैं। इस बात को भारतीय वैज्ञानिक के. संतानम के खुलासे के बाद और बल मिला है। इस खुलासे पर अमेरिकी वैज्ञानिकों का सीधा सा रिऐक्शन था, हमने तो पहले ही कहा था। जब भारत ने न्यूक टेस्ट किए थे, तभी दुनियाभर के एक्सपर्ट्स ने इनकी सफलता पर सवाल उठाए थे। लेकिन एक भारतीय वैज्ञानिक द्वारा इस तरह से संवेदनशील मुद्दे पर इतना बड़ा खुलासा करना बहुत बड़ी बात है। वह ऐसा क्यों करेंगे? अमेरिकी न्यूक एक्सपर्ट्स के बीच यह मुद्दा ब्लॉग्स पर खूब उछल रहा है। उनके मुताबिक ऐसा भारत पर एनपीटी पर दस्तखत करने के लिए बढ़ते अमेरिकी दबाव को कम करने के लिए किया गया है ताकि भारत सीरीज के आखिरी टेस्ट कर अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को मजबूत कर सके।

बच्चों को सेक्स एजुकेशन देना चाहता है UN

यूनेस्को का कहना है कि 5 साल के बच्चों को भी सेक्स एजुकेशन दी जानी चाहिए। यूनेस्को ने सेक्स एजुकेशन पर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में कहा गया है कि 5 साल की उम्र से ही बच्चों को मास्टरबेशन और जेंडर वॉइलंस जैसी चीजों के बारें बताया जाना चाहिए। गाइडलाइंस कहती हैं कि 5 से 8 साल तक के बच्चों को बताया जाना चाहिए कि यौनांगों को छूना और सहलाना मास्टरबेशन होता है। उन्हें यह भी बताया जाना चाहिए कि अपने यौनांगों को छूने से आनंद की अनुभूति हो सकती है। 9 साल की उम्र में उन्हें उत्तेजक चीजों वगैरह की अच्छी और बुरी बातों के बारे में बताया जाना चाहिए। 12 साल की उम्र में उन्हें अबॉर्शन की वजहों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। 15 साल की उम्र में पहुंचने पर बच्चों को सेफ अबॉर्शन और उससे जुड़े अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। एचआईवी, यौन हिंसा और शोषण से युवा समाज कैसे बचे, यह जागरुकता पैदा करने के प्रयास के तहत यूनेस्को ने सेक्स एजुकेशन पर ये नई गाइडलाइंस तैयार की हैं। सेक्स एजुकेशन पर बनाए गए अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों से टीचर बच्चों को बताएंगे कि वह कैसे खुद को सेक्सशुअल मिसबिहेविअर, अनचाही प्रेगनंसी और एचआईवी वगैरह से बचें। यूनेस्को के अनुसार युवाओं में एचआईवी इन्फेक्शन और प्रेगनंसी जैसे मुद्दों पर एजुकेशन की जरूरत है, जो दुनिया के कई हिस्सों में उपलब्ध नहीं है। यूएन एड्स और डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पूरी दुनिया में 50 लाख से ज्यादा युवा एचआईवी पॉजिटिव हैं, जिनमें से 45 फीसदी मामले 15 से 24 साल के बीच के उम्र के लोगों में है। जानकारों ने इन नई गाइडलाइंस का विरोध किया है और इन्हें अजीबोगरीब करार दिया है।

बेटियों के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार हुआ बिशप

दक्षिण अफ्रीका में गुरुवार को एक बिशप को अपनी 3 बेटियों के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। समाचार एजंसी डीपीए के मुताबिक बिशप की तीनों बेटियों की उम्र 9, 17 और 18 वर्ष है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया, 'आरोप है कि यह बिशप अपनी बेटियों के साथ वर्ष 2006 से दुष्कर्म कर रहा था। उसने अपनी बेटियों को जान से मारने की धमकी भी दी थी।' बिशप की पत्नी की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस बिशप का नाम बताने से इनकार किया है।

Friday, August 21, 2009

सच का सामना यानी सेक्स और अवैध संबंधों का आईना

रिऐलिटी शो सच का सामना आजकल विवादों के घेरे में है। कार्यक्रम के दौरान पूछे जानेवाले बेहद ही निजी सवालों के चलते इस शो पर संसद से सड़क तक बवाल मचा हुआ है। सांसदों ने एक स्वर में इस शो को फौरन बंद करने की मांग की है तो दिल्ली हाई कोर्ट में भी इस शो के खिलाफ एक जनहित याचिका भी दायर की गई है। आखिर सच बोलने पर इतना बवाल क्यों मच रहा है ? अगर किसी शख्स को परिजनों के सामने अपने निजी मामलों पर सच बोलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हम सच पर इतना आपत्ति क्यों जता रहे हैं। क्या सच अश्लील है , तो उसे नहीं बोला जाना चाहिए ? क्या हम झूठ बोलने और सुनने
के इतने आदी हो चुके हैं कि सच को पचा नहीं पा रहे हैं ? पर बात ऐसी नहीं है। शो के दौरान वाकई ऐसे सवाल पूछे जाते हैं , जिनकी भाषा कुछ लोगों को नागवार लग सकती है। ज्यादातर सवाल विवाहेतर और शारीरिक संबंधों से के बारे में ही पूछे जाते हैं जिनका मकसद साफ-साफ टीआरपी बटोरना है। जरा सवालों की बानगी देखिए ... - आपने अबतक जितनी लड़कियों के साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं , उनके नाम आपको याद हैं ? - क्या शादी के बाद आपने अपनी पत्नी के सिवा दूसरी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं ? ये दोनों सवाल पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के दोस्त विनोद कांबली से पूछे गए। इसी तरह उर्वशी ढोलकिया ( ' कसौटी जिंदकी की ' कमौलिका ) से पूछा गया कि क्या आपसे मिलनेवाला हर शख्स आपसे शारीरिक संबंध बनाना चाहता है ? क्या आप नाबालिग थीं , तभी प्रेगनंट हो गई थीं और आपको कॉलिज से बाहर निकाल दिया गया था ? इसी तरह शो के में हिस्सा लेनेवाले ऑल्विन डिसूज़ा से एंकर राजीव खंडेलवाल ने पूछा - अगर आपकी बीवी को पता नहीं चले तो आप दूसरी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहेंगे ? क्या आप लड़की को किस करने के लिए लेडिज़ टॉइलट में गए हैं ? इसी तरह के सवाल पूरे शो के दौरान बार - बार दोहराए जाते हैं। ये सवाल ऐसे होते हैं कि परिवार के सभी सदस्य एकसाथ बैठकर इसे सुन नहीं सकते। ऐसा सीरियल दिखाना सही है या गलत, इस पर हम कोई राय नहीं दे रहे हैं। आखिर जो लोग इस सीरियल पर आ रहे हैं, वे सबकुछ जानकर ही इसमें शामिल हुए होंगे। अगर उनको अपना गोपनीय सच दुनिया के सामने बताने में कोई दिक्कत नहीं है तो ठीक है। लेकिन सवाल दर्शकों का है। मान लिया एक आदमी है जिसे खुद को नंगा करने में कोई दिक्कत नही है। तो क्या इससे उस आदमी को यह अधिकार मिल जाता है या मिल जाना चाहिए कि वह सरे बाज़ार खुद को नंगा कर दे ? उसी तरह कुछ लोगों का अपने निजी जीवन का नंगा सच सबके सामने खोलने का शौक चर्राया है तो वह नंगा सच उन लोगों पर क्यों थोपा जाए जिन्हें उस नंगे सच में कोई रुचि नहीं है। यहां एक जवाबी तर्क यह हो सकता है कि जो आदमी सड़क पर नंगा हो रहा है, उससे हम चाहकर भी आंखें नहीं हटा सकते। लेकिन जो व्यक्ति किसी सीरियल पर अपने जीवन को नंगा कर रहा है, उससे किसी को क्या परेशानी हो सकती है ? दर्शक चाहे तो सीरियल देखे, चाहे तो न देखे। बात में दम है मगर पेच यह है कि जब आप “ सच का सामना ” जैसा सीरियल देखते हैं तो आपको पहले से पता नहीं होता कि इसमें ऐसे सवाल पूछे जाएंगे। यह तो जब आप पूरे परिवार के साथ यह सीरियल देखते हैं, वह भी एक फैमिल चैनल पर, तब अचानक ऐसे सवाल और उसके जवाब सामने आ जाते हैं जो आपको परेशान कर देता है। यह कुछ-कुछ वैसा ही है कि आप किसी मनोरंजन चैनल पर कोई फिल्म देखें और उसमें अडल्ट सीन आ जाए। हम इस सीरियल को बंद करने या स्वरूप बदलने का सुझाव तो नहीं देंगे – क्योंकि एक तबका ऐसा भी होगा जो ऐसे सवालों का मज़ा ले रहा होगा या इन लोगों की हिम्मत की दाद दे रहा होगा। लेकिन जो ऐसे नहीं हैं, उनके हित में यह ज़रूर होना चाहिए कि शो के शुरू में और लगातार नीचे एक टिकर चलते रहना चाहिए कि इस सीरियल में ऐसे सवाल-जवाब हो सकते हैं जो अडल्ट किस्म के हैं। इसलिए बच्चों के साथ यह सीरियल देखने में अपने विवेक का इस्तेमाल करें। बेहतर तो यह हो कि फिल्मों की तरह सीरियलों को भी ए और यू सर्टिफिकेट दिया जाए। NBT

टीवी ऐक्ट्रिस ने नौकरानी पर गरम पानी फेंका, हिरासत में

छोटे पर्दे की ऐक्ट्रिस उर्वशी धनोरकर को एक बच्ची से घर में काम कराने और उस पर अत्याचार करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि मुंबई के लोखंडवाला कॉम्पलेक्स में रहने वाली ऐक्ट्रिस10 साल की बच्ची रामेश्वरी से अपने घरेलू काम करवाती थी और उसे मारती-पीटती भी थी। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों बच्ची द्वारा फ्रीज से निकालकर मिठाई खा लेने पर ऐक्ट्रिस ने उस पर गरम पानी फेंक दिया था और काफी पिटाई भी की थी। पड़ोसियों ने इसकी शिकायत एक एनजीओ से की और उसके सदस्यों ने बच्ची को छुड़वाया। इसके बाद ऐक्ट्रिस के खिलाफ मामला दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है।

और भी सच हैं जमाने में

हफ्ते भर के अंदर दो ' सचों ' का सामना हुआ। दोनों ही टीवी पर आने वाले रिऐलिटी शो ' सच का सामना ' के बहाने उगलवाए गए थे। ग्रेटर नोएडा में टीवी प्रोग्रैम देखने के बाद पति ने पत्नी को सच कहने के लिए यह कहकर फुसलाया कि सच कड़वा भी हुआ तो भी उसका प्यार कम नहीं होगा। उसने कसम देकर पत्नी पर सच बोलने का दबाव डाला। पत्नी ने मजबूरन कह दिया कि शादी से पहले उसके अपने प्रेमी के साथ शारीरिक रिश्ते थे। पति ने सदमे में फांसी लगा ली। दूसरा वाकया मेरठ का है। वहां जब पत्नी ने कथित रूप से अवैध रिश्ते कबूले तो पति ने उसे ब्लेड से छलनी कर दिया। पत्नी अस्पताल पहुंच गई। पति अब जेल में यह कह कर बचने की कोशिश में है कि टीवी प्रोग्रैम देखकर उसे भी पत्नी का सच जानने की इच्छा हुई और जब पत्नी ने सच बताया तो उसका ऐसे रिऐक्ट करना लाजिमी था। आखिर कौन पति यह सच सह सकता है ! शायद कोई नहीं।
अपने यहां तो परंपरा भी नहीं है ऐसे सच मंजूर करने की , फिर चाहे वह सच हो या नहीं। अयोध्या की प्रजा को भी यह सच मंजूर नहीं हुआ कि सीता कैसे रावण की लंका में इतने साल काट कर आई। राम पर प्रजा का ' दबाव ' इस कदर हावी हुआ कि सीता को भी सच का सामना करवाया गया , अग्निपरीक्षा दिलवाकर। वर्तमान में लौटें तो यही सवाल मन में उठता है कि शो देखते - देखते अचानक पत्नियां ही क्यों अपने ' सच ' का सामना करने लग गई हैं। क्या पत्नी के सच के अलावा कोई और सच दुनिया में नहीं हैं ? क्या पतियों के सच भी इस तरह सामने आएंगे ? इन सवालों का जवाब भी वही है - नहीं। जरूरत ही क्या है ! पत्नियां न जाने कब से पतियों के ऐसे सच को कबूल कर उसके साथ जीती आई हैं। पति मानते हैं कि उन्हें ऐसे सच छिपाने की जरूरत ही नहीं है। वे इस सच का सामना कब करेंगे कि उन्हें दूसरों के साथ वही व्यवहार करना चाहिए , जिसकी उम्मीद वे अपने लिए दूसरों से कर रहे हैं। सच का सामना करने की बारी अब पतियों की है। दरअसल , सच तो यह है कि जिस टीवी प्रोग्रैम पर समाज में बुराई फैलाने का आरोप संसद के गलियारों तक गूंज उठा है , अचानक उस शो में मर्दों को अपनी जान बचाने का जरिया नजर आने लगा है। अपनी सहूलियत के मुताबिक पत्नी के चरित्र पर कीचड़ उछालकर , शो को ढाल बनाकर पर्सनल लाइफ में इसे जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। पब्लिक की सहानुभूति मिल रही है , सो अलग। शो पर उंगली उठाना गलत होगा। अगर कोई कहे कि सब कुछ शो की वजह से हो रहा है , समाज में गलत मेसिज जा रहा है , इस शो से पहले पत्नियों के साथ ऐसा नहीं हो रहा था , तो यह दावा सरासर गलत है। NBT

भारत माता की मूर्ति खंडित

ब्यावर। ढाई साल पहले गुपचुप तरीके से बिना स्वीकृति एकता सर्किल पर लगाई गई भारत माता की मूर्ति शुक्रवार सुबह खंडित हालत में मिली। मूर्ति खंडित देख हिन्दूवादी संगठनों में रोष फैल गया।
पुलिस व प्रशासन के अघिकारियों की सतर्कता से तनाव पैदा होने से पहले स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया। प्रशासन की ओर से अविलम्ब नई मूर्ति लगाने के आश्वासन के बाद संगठनों का रोष शांत हुआ। घटना को लेकर भारत माता सर्किल की सुरक्षा बढा दी गई है। सिटी थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार सुबह करीब साढे आठ बजे एकता सर्किल पर लगी भारत माता की मूर्ति का बायां हाथ खंडित दिखाई दिया। मौके से त्रिशूल गायब था, लेकिन कलाई के पास से टूटे हाथ के अवशेष मूर्ति के सामने बिखरे पडे थे। इसे लेकर सर्किल के पास लोगों की भीड जुट गई।
हिन्दूवादी संगठनों के पदाघिकारी भी एकत्र होने लगे। लोगों ने पुलिस के समक्ष दोषी लोगों के खिलाफ अविलम्ब कार्रवाई की मांग की। लोगों के रोष को देखते हुए उपखण्ड अघिकारी आरती डोगरा, तहसीलदार प्रदीप चारण, पुलिस उपअधीक्षक मनोहरसिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस एवं प्रशासनिक अघिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं नई मूर्ति लगाने का आश्वासन दिया।
तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। बाद में सिटी थाने में प्रकाश आर्य व पवन जैन ने लिखित में शिकायत दी। सिटी थाना प्रभारी नरेश शर्मा ने बताया कि प्रकाश आर्य की ओर से मूर्ति खंडित करने के मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Wednesday, August 19, 2009

मुंबई में स्कूल बस में आग लगी 25 बच्चे झुलसे

नवी मुंबई के नजदीक पनवेल स्थित एक स्कूल की बस में आग लगने से 25 बच्चे बुरी तरह झुलस गए। इसमें से कुछ बच्चों की हालत बेहद नाजुक है। सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें से एक बच्चे के 90 प्रतिशत तक जले होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक मुंबई के सीकेटी पब्लिक स्कूल की बस रोज की तरह बच्चों को उनके घर से स्कूल ले जा रही थी। बस में करीब 40 बच्चे थे। मुंबई-पुणे हाइवे पर बस में अचानक आग लग गई। आग धीरे-धीरे पूरी बस में फैल गई। इस बीच कुछ बच्चे बस से बाहर उतर आए, लेकिन कुछ उसी में फंसे रह गए। इस हादसे में 25 बच्चे झुलस गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। बस में आग कैसे लगी इसका पता नहीं चल पाया है।


टीचर दिखाता था अश्लील तस्वीरें, पिटाई से हुआ अधमरा

रोहतक जिले के बनियानी गांव में बुधवार को एक सरकारी स्कूल में अश्लील फोटो दिखाने वाले टीचर को गांववालों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस छुड़ाने गई तो गांववालों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिप्सी जला दी और वाहन तोड़ दिए। बचाव में पुलिस ने फायरिंग की, जिससे तीन युवक घायल हो गए। वहीं, पथराव से एक दर्जन पुलिसवाले भी घायल हो गए। पुलिस ने आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही कई गांववालों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। सरकारी स्कूल की लड़कियों ने अपने परिजनों को शिकायत की थी कि कंप्यूटर टीचर विनय क्लास के दौरान अश्लील फोटो दिखाता है। इसकी जांच करने के लिए बुधवार सुबह गांव के सरपंच राज कुमार स्कूल पहुंचे। सरपंच ने टीचर को अश्लील फोटो के साथ पकड़ लिया। लड़कियां भी क्लास में थीं। इस पर गांववालों ने आरोपी टीचर को पीटना शुरू कर दिया।
स्कूल हेडमास्टर ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। करीब 10 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। तनाव बढ़ता देख स्कूल से स्टूडेंट्स को घर भेज दिया गया। इस दौरान गांववाले आरोपी टीचर को पीटते रहे। पुलिस के समझाने पर भी गांववाले नहीं माने। रोहतक के एसपी अनिल राव और डीसी पी. सी. मीणा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी ने बताया कि पुलिस ने किसी तरह टीचर को छुड़वाकर स्कूल में ही एक कमरे में बंद कर दिया। इस पर गांववालों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ ने पुलिस की जिप्सी में आग लगा दी और पुलिस के वाहनों को तोड़ना शुरू कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन गांववाले पीछे हटने को तैयार नहीं थे। तब पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इससे छतों पर बैठे दो युवकों को गोली लगी। उधर, गांववालों ने बताया कि पुलिस फायरिंग से तीन युवक प्रदीप, प्रवीण और शक्ति घायल हुए हैं। उन्हें पीजीआई रोहतक में दाखिल कराया गया है।

इमरान खान और बेनजीर के बीच थे सेक्शुअल रिलेशन'

मशहूर क्रिकेटर इमरान खान की नई बायॉग्रफी ने पाकिस्तान में तहलका मचा दिया है। किताब में सनसनीखेज खुलासा करते हुए इमरान खान और पाकिस्तान की दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बीच 'बेहद अंतरंग संबंधों' का दावा किया गया है। बताया जाता है कि यह तब की बात है जब इमरान और बेनजीर ऑक्सफर्ड में पढ़ा करते थे। क्रिस्टोफर स्टैनफर्ड ने अपनी इस किताब में लिखा है कि बेनजीर भुट्टो इमरान खान से काफी प्रभावित थीं। ऑक्सफर्ड के दिनों में दोनों एक-दूसरे के 'बेहद करीब' थे। स्टैनफर्ड ने किताब में लिखा है कि दोनों के बीच सेक्शुअल रिलेशन की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता। किताब में यह भी खुलासा किया गया है कि इमरान की मां दोनों की शादी के लिए रजामंद थी और उन्होंने इसके लिए कोशिश भी की, लेकिन सफल न हो सकीं। स्टैनफर्ड ने इस किताब के लिए इमरान और उनकी पूर्व पत्नी जेमिमा से बात की। उन्होंने किताब में अपने सूत्रों के हवाले से कहा है कि भुट्टो 1975 में इमरान के करीब आईं। तब वह 21 साल की थी और सेकंड यिअर में पढ़ती थीं। उन्होंने कहा कि बेनजीर क्रिकेट में डेब्यू कर रहे इमरान की शख्सियत से बेहद आकर्षित थीं। संभवत बेनजीर ने ही पहली बार इमरान को 'लॉयन ऑफ लाहौर' कहा था। खान और भुट्टो के बीच सेक्शुअल रिलेशन की बात इसलिए भी पुख्ता होती है क्योंकि इमरान के बारे में उनके एक दोस्त का कॉमेन्ट था- 'खान हर किसी के साथ सोए थे।' इमरान खान का इनकार उधर इमरान ने बेनजीर के साथ सेक्शुअल रिलेशन की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मैंने इंटरव्यू तो दिया था, लेकिन बेनजीर से अंतरंग संबंध की बात पूरी तरह बकवास है। उन्होंने कहा कि बेनजीर से उनकी शादी के लिए उनकी मां की कोशिश वाली बात में भी कोई दम नहीं है।

Thursday, August 13, 2009

काउंटर पर हों सुंदर सेल्सगर्ल, तो कम हो सकती है बिक्री!

यूनिवसिर्टी ऑफ साउथ आस्ट्रेलिया (यूएसए) के एक ताजा सर्वेक्षण का निष्कर्ष यह है कि बिक्री के लिए काउंटर पर बहुत सुंदर लड़कियों (सेल्सगर्ल) को रखना भी दुकान के लिए नुकसानदेह हो सकता है। शोध के मुताबिक इसका कारण यह है कि महिलाएं उन दुकानों से सामान खरीदना पसंद नहीं करतीं, जहां की सेल्सगर्ल उनकी तुलना में ज्यादा युवा, सुंदर और आकर्षक दिखती हैं। सुंदर सेल्सगर्ल को काउंटर पर देखकर पुरुष खरीदार बेशक दुकान की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन ज्यादातर महिलाओं द्वारा उपेक्षित होने के कारण कई बार उस दुकान की बिक्री कम हो जाती है। इस संबंध में शोधकर्ता बिनाका प्राइस का कहना है कि महिलाओं में स्वाभाविक प्रतिस्पर्धा पाई जाती है। खरीददारी के लिए दुकान पर जाने वाली किसी महिला को लगता है कि काउंटर पर खड़ी सेल्सगर्ल सामाजिक दृष्टि से उससे बेहतर हैं तब वह उस दुकान से खरीददारी करना पसंद नहीं करेगी।
इस लिहाज से खुदरा जगत में महिलाओं की यह प्रतिक्रिया दुकान की बिक्री को सीमित कर सकती है। प्राइस इसके पीछे मनोवैज्ञानिक कारण देखती हैं। उनका मानना है कि जब कोई महिला यह देखती है कि काउंटर पर खड़ी सेल्सगर्ल उससे अधिक सुंदर, जवान और आकर्षक है तब उसे अंदर ही अंदर बेचैनी होने लगती है। साथ ही साथ उसका आत्मविश्वास भी नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में वह महिला उस दुकान की ओर रुख करना पसंद नहीं करेगी।

'नपुंसक' पति से मांगा एक करोड़ का गुजारा भत्ता

शादी के एक साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद एक 24 वर्षीय महिला ने अपने पति पर नपुंसक होने का आरोप लगाते हुए एक फैमिली कोर्ट में तलाक की गुहार लगाई है। महिला गुजारे भत्ते के रूप में एक करोड़ रुपये की मांग की है। महिला का दावा है कि उसने अपने सास ससुर के कहने पर नौकरी छोड दी। उसके अनुसार उससे यह बात छिपाई गई कि उसका पति नपुंसक है। महिला का कहना है कि उसके माता-पिता ने शादी में 11 लाख रुपये खर्च किये। इसके अलावा सोने-चांदी के गहने और घरेलू चीजें भी दहेज में दी गईं। महिला का यह भी आरोप है कि उसे दहेज के लिये पीड़ित किया गया। उसने कहा कि उसकी तकलीफ को धन से नहीं आंका जा सकता। उसने स्थायी गुजारे भत्ते के रूप में एक करोड़ रुपये की मांग करते हुए तलाक की गुहार अदालत में लगाई है।

Saturday, August 8, 2009

बैंक मैनिजर ने भेजे अश्लील ई-मेल, गिरफ्तार

मुम्बई क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने अश्लील ई-मेल भेजने के मामले में एचडीएफसी बैंक के मैनिजर देवेश साबू को गिरफ्तार किया है। देवेश को पकड़ने के लिए सीनियर इंस्पेक्टर मुकुंद पवार और सचिन कदम की टीम ने कई दिन तक चेन्नै में डेरा डाला था। देवेश पर आरोप है कि उसने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड, उसके परिवार और जिस परिवार में उस गर्लफ्रेंड की शादी तय हुई थी, वहां भी अश्लील ई-मेल किए। एडिशनल सीपी देवेन भारती के अनुसार देवेश की यह पूर्व गर्लफ्रेंड मुम्बई की रहने वाली है और एचडीएफसी की मुम्बई ब्रांच में काम करती है। दोनों के बीच काफी दिनों तक दोस्ती रही। इसके बाद देवेश ने लड़की को शादी के लिए प्रपोज किया, पर किसी कारण से लड़की वालों ने देवेश को रिजेक्ट कर दिया। देवेश ने इसे अपना अपमान समझा। क्राइम ब्रांच चीफ राकेश मारिया के अनुसार हालांकि देवेश और लड़की दोनों चेन्नै और मुम्बई की अलग-अलग ब्रांच में काम करते हैं, पर एक बार मुम्बई में हुई एक कांफ्रंस में दोनों की मुलाकात हुई और इसके बाद दोनों की दोस्ती शुरू हो गई। पर जब लड़की वालों ने देवेश के शादी के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया, तो बदला लेने के लिए देवेश ने चेन्नै के चार अलग-अलग साइबर कैफे से ई-मेल किया, पर जब लड़की के परिवार द्वारा इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई, तो मुम्बई साइबर सेल ने ई-मेल भेजने वाले का आईपी एड्रेस चेन्नै का लोकेट किया। इसके बाद जब साइबर सेल के अधिकारी चेन्नै गए, तो उन्हें सभी साइबर सेल के सीसीटीवी में देवेश के फुटेज मिल गए। इसके बाद देवेश को गिरफ्तार कर लिया गया। NBT

दलाई लामा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्रता पुरस्कार

तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा को नेशनल सिविल राइट्स म्यूजियम का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्रता पुरस्कार मिलेगा। दलाई लामा को यह पुरस्कार 23 सितंबर को मिलेगा। पुरस्कार की घोषणा करते हुए नैशनल सिविल राइट्स मूवमेंट बोर्ड के अध्यक्ष बेंजामिन एल. हुक्स ने दलाई लामा को मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन का जीता जागता उदाहरण बताया।

ई-मेल से जरा बच के

दुनियाभर में आई सूचना और संचार क्रांति से हमें अगर किसी चीज ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वे हैं मोबाइल फोन और इंटरनेट। इंटरनेट ने आपसी संपर्क और सूचना के आदान प्रदान के क्षेत्र में आमूलचूल तब्दीली लाने में काफी अहम भूमिका निभाई है।
इंटरनेट पर मौजूद 'सर्च इंजन' के अलावा 'ई-मेल' यानी इलेक्ट्रानिक मेल सेवा संचार क्रांति में खासी मददगार साबित हुई है। ई-मेल की मदद से दुनिया के किसी भी कोने में बैठे शख्स से हम बात कर सकते हैं। शर्त बस इतनी है कि वह शख्स इंटरनेट की सेवा से महरूम न हो।
'ई-मेल' के फायदे के बारे में साइबर मामलों के जाने माने विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने कहा कि 'ई-मेल' एक डिजिटल सेवा है जिसके इस्तेमाल से एक दूसरे के संपर्क में रहने के अलावा किसी चीज का प्रचार-प्रसार भी किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि ई-मेल के आविष्कार के पीछे मकसद दो या दो से अधिक लोगों के बीच सूचना का तेजी से आदान-प्रदान करना था, लेकिन अब इसका गलत इस्तेमाल भी धड़ल्ले से हो रहा है।
दुग्गल का कहना है कि ई मेल के जरिए जहां किसी की मानहानि हो सकती है वहीं, एनोनिमिर्टी यानी अपना असली नाम छुपाकर इसका दुरुपयोग भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कोई भी शख्स किसी के ई मेल आई डी यानी किसी अन्य की पहचान और पासवर्ड जानकर दूसरों को धमकी भरा संदेश भेज सकता है और इस मामले की जांच होने पर वह शख्स शक के दायरे में आएगा, जिसके ई मेल आई डी से धमकी दी गई।
साइबर क्राइम और खासतौर से ई मेल के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने भी कुछ कदम उठाए हैं। इस बारे में दिल्ली पुलिस के उपायुक्त शिवेश सिंह ने कहा कि हम अखबारों, टीवी चैनलों और अपनी वेबसाइट की मदद से लोगों को इस बात से वाकिफ करा रहे हैं कि कैसे सुरक्षित तरीके से ई-मेल का इस्तेमाल किया जाए। लोगों से काम खत्म होने के बाद सही तरीके से साइन आउट करने, किसी को भूलकर भी अपना पासवर्ड नहीं बताने की अपील की जाती है। उन्होंने कहा कि आतंकियों द्वारा भी ई मेल के गलत इस्तेमाल की बातें सामने आ चुकी हैं।
ब्लैकबेरी की मदद से गुप्त ई मेल भेजे जाने के बारे में सिंह ने बताया कि ब्लैकबेरी में एक खास कोड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कोई चाहकर भी किसी का संदेश नहीं पढ़ सकता और आतंकी इसका गलत फायदा उठाते हैं। Jagran

Friday, August 7, 2009

बच्चे रेडियो से सीखेंगे अंग्रेजी

इंगलिश मीडियम की तरह सरकारी स्कूलों में हिन्दी मिडियम के बच्चे भी अब पहली कक्षा से ही अंग्रेजी बोलना सीखने लगेंगे। राज्य की प्रारंभिक शिक्षा में अध्ययनरत बच्चों को आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले परस्पर संवाद कार्यक्रम के तहत रेडियो पर अंग्रेजी सिखाई जाएगी। प्रदेश के चार संभागों की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में एक सितंबर से रेडियो पर अंग्रेजी के पाठ शुरू होंगे।

पहली से चौथी कक्षा तक के बच्चों के लिए 120 लेसन तैयार किए गए हैं। कक्षा के अनुसार निर्धारित दिनों में इनका प्रसारण दोपहर में 12 से 12.30 बजे तक आधे घंटे के लिए आकाशवाणी से किया जाएगा। राज्य के शिक्षा विभाग और बेंगलूर के एज्युकेशन डवलपमेंट सेंटर के तत्वावधान में चलाए जाने वाले इस कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रारंभिक शिक्षा परिषद के तहत किया जाएगा।

इसके लिए संभाग मुख्यालयों पर सात और आठ अगस्त को दो दिवसीय संभागीय प्रशिक्षण शिविर रखे गए हैं। बीकानेर में यह शिविर राजकीय गंगा बाल उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किया जाएगा, जिसमें चूरू संभाग के 62 शिक्षक भाग लेंगे। इनमें बीकानेर, झुंझुनूं और श्रीगंगानगर के 14-14, चूरू 11 व नौ शिक्षक हनुमानगढ़ के शामिल हैं।

भरतपुर संभाग मुख्यालय पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर में 84, जोधपुर में 73 तथा उदयपुर संभाग के चित्तौड़गढ़ में आयोजित शिविर में 97 शिक्षक भाग लेंगे। इन शिक्षकों को रिसोर्स पर्सन नाम दिया गया है। कार्यक्रम में दक्ष सेवानिवृत्त या सेवारत व्याख्याता इन शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे, जिन्हें केआरपी नाम दिया गया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने स्कूलों में पहली कक्षा से ही अंग्रेजी अनिवार्य कर दी है।

इसे ध्यान में रखते हुए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को आकाशवाणी के जरिये अंग्रेजी सिखाने का यह तरीका अपनाया जा रहा है। पिछले वर्ष यह कार्यक्रम प्रदेश के 11 जिलों में शुरू किया गया था। अब इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है।

आकाशवाणी से परस्पर संवाद कार्यक्रम के प्रसारण का समय दोपहर 12 से 12.30 बजे का रहता है। वर्तमान में दोपहर 12 बजे स्कूलों की छुट्टी हो जाती है। एक सितंबर से स्कूलों का समय बदलेगा। इसे ध्यान में रखते हुए यह कोर्स इसी तिथि से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले परस्पर संवाद कार्यक्रम के तहत कक्षा पहली से चौथी तक के बच्चों को अंग्रेजी सिखाई जाएगी। इसके लिए रिसोर्स पर्सन तैयार किए जा रहे हैं। सात और आठ अगस्त को उनका दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर रखा गया है।

प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने हमें जयपुर में दो दिन की ट्रेनिंग दी थी। इस प्रकार के कार्यक्रमों से सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही बच्चों का बौद्धिक स्तर ऊंचा होगा। - वीरेन्द्र यादव, रिटार्यड व्याख्याता, (केआरपी)

सीखेंगे शब्दों का उच्चरण

परस्पर संवाद कार्यक्रम के तहत पहली से चौथी कक्षा के बच्चों को अंग्रेजी के शब्दों का उच्चरण और अंग्रेजी के वाक्यों को समझना सिखाया जाएगा। इसके लिए ऐसे वरिष्ठ अध्यापकों का चयन किया गया है, जिनकी अंग्रेजी में अच्छी पकड़ है। केआरपी इन शिक्षकों को दो दिन की ट्रेनिंग देंगे। उसके बाद यह शिक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।

प्रशिक्षण का यह कार्यक्रम 31 अगस्त तक चलेगा। उसके बाद एक सितंबर से रेडियो पर बच्चों को अंग्रेजी सिखाने का काम शुरू हो जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने इसके लिए 120 लेसन तैयार किए हैं। यह लेसन सभी स्कूलों में भेजे जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी का स्तर काफी खराब है। हालात यह है कि बच्चे शुद्ध हिन्दी तक नहीं लिख पाते। उन्हें अंग्रेजी के अक्षरों तक का ज्ञान नहीं है। इस प्रकार के कार्यक्रम से बच्चों को अंग्रेजी सिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

रणबीर की मां ने कहा, दोषियों का भी हो एनकाउंटर

देहरादून में हुए रणबीर के एनकाउंटर को सीबीआई ने फर्जी करार दिया है। इसके बाद परिवारवाले थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। अब उन्हें यकीन है कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। बेटे की मौत को एक महीना गुजरने के बाद भी रणबीर की मां सुदेश की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह कहती हैं कि मेरे निर्दोष बेटे को मारने वाले पुलिसकर्मियों का भी वैसा ही एनकाउंटर होना चाहिए। उसी दिन मुझे शांति मिलेगी। सुदेश कहती हैं कि अगर उनका बेटा अपराधी होता तो वे खुद उसे पुलिस के पास लेकर जातीं। उन्होंने बताया कि उनके पति खुद सेना से रिटायर हुए हैं। एक फौजी का बेटा अपराधी हो ही नहीं सकता। इंदिरापुरम नीतिखंड में रहने वाले रिटायर्ड सूबेदार रविंद्र सिंह का बेटा रणबीर एमबीए पास था और देहरादून के एक प्राइवट बैंक में जॉब करने गया था। 3 जुलाई को
देहरादून पुलिस ने रविंद्र पाल सिंह को रणबीर के मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना दी। पुलिस ने बताया कि रणबीर और उसके साथी एक इंस्पेक्टर की रिवॉल्वर लूटकर चोरी की बाइक पर भाग रहे थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी। पुलिस के इस दावे को रणबीर के परिवार वालों ने फर्जी करार दिया था। मामला मीडिया में आने के बाद इसकी सीबीआई जांच बैठाई गई थी। जांच में सीबीआई ने माना कि एनकाउंटर फर्जी था। रणबीर को निकट से गोली मारी गई थी। उसके शरीर पर 12 गोलियों के निशान के अलावा 26 चोटों के निशान भी थे। इनसे लगता है कि रणबीर को मारने से पहले बुरी तरह पीटा गया था।

हरियाणा में प्रेमी युगल की हत्या

हरियाणा में प्रेमी युगल की हत्या के मामले थम नहीं रहे हैं। इस कड़ी में एक और प्रेमी युगल को मौत के घाट उतार दिया गया। नया मामला गांव बलंभा का है। यहां की रानी (14) व अनिल (20) की हत्या रक्षाबंधन वाली रात प्रेम प्रसंग के शक पर की गई। दोनों की हत्या का आरोप रानी के परिजनों पर है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रामकुमार, जसबीर, सुरेंद्र व सुखबीर को हत्या के आरोप में, मोनू व बिमला को शव खुर्द-बुर्द करने और षड्यंत्र में शामिल होने के मामले में सत्यवान को गिरफ्तार किया है। अनिल का शव सुबह 5:30 बजे बलंभा पशु अस्पताल के पास महम-बेरी रोड पर मिला, जबकि रानी की अंत्येष्टि परिजनों ने तड़के 4:30 बजे ही कर दी। पुलिस ने उसके अधजले शव को कब्जे में ले लिया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद अनिल की अंत्येष्टि कर दी गई। रामकुमार की बेटी रानी बीते साल सातवीं में फेल हो गई थी। इस साल फिर से उसका दाखिला कराया था। अनिल के 12वीं पास करने के बाद परिजन पॉलिटेक्निक में उसके दाखिले की तैयारी कर रहे थे।रानी के परिजनों ने दोनों को बुधवार रात को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दोनों की हत्या रानी के घर में की गई। इससे पहले रानी की जमकर पिटाई की गई और बाद में कपड़े से उसका गला घोंट दिया गया। अनिल का शव अर्धनग्न हालत में मिला था। उसके शरीर पर भी चोट के निशान थे।जाति और गोत्र एकअनिल व रानी एक ही जाति और गोत्र के थे। दोनों परिवारों का आपस में मेलजोल था। बुधवार शाम को अनिल अपने घर हो रहे सत्संग में रानी के मां-बाप को बुलाने के लिए कई बार उसके घर गया था। अनिल के जसबीर ने अपने बयान में कहा है कि रात करीब 10 बजे रानी का भाई मोनू, जसबीर व सोमबीर उसे बुलाकर ले गए थे। तलाश करने पर वह नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था।

अजमल कसाब जेल में नौटंकी कर रहा है

जेल अधिकारियों ने गुरुवार को विशेष अदालत में शिकायत दर्ज कराई है कि कसाब ने जेल का खाना खाने से इनकार कर दिया है। उसने यह कहते हुए प्लेट फेंक दी कि ' मैं मटन बिरयानी खाना चाहता हूं। ' जज एम . एल . तहलियानी ने कसाब के खराब रवैये के लिए उसे फटकार लगाई और चेतावनी दी कि सही तरह से व्यवहार करे , नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कसाब ने बुधवार को खाना खाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कोर्ट के सामने यह बात लाई गई है। जेल के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि कसाब को वही भोजन दिया गया था , जो अन्य कैदियों को दिया गया। जब तहलियानी ने कसाब से पूछा कि क्या उसने जेल स्टाफ के साथ खराब व्यवहार किया , तो उसने कहा , ' जी हुजूर ' ।
सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कसाब की आलोचना करते हुए कहा कि वह जब - तब खराब रवैया अपना रहा है। हमने कुछ जगह ये खबर पढ़ी कि रक्षा बंधन के दिन कसाब ने अदालत की कार्यवाही के बाद अपने वकील से कहा कि क्या मुझे कोई राखी नहीं बांधेगा। निकम ने कहा कि यह बात जानबूझकर मीडिया में पहुंचाई गई है , ताकि कसाब को जनता की सहानुभूति मिले। अजमल कसाब जेल में जिस तरह की नौटंकी कर रहा है , उससे यह साफ है कि उसको भी मालूम है कि भारत का तंत्र कितना लचर है। एक आतंकवादी ने पूरे सिस्टम का मजाक बना के रखा हुआ है। तीन महीने बाद मुंबई हमले का एक साल पूरा हो जाएगा। लेकिन कसाब का मुकदमा कब तक खिंचता रहेगा , कोई नहीं जानता। मुंबई हमले के बाद आम जनता और कई बु्द्धिजीवियों ने ऐसी घटनाओं के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और मुकदमा पूरा करने की समयसीमा तय करने की मांग की थी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। होना तो यह चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के एक या दो जजों की एक स्पेशल कोर्ट बनाकर ऐसे मामलों को जल्द से जल्द खत्म करना चाहिए और इस कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार भी नहीं होना चाहिए। दर्जनों लोगों और कैमरों के सामने कत्ल - ए - आम करने वाले को कानूनी दांवपेच का बहाना बनाकर जनता की भावना का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। क्या आप भी हमारी बात से सहमत हैं।

Thursday, August 6, 2009

मुंबई ब्लास्ट मामले में सजा 6 को

मुंबई में 2003 में हुए जावेरी बाजार और गेटवे ऑफ इंडिया ब्लास्ट मामले में शामिल तीन आरोपियों को आज यानी 6 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। मुंबई की स्पेशल पोटा कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जावेरी बाजार और गेटवे ऑफ इंडिया पर हुए दो धमाकों का दोषी करार दिया था। कोर्ट ने अशरफ अंसारी, हनीफ सैयद और हनीफ की बीबी फहमीदा सैयद को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने इन्ही तीनों को 25 अगस्त 2003 को जावेरी बाजार और गेटवे ऑफ इंडिया पर हुए दो जबर्दस्त धमाके को अंजाम देने के लिए दोषी पाया। इन धमाकों में 54 लोगों की मौत हो गई थी और 180 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

लड़कियों को घूरने में बिता देता है जिंदगी का एक साल

एक औसत आदमी दिन में 10 लड़कियों को घूरता है और ऐसा करने में वह 43 मिनट समय देता है। एक ब्रिटिश रिसर्च के मुताबिक आदमी औसतन जिंदगी का एक साल लड़कियों को घूरने में बिता देता है। जहां तक औरतों का सवाल है वह दिन में छह मर्दों को निहारने में 20 मिनट खर्च करती है। इस तरह औरतों की जिंदगी के छह महीने मर्दों को घूरने में ही निकल जाते हैं। पोल करने वाली संस्था कोडेक लेंस विजन के मार्क आयरलैंड का कहना है, 'मर्द औरतों के बट को घूरने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि वह इसमें कितना समय देते हैं। ऑपजिट सेक्स को घूरने में एक साल लगाना काफी लंबा समय लगता है।'
रिसर्चरों ने इस सर्वे को करते वक्त यह माना है कि लोग 18 से 50 की उम्र तक ही ऑपजिट सेक्स के लोग को घूरते हैं। पोल में भाग लेने वाले 3000 लोगों ने माना कि जब उन्हें कोई टकटकी लगा के घूरा जाता है तो अच्छा लगता है, जबकि 16 महिलाओं ने कहा कि इससे वह असहज हो जाती है। 20 प्रतिशत महिलाओं का कहना था कि इससे वे शरमा जाती हैं। महिलाओं का कहना है कि वह सबसे पहले मर्दों की आखों में देखती हैं, जबकि पुरुषों का कहना है कि वह महिलाओं की फिगर को निहारते हैं।

हर 17 दिन में जा रही है एक जान

हरियाणा के अमलोह गांव के लोगों के चेहरे पर मौत का खौफ साफ पढ़ा जा सकता है। लोग इतने घबराए हुए हैं कि उन्होंने शराब व मांस-मच्छी क्या सेक्स करना तक छोड़ दिया है। वजह? वजह यह है कि इस गांव में पिछले चार महीने से हर 17 दिन में एक आदमी की मौत हो रही है। यमुनानगर जिले के अमलोह गांव की आबादी 600 है। चार महीने पहले गांव में सबकुछ नॉर्मल था। लेकिन फिर अचानक 13 मई को गांव के रुलिया राम अपने बिस्तर पर मृत मिले। गांव वालों के लिए यह सामान्य घटना थी।...लेकिन मौत का यह सिलसिला बड़े अजीब तरीके से आगे बढ़ा। गांव में पिछले 4 महीने से हर 17 दिन में एक आदमी की मौत हो रही है। गांव के सरपंच कुलदीप कहते हैं कि आज यानी गुरुवार को फिर 17वां दिन है। लोग सहमे हुए हैं कि आज किसका नंबर है। कुलदीप कहते हैं कि दुनिया भले ही इस पर यकीन न करे, लेकिन हम पिछले चार महीने में अपने 5 लोगों को खो चुके हैं। वह संदेह जताते हैं कि जरूर गांव के खेड़ा देवता को किसी ने नाराज कर दिया है। इससे पूरा गांव मुसीबत में फंस गया है। उन्होंने बताया कि रुलिया राम के बाद हर 17 दिन में सीमा देवी, राहुल (22), धर्मपाल, रमन पाल (19) की मौत हो चुकी है।

Wednesday, July 29, 2009

नाप लेने के नाम पर टीचर ने छात्राओं को 'नंगा' किया

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक गुरुजी (टीचर) ने ड्रेस का माप लेने के नाम पर प्राइमरी क्लास की 8 छात्राओं के कपडे़ ही उतरवा दिए। ऐसा करने वाले टीचर को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लिया गया है। जिले के गंजबासौदा विकासखण्ड के जनजाति मजदूरों की बस्ती नूरपुर टपरा में स्थित शिक्षा गारंटी स्कूल (ईजीएस) में तैनात टीचर संजीव शर्मा ने 5वीं की छात्राओं को नई ड्रेस का माप लेने के बहाने कमरे में बुलाया। गुरुजी ने बंद कमरे में एक-एक कर छात्राओं के कपडे़ उतरवाए और हाथ के पंजे से लड़कियों का माप लिया। छात्राओं ने इसकी शिकायत अपने परिजनों
से की तो मामला गरमा गया। गंजबासौदा के एसडीएम ने बुधवार को बताया है कि संजीव शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ त्योंदा थाने में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। एसडीएम ने बताया कि ने बताया है कि संजीव शर्मा के साथ काम करने वाली एक शिक्षिका ने भी पहले शिकायत की थी कि उनकी हरकतें ठीक नहीं हैं।

सोना बेचो और पैसा बनाओ!

कीमतों में आई तेजी ने लोगों में सोने को बेचकर पैसा बनाने का ट्रेंड पैदा किया है और लोग अपने परिवार के पुराने गहने बेचकर जमकर मुनाफा कमा रहे हैं। दरीबा बाजार के रतनचंद ज्वालानाथ जूअलर्स के तरुण गुप्ता बताते हैं, 'ऐसा पहली बार हो रहा है जब लोग गहनों को बेचकर कैश ले जा रहे हैं। इससे पहले जो भी लोग आते थे वे पुराने सोने के बदले में सोने के नए गहने खरीदकर ले जाते थे। हालांकि यह ट्रेंड जनवरी से अप्रैल के दौरान ज्यादा रहा और अब इसमें कमी आ रही है।' जानकारों के मुताबिक जब सोने में 2,000 से 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आती है तो लोग सोना बेचना शुरू कर देते हैं। चांदनी चौक के कूचामहाजनी के बुलियन मर्चेन्ट एसोसिएशन के प्रेजिडंट श्रीकिशन गोयल के मुताबिक, 'सोना 10,000 से 14,000 के स्तर पर आया तो स्क्रैप की बिक्री में भारी तेजी आई। अब कुछ कमी आई है। लोग भाव बढ़ने के इंतजार में हैं।' गोयल के मुताबिक दिल्ली में 200 से 300 टन सोने की सालाना खपत होती है। जूअलर्स के कारोबारी बताते हैं कि दिल्ली में पहले कोई दुकानदार दिनभर में 100 ग्राम गहने बेचता था तो उसके पास केवल पांच ग्राम पुराना सोना बिक्री को आता था। सोने के भाव में आई तेजी से यह ट्रेंड बदल गया है। गुप्ता बताते हैं, 'जनवरी से अप्रैल के दौरान नए सोने की बिक्री तो गिरकर 10 ग्राम पर आ गई जबकि दुकानदारों के पास बिकने वाले पुराने सोने की मात्रा 100 ग्राम हो गई।' जानकारों के मुताबिक स्क्रैप बिक्री की प्रवृत्ति पहले भी थी लेकिन सोने के 14,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचने को लोगों ने इसकी बिक्री के जरिए पैसा बनाने का बेहतरीन मौका माना है। बोनांजा ब्रोकरेज के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडंट(गोल्ड) विभुरतन धारा के मुताबिक, 'लोगों ने इस बार स्क्रैप गोल्ड की काफी बिक्री की है। ऊंची कीमतें इसकी सबसे बड़ी वजह है। साल 2005-06 के 7,000 रुपये के स्तर से जब सोने के भाव फरवरी 2007 में 10,758 रुपए के स्तर पर पहुंचे थे, उस वक्त भी सोने के स्कैप की घरेलू बिक्री में तेजी आई थी।'

नस्लवाद का शिकार महिला पुलिसकर्मी

लंदन एक ट्रिब्यूनल ने एक सिख महिला पुलिसकर्मी को नस्ली भेदभाव का शिकार पाया है। इस आदेश के बाद महिला को हर्जाने के तौर पर हजारों पाउंड मिलने तय हैं। एक इंप्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल ने पाया कि अमनदीप कौर ग्रेवाल को मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ ट्रेनिंग के दौरान नस्ली और धार्मिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। कौर ने इसके एवज में हर्जाने की मांग की थी। भारतीय मूल की इस महिला का दावा है कि उसकी ट्रेनर लुसिंडा रिग्बी ट्रेनिंग के दौरान उसके साथ जरूरत से ज्यादा सख्ती बरतती थी।

Tuesday, July 21, 2009

डॉ. कलाम के साथ बदसलूकी

भारतीय मिसाइल कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले डॉ . कलाम के साथ दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बदसलूकी की गई। पिछले दिनों अमेरिका की एक एयरलाइन कंपनी के कर्मचारियों ने सुरक्षा जांच के नाम पर डॉ . कलाम की जेब में रखा पर्स , उनका मोबाइल ही नहीं बल्कि जूते तक उतरवा लिए। कलाम के साथ यह घटना उस समय हुई जब वह सरकारी यात्रा पर कॉन्टीनेंटल एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या सीओ -083 से न्यू यॉर्क जा रहे थे। वाकया इसी साल 24 अप्रैल का है। इस दौरान डॉ . कलाम के साथ भारत सरकार के एक प्रोटोकॉल अधिकारी कस्टम , सीआईएसएफ , इमीग्रेशन और डायल के अफसर एयरोब्रिज के नजदीक पहुंचे। वहां मौजूद कॉन्टीनेंटल एयरलाइंस के अफसरों ने डॉ . कलाम को सुरक्षा जांच के लिए लाइन में लगने को कहा। प्रोटोकॉल अफसरों ने जांच अधिकारियों को डॉ . कलाम के कद और पद के बारे में सूचित भी किया।
बावजूद इसके अपने देश की सरजमीं पर ही उन्हें एयरलाइंस के जांच अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी जांच में छूट देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने न केवल डॉ . कलाम का पर्स , मोबाइल स्कैन किया बल्कि उनके जूते तक उतरवा लिए। डॉ . कलाम ने अपनी सादगी का परिचय देते हुए अफसरों की मांग के मुताबिक न केवल जांच से सहयोग किया बल्कि बिना शिकायत विमान में सवार हो गए। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक , कॉन्टिनेंटल एयरलाइंस ने इंडियन एयरलाइंस की सब्सिडरी कंपनी एएसएल को सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी सौंपी हुई है। कलाम की जांच करने वाली टीम के सदस्य का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति को देखने के बाद वह असमंजस में पड़ गए लेकिन मौके पर मौजूद एयरलाइंस के विदेशी अधिकारी ने नो वन इज एग्जेम्टेड ( किसी को छूट नहीं ) कहते हुए जांच के आदेश दिए। इसी एयरलाइंस से जुडे़ एक अन्य अधिकारी ने घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा , कई बार इसी कंपनी के कर्मचारी भारत में प्रशिक्षण के लिए आते हैं और कभी सुरक्षा जांच से नहीं गुजरते हैं , लेकिन यह एयरलाइंस अक्सर भारत के प्रतिष्ठित नागरिकों और राजनयिकों की सुरक्षा जांच के नाम पर बेइज्जत करती आई है। जबकि , कानून के मुताबिक राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री , पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से छूट मिलती है। लेकिन इस अमेरिकी एयरलाइन कंपनी ने नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। इस मामले की गूंज संसद में भी मंगलवार को सुनाई दी। बीजेपी ने राज्यसभा में इस मामले को जोरदार तरीके से उठाते हुए अमेरिकी एयरलाइन की उड़ानों पर रोक लगाने की मांग कर दी। वहीं , समाजवादी पार्टी ( एसपी ) के वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यह मामला महज प्रक्रियागत या खानापूरी नहीं है। बल्कि इसके पीछे काले - गोरे , ऊंचे - नीचे इंसानों की सोच काम कर रही है। उन्होंने गांधी , मंडेला और राम मनोहर लोहिया जैसी हस्तियों का नाम इस सिलसिले में लेते हुए पूरे मामले को एक भारतीय का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर रंगभेद का मामला है। बीजेपी के राज्यसभा नेता अरुण जेटली ने भी कहा कि यह महज जांच का मुद्दा नहीं है बल्कि मामले की गंभीरता कहीं आगे तक है। सदन की भावनाओं को भांपते हुए सरकार की ओर से नागरिक उड्डयन मंत्री ( सिविल एविएशन मिनिस्टर ) प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मैं सदन की भावनाओं का सम्मान करता हूं और इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

रेप की शिकार मानसिक विकलांग को मिली मां बनने की इजाजत

सुप्रीम कोर्ट ने मानसिक रूप से विकलांग एक रेप पीड़ित महिला को अपने बच्चे को जन्म देने की इजाजत दे दी है। चीफ जस्टिस के. जी. बालकृष्णन और जस्टिस पी. सदाशिवम की बेंच ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। यह महिला चंडीगढ़ के एक केयर होम में रेप का शिकार हुई थी, जिसके बद यह प्रेगनंट हो गई थी। इसे 19 महीने की प्रेगनंसी है। सामाजिक कार्यकर्ता मांग कर रहे थे कि महिला को बच्चे को जन्म देने की इजाजत न मिले, क्योंकि बच्चे पर गलत असर पड़ेगा। उधर महिला के वकील उसके इजाजत दिए जाने की मांग कर रहे थे। कोर्ट इस महिला को लेकर काफी चिंतित थी, क्योंकि यह महिला अनाथ है और उसे कोई सामाजिक समर्थन प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश दिया है कि इस महिला और उसके बच्चे की देखभाल करे।

Thursday, July 16, 2009

पूरी तनख्वाह चैरिटी में दे देते हैं श्रीधरन

पिछले कई दिन मेट्रो चीफ ई. श्रीधरन के लिए काफी मुश्किल भरे रहे। पिछले रविवार को मेट्रो साइट पर हुए हादसों के बाद तो उन्होंने जाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन शीला सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपने पद पर बने रहने के लिए कहा। रविवार को हुए इन हादसों के बाद अपने पहले इंटरव्यू में श्रीधरन ने NBT सहयोगी संवाददाता मेघा सूरी के साथ खुलकर बात की और अपने दिल की बात कही। रविवार को जब आपने इस्तीफा देने का फैसला किया उस वक्त आपके दिमाग में क्या चल रहा था? कई कारण थे जिसके कारण मैंने यह फैसला लिया था। मैं पिछले 11 सालों से मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़ा हूं और हमारा रेकॉर्ड भी काफी अच्छा रहा है। पिछले साल लक्ष्मी नगर में हुए हादसे के बाद हमने सिक्यूरिटी मेजर्स और मॉनिटरिंग बढ़ा दी थी। मैंने इस बात की भी हिदायत दी थी कि अगर जरा भी इस बात का अंदेशा हो कि सुरक्षा के लिहाज से कहीं कोई कमी है तो तुरंत साइट पर काम रोक दिया जाए। लेकिन इस सब के बाबजूद अगर ऐसा हादसा दोबारा होता है तो मुझे इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
भगवान न करे , अगर फिर ऐसा हादसा हो तो क्या आप दोबारा इस्तीफा देंगे। और क्या तो तब यह नहीं कहा जाएगा कि आप जिम्मेदारियों से भाग गए? जब तक मेट्रो का फेज़-2 (कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 तक)पूरा नहीं होता, मैं ऑर्गनाइजेशन को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला, चाहे जो हो जाए। यह मेरी ड्यूटी है, देश के प्रति मेरा उत्तरदायित्व है। मुख्यमंत्री, जयपाल रेड्डी और कई लोगों के मुझे आश्वासन दिया है कि वे मेरे साथ हैं। यहां तक की राहुल गांधी ने भी फोन करके मुझे कहा कि प्लीज मत जाइए, हम आपके साथ हैं। लेकिन आपको क्या लगता है कि रविवार का हादसा क्यों हुआ? मैं भी जानना चाहता हूं कि इसके पीछे क्या कारण हैं। लेकिन एक एंजीनियर होने के नाते मेरा अपना अनुभव यह कहता है कि यह खंभे की डिजाइन की गड़बड़ी के कारण हुआ है। मार्च में इस खंभे में दरार देखी गई थीं और मैंने खुद उसे देखने भी गया था। मैं खुद संतुष्ट नहीं था और इसलिए मैंने एक सेफ्टी टीम को इसकी देखरेख करने के काम में लगाया था, लेकिन उनका निष्कर्ष था कि दरारें ऊपरी हैं। लेकिन तब भी मैं संतुष्ट नहीं था। इसलिए हमने यह फैसला किया है पिलर पर पूरा लोड डालकर टेस्ट किया जाएगा... इसका मतलब है कि आप चाहते थे कि पिलर को गिरा दिया जाए? हां, मैं चाहता था कि उसे उसी वक्त गिरा दिया जाता। लेकिन यह संभव नहीं था क्योंकि एक दूसरा गर्डर को पहले ही ऊपर उठाया जा चुका था और वह पिलर पर रखा जा चुका था। इस गर्डर का भार 450 टन था और पिलर को तब तक नहीं गिराया जा सकता था जब तक गर्डर को उस पर से हटाया न जाए। मेरी टीम ने मुझे कहा कि फिलहाल इस टेस्ट को न किया जाए और कंट्रक्शन पूरा होने और फिनिशिंग के बाद पिलर को टेस्ट कर लिया जाए। और मैंने उनकी सलाह के आगे सिर झुका दिया। और इसी का मुझे अफसोस है। यही कारण है कि मुझे लगा कि यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है। मुझे अपने फैसले पर अड़े रहना चाहिए था और पिलर को उसी वक्त गिरा देना चाहिए था। लेकिन उस वक्त अपने फैसले से पीछे हटना ही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। अगर 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स की डेडलाइन नजदीक नहीं होती, तो क्या आपको लगता है कि आप अपने फैसले पर बने रहते और उस पिलर को गिरा देते? नहीं, यह बात नहीं है। हम इस लाइन पर पहले ही अपनी समयसीमा से 5-6 महीने आगे काम कर रहे हैं और अभी हमारे पास काफी समय है। अगर मैं सच में चाहता, तो उस पिलर को नष्ट करवा सकता था। हादसे के बाद लाइन पर काम में देरी होगी? इस साइट पर अब कम से कम तीन महीने की देरी होगी, लेकिन इससे इस पूरी लाइन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि बाकी जगह पर काम चल रहा है।
ऐसी अफवाहे हैं कि जब इस लाइन को बनाने का फैसला किया गया था तब ज्यादातर लोग चाहते थे कि इसे अंडरग्राउंड बनाया जाए। इस हादसे के बाद आपको लगता है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में मेट्रो अंडरग्राउंड ही हो, फिर चाहे इसकी लागत ज्यादा ही क्यों न हो?
अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट में खतरे और ज्यादा होते हैं। वहीं लागत भी तीन गुना बढ़ जाती है और टाइम भी कहीं ज्यादा लगता है। मुझे लगता है कि जहां भी संभव हो हमें मेट्रो को ऊपर ही बनाना चाहिए।
आपको क्या लगता है ऐसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने में सबसे बड़ी रुकावटें क्या हैं?
बड़े कॉन्ट्रैक्टर्स की बहुत कमी है, जो इस तरह के प्रोजेक्ट को पूरा कर सकें। कुछ बड़े कॉन्ट्रैक्टर्स जैसे- एल ऐंड टी ( L&T )ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम नहीं करना चाहते जिनकी कीमत 300-400 करोड़ से कम हो। हमारे ज्यादातर टेंडर्स 100-120 करोड़ रुपए के हैं। सरकार ने कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले जिस आखिरी लाइन को अनुमित दी थी वो है- बदरपुर लाइन। लेकिन जब हमने बदरपुर लाइन के 10 स्टेशनों के लिए टेंडर मंगाए तो हमें कोई टेंडर नहीं मिला। तब हमने दोबारा टेंडर निकाला और तब सिर्फ हमें एक टेंडर मिला और वह था- गैमन। हम अपने 2-3 कॉन्ट्रैक्टर्स के काम से संतुष्ट नहीं हैं लेकिन हमारे पास उन्हें बदलने के लिए कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। NBT

पर्यावरणविद डॉ.जी.डी. अग्रवाल 5 अगस्त को करेंगे अनशन

प्रसिद्ध गांधीवादी और पर्यावरणविद् डॉ.जी.डी. अग्रवाल ने लोहारीनाग-पाला परियोजना पर कार्य फिर आरंभ किए जाने के विरोध में पांच अगस्त से आमरण अनशन करने की घोषणा की है, लेकिन उनके अनशन का स्थल अभी तय नहीं है। डा.अग्रवाल के करीबी पर्यावरण कार्यकर्ता पवित्र सिंह ने देहरादून से टेलीफोन पर बताया कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए परियोजना स्थल पर दिन-रात काम जारी है। इसका विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को जिला प्रशासन धमका रहा है। गौरतलब है कि नैनीताल उच्च न्यायालय ने 18मई 2009 के अपने आदेश में केंद्र सरकार को लोहारीनाग-पाला परियोजना के संबंध में स्पष्ट निर्णय लेने या सलाह देने के लिए चार सदस्यीय समिति के गठन का आदेश दिया था। पवित्र सिंह ने बताया कि अनशन स्थल अभी तय नहीं है और समय तथा परिस्थिति के अनुसार डॉ.अग्रवाल खुद इसके बारे में फैसला लेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि नई दिल्ली या हरिद्वार में किसी एक स्थान पर डॉ.अग्रवाल आमरण अनशन के लिए बैठेंगे। डा.अग्रवाल ने सरकार के आश्वासनों के बावजूद गंगा के अस्तित्व को खतरे में डालने वाली परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी रखने से निराश होकर आमरण अनशन पर बैठने का फैसला किया है।

आतंकवाद बड़ा खतरा

मिस्र के शहर शर्म अल शेख में गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन में अब से ठीक 30 मिनट बाद भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसके बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त साझा बयान जारी किया है। इस साझा बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद को एक बड़ा खतरा बताया है। दोनों देश यह मानतें है कि आतंकवाद दोनों देश के लिए खतरा है और इससे लड़ने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।भारत और पाक के दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बेहतर माहौल में बातचीत हुई है और दोनों देशों ने माना की संबंधों में सुधार के लिए बातचीत एक बेहतर अवसर है।

Tuesday, July 14, 2009

रेप आरोपी बरी,

बलात्कार के एक मामले में पीड़िता को संदिग्ध चरित्र वाली महिला बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने
एक व्यक्ति को दोषमुक्त करार दिया है, जिसे एक निचली अदालत ने रेप का दोषी ठहराया था। जस्टिस मुकुंदकम शर्मा और जस्टिस बी.एस. चौहान की बेंच ने कहा कि यह एक ऐसी महिला लगती है जो यौन संसर्ग करती रहती थी। उसे अपने आनंद के लिए किसी भी जान-पहचान के शख्स के साथ घुलमिल जाने और खुली गतिविधियां करने में कोई आपत्ति नहीं थी। बेंच ने फैसले में कहा कि इस तरह वह एक संदिग्ध चरित्र वाली महिला दिखाई देती है। बेंच ने अभियोजन पक्ष के इस नजरिए को खारिज कर दिया कि पीड़िता नाबालिग थी।
इससे पहले आरोपी मूसाउद्दीन अहमद उर्फ मूसा को गुवाहाटी में कामरूप की एक सेशन कोर्ट ने बलात्कार का दोषी ठहराया था और 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। मूसा ने गुवाहाटी हाई कोर्ट में अपील की थी। हाई कोर्ट ने भी उसे दोषी करार देने के फैसले पर मुहर लगाई लेकिन सजा घटाकर चार साल कर दी। मूसा ने अपनी याचिका में कहा था कि उसने कोई बलात्कार नहीं किया गया था और यह आपसी सहमति से यौन संबंधों का मामला है। याचिका को स्वीकारते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निचली अदालतों में पीड़िता से पूछताछ के दौरान जांच एजंसियों के समक्ष दिये गये बयानों में कई तरह के विरोधाभास थे।

प्रिंसिपल 20 सालों से छेड़छाड़ करता रहा

साकीनाका थाने में 39 साल की एक टीचर ने स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। दर्ज किए गए मामले में पीड़ित स्कूल टीचर ने आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल पिछले 20 सालों से उसके साथ छेड़छाड़ करता रहा है। शिवराम विद्यामंदिर की इस टीचर ने यह आरोप प्रिंसिपल रमाशंकर श्रीवास्तव के खिलाफ लगाया है। अपने बयान में इस टीचर ने कहा है कि आरोपी उसे फोन करके पहले अपने केबिन में बुलाता था फिर उसके साथ अभद्रता करता था। विरोध करने पर वह उसे धमकाते हुए कहता कि अगर उसने ऐसा करने की हिमाकत की तो वह उसे बदनाम कर देगा। गौरतलब है कि एक स्थानीय न्यूज़ चैनल ने इस प्रिंसिपल की विवादित क्लिपिंग्स पहले अपने चैनल पर दिखाई थी जिसके बाद से ही यह प्रिंसिपल फरार बताया जा रहा है। साकीनाका पुलिस फिलहाल कालेज स्टॉफ से बात कर श्रीवास्तव के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर रही है। NBT

मास्टर साहब ने बनाया बंधक, करते रहे यौन शोषण

नाबालिग लड़की के कथित यौन शोषण के आरोप में बडवानी स्थित शासकीय महाविद्यालय के एक सहायक प्राध्यापक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रविवार को सिलावद थाना क्षेत्र के अंतरसभा गांव की 16 वर्षीय लड़की की शिकायत पर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इतिहास पढ़ाने वाले सहायक प्राध्यापक प्यारेलाल डूडवे को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में उसके घर में काम करने वाली महिला को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य राजेंद्र नामक व्यक्ति की तलाश की जा रही है।
आरोपी प्राध्यापक और उसकी नौकरानी बालीबाई को सोमवार को यहां न्यायिक दंडाधिकारी रेखा दीक्षित की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस किशोरी को बालीबाई और राजेंद्र हाट बाजार ले जाने के बहाने बड़वानी लेकर आए थे और उसे प्राध्यापक को सौंपा गया था।
डूडवे ने कथित रूप से उक्त किशोरी को अपने घर में बंधक बनाकर उसका यौन शोषण किया। दो दिन पहले लड़की को उसके भाइयों ने मुक्त कराया है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवींद्र कान्हरे ने बताया कि मामले की रिपोर्ट आयुक्त उच्च शिक्षा आयोग को भेज दी गई है। कॉलेज सूत्रों ने बताया कि खरगोन जिले के बड़वाह में शासकीय पद पर पदस्थ डूडवे की पत्नी ने उच्च शिक्षा विभाग को भेजे पत्र में पति को कथित रूप से व्यभिचारी बताते हुए उनका वेतन नहीं निकाले जाने की मांग पूर्व में की है।

एयरहोस्टेस से लेकर पायलट तक नशे में

विमान के उड़ान भरने से ठीक पहले पायलट या परिचालक दल के सदस्यों के नशे में पाए जाने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले छह माह में इस तरह के करीब एक दर्जन मामलों की रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को भेजी गई है। नशे में धुत्त पाए गए कर्मचारियों में एयरहोस्टेस भी शामिल हैं। सबसे ताजा मामला सोमवार को हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सामने आया, जहां मुंबई जाने वाली इंडियन एयरलाइंस की सेवा (आईसी-९४२) का एक फ्लाइट अटेंडेंट नशे में पाया गया।
एक निजी एयरलाइंस के अधिकारी का कहना है कि इस तरह के मामलों में वृद्धि चिंताजनक है। डीजीसीए इस तरह के क्रियाकलापों में लिप्त पाए गए पायलटों व चालक दल के सदस्यों पर लगातार नजर रखता है। उसके अधिकारी अक्सर उड़ान से पहले एयरपोर्ट का औचक निरीक्षण करते हैं। जो भी कर्मचारी नशे में पाया जाता है, उसे तत्काल ड्यूटी से हटा दिया जाता है। उन्हें ट्रेनिंग सेंटर पर दो माह के रिफ्रेशर कोर्सेज के लिए भेजा जाता है। सूत्रों ने बताया कि आमतौर पर त्योहारों के आसपास इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। हालांकि विमानन कंपनियां शराब के प्रयोग को जरा भी बर्दाश्त नहीं करती हैं।

Monday, July 13, 2009

‘गुमशुदा’ स्वतंत्रता सेनानियों की तलाश

देश भर में चिह्नित एक लाख सत्तर हजार से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों में से एक लाख से ज्यादा सेनानी लंबे समय से गुमशुदा हैं। उनकी गुमशुदगी से केंद्रीय गृह मंत्रालय परेशान है। स्वतंत्रता सेनानियों की पहचान करने और उन्हें पेंशन देने की जिम्मेदारी उसी पर है।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक लंबे समय तक ये स्वतंत्रता सेनानी पेंशन लेने नहीं पहुंचे तो मंत्रालय को चिंता हुई। अधिकारियों को आशंका है कि यह आंकड़ों में हेराफेरी और रजिस्टरों में सेनानी की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का मामला तो नहीं है। हाल ही में इस मामले में उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद बाबूओं को कार्रवाई का भय सता रहा है।
गुमशुदगी स्वयं मानी
मंत्रालय की स्वतंत्रता सेनानी इकाई के मुताबिक कुल 1.70 लाख सेनानियों को पेंशन के लिए चिह्नित किया गया है। हालांकि इनमें से सिर्फ 55 से 60 हजार सेनानी ही पेंशन ले रहे हैं। उसने बताया कि 2009-10 में पेंशन के लिए पांच सौ करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
कौन हैं स्वतंत्रता सेनानी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रानी झांसी रेजीमेंट 1943-45, चौरी चौरा कांड 1922, गदर आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन1942 समेत 40 आंदोलनों में शिरकत करने वाले लोगों को स्वतंत्रता सेनानी माना है। इसके अलावा स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छह माह की जेल या भूमिगत होने पर भी पेंशन की पात्रता होती है। महिलाओं व अनूसूचित जाति-जनजाति के मामलों में यह समय सीमा तीन माह है। स्वतंत्रता सेनानियों को 6330 से 7330 रुपए मासिक पेंशन दी जाती है। इसके अलावा 79 प्रतिशत महंगाई राहत भी दी जाती है। अविवाहित-बेरोजगार पुत्रियों के मद में 1500 रुपए मासिक के साथ 79 प्रतिशत महंगाई राहत दी जाती है। इसी तरह क्रांतिकारियों के माता-पिता के लिए महंगाई राहत के साथ हजार रुपए प्रति व्यक्ति दिए जाते हैं।
कहां-कितने स्वतंत्रता सेनानी
-मंत्रालय के 2008 के आंकड़ों के अनुसार देश भर में पेंशन योग्य सेनानियों की संख्या 1,70,375 थी।
-आजाद हिंद फौज के 22,468 सैनिकों को भी स्वतंत्रता सेनानी माना गया था।
-लक्षद्वीप, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश ऐसे तीन राज्य हैं, जहां 2008 के अांकड़ों के अनुसार एक भी व्यक्ति स्वतंत्रता सेनानी के रूप में दर्ज हैं। BHASKAR

मैं आत्महत्या कर लूंगी: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर

2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने
एक सनसनीखेज बयान में कहा है कि वह आत्महत्या कर लेंगी। साध्वी ने इस धमकी के पीछे जो वजह बताई है उसके मुताबिक उनके साथ जेल के अंदर अच्छा बर्ताव नहीं होता है। 11 जुलाई को मीडिया के नाम लिखी चिट्ठी में साध्वी ने कहा है कि जेल के अंदर पुलिस, अस्पताल कर्मियों और जेल अफसरों द्वारा उनके साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार से वह आजिज आ गई हैं। वह आजकल मुंबई के भायखला जेल में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेहद खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्हें एंबुलेंस के बजाय जेजे अस्पताल पुलिस की जीप में ले जाया गया। साध्वी के वकील नवीन ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अजमल कसब जैसे आतंकियों को जहां जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, वहीं हिंदुत्व की अवधारणा का समर्थन के चलते उन्हें जेल में परेशान किया जा रहा है। साध्वी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र राज्य एटीएस ने इस मामले में उन्हें फंसाया है। गौरतलब है कि साध्वी ने इससे पहले विशेष मकोका कोर्ट में जेल में उनके साथ हो रहे बुरे बर्ताव का आरोप लगाते हुए दो बार एप्लिकेशन लिखी है, जिसके बाद कोर्ट ने जेल अफसरों को आरोपों की जांच करने को कहा था और साध्वी को जेजे हॉस्पिटल ले जाए जाने का निर्देश दिया था।

चीन कर सकता है भारत पर 2012 तक हमला

एक टॉप डिफेंस एक्सपर्ट ने अनुमान जताया है कि चीन आंतरिक असंतोष, बढ़ती बेरोजगारी और वित्तीय समस्याओं से अपने लोगों का ध्यान बंटाने के लिए भारत पर 2012 तक हमला कर सकता है। उनका मानना है कि ये समस्याएं उस देश पर कम्युनिस्टों की पकड़ को खतरा पैदा कर रही हैं। 'इंडियन डिफेंस रिव्यू' के एडिटर भारत वर्मा ने कहा है कि 2012 से पहले चीन भारत पर हमला करेगा। निराश पेइचिंग के लिए भारत को अंतिम सबक सिखाने के कई कारण हैं जिसके जरिए वह एशिया में इस सदी में चीन की सर्वोच्चता सुनिश्चित करना चाहेगा। उन्होंने कहा कि मंदी ने निर्यात दुकानों को बंद कर दिया है जिससे आंतरिक सामाजिक अशांति पैदा हो रही है जो समाज पर कम्युनिस्टों की पकड़ को गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। वर्मा ने संपादकीय में कहा है कि इस आकलन के अन्य कारणों में बढ़ती बेरोजगारी, अरबों डॉलर मूल्य की पूंजी उड़न छू होने, इसके विदेशी मुद्रा भंडार में कमी और बढ़ता आंतरिक असंतोष है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त चीन की शह पर भारत के खिलाफ काम करने वाले उनके दाहिने हाथ पाकिस्तान की बढ़ती अप्रासंगिकता चीन की बेचैनी को बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा की अफगान-पाक नीति मूलत: पाक-अफगान नीति है जिसने बड़ी चतुराई से चोर के पीछे चोर लगा दिया है। वर्मा ने कहा कि पेइचिंग के साथ अपनी निकटता से पाकिस्तान पहले ही हिला हुआ है, जो सही मायने में गृहयुद्ध में फंसा हुआ है और भारत के खिलाफ अहमियत खो रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे खास बात यह है कि अमेरिका और पश्चिम के साथ भारत के बढ़ते तालमेल से चिंतित है। उन्होंने कहा कि चीनी कम्युनिस्टों की ये सभी चिंताएं शांतिवादी भारत के खिलाफ युद्ध से ही हल होती है ताकि बहुआयामी रणनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति की जा सके। चीन ने जहां उत्तर कोरिया को छिपे तौर पर भूमिगत परमाणु परीक्षण और मिसाइल परीक्षण करने की इजाजत दी, वहीं यह दक्षिण चीन सागर में अपनी नौसैनिक मौजूदगी भी बढ़ा रहा है ताकि अलग अलग पड़े द्वीपों के उसके दावे का विरोध करने वालों को डरा सके। उन्होंने कहा कि मंदी प्रभावित चीन के लिए इस समय जापान सहित पश्चिमी हितों के खिलाफ बढ़ना समझदारी नहीं होगी। इसलिए सबसे आकर्षक विकल्प भारत जैसे नरम लक्ष्य पर हमला करना और पूर्वोत्तर में इसकी जमीन को जबरन कब्जा करना है। लेकिन, भारत चीनी खतरे का सामना करने के लिए जमीनी स्तर पर कम तैयार है।

'अमेरिका में पढ़ाया जाना चाहिए दास प्रथा का इतिहास'

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि दासप्रथा अमेरिकी इतिहास का भयानक हिस्सा रहा है और इसे उद्देश्यपूर्ण तरीके से पढ़ाया जाना चाहिए। ओबामा ने दासप्रथा की तुलना हॉलोकास्ट के इतिहास से की। उन्होंने कहा कि दोनों इतिहास के भयावह सच हैं लेकिन इसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास से मिले सबक को भूलना नहीं चाहिए। रूस, इटली और घाना की यात्रा के बाद ओबामा वॉशिंगटन पहुंचे। उप सहारा अफ्रीका की यह उनकी पहली यात्रा थी।

Saturday, July 4, 2009

इंग्लैंड के न्यू कैसल इलाके का नेकेड ऑफिस

इंग्लैंड के न्यू कैसल इलाके का एक ऑफिस इन दिनों सुर्खियों में है। दरअसल बात भी कुछ ऐसी ही है। मंदी के दौर में जब ऑफिस का काम कुछ कम हुआ, तो डिजाइन एंड मार्केटिंग कंपनी में लोगों ने जो किया वह किसी आश्चर्य से कम नहीं। यहां के स्टाफ ऑफिस पहुंचते ही नंगे हो जाते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करना बेहतर काम करने में फायदेमंद साबित हो रहा है। मंदी की वजह से कंपनी को छह कर्मचारियों का निकालना पड़ा था, इसके बाद उत्पादकता बढ़ाने के लिए कंपनी ने बिजनेस साइकोलॉजिस्ट डेविड टेलर को हायर किया। डेविड ने सबसे पहले नेकेड डे फ्राइडे तय किया। उस दिन पूरा आठ-दस लोगों का स्टाफ ऑफिस में बिना कपड़ों के ही हो गया। डेविड ने कभी भी नेकेड शब्द को इस्तेमाल ही नहीं किया, उन्होंने बस यह कहा कि इससे हम एक साथ और अच्छा काम कर सकते हैं। जैसे ही परिणाम अच्छे मिले तो कंपनी के भविष्य को देखते हुए इसे पूरी तरह से शुरू कर दिया गया। 23 साल की फ्रंट ऑफिस मैनिजर सैम जैक्सन ने कहती हैं अब हम चूंकि एक-दूसरे के सामने बिना कपड़ों के हो गए हैं तो हमारी झिझक खत्म हो गई है और हम पहले से बेहतर काम कर रहे हैं। हम इससे पहले एक-दूसरे के इतने नजदीक कभी नहीं आए थे। सैम ने भी पूरी तरह से कपड़े उतार दिए थे। यह सब होते हुए कई फ्राइडे बीत चुके हैं। स्टाफ का कहना है कि अब उनकी झिझक खत्म हो गई है। वे अपने शरीर को अधिक अच्छी तरह देख पाए हैं और चाहे कोई छोटा हो या बड़ा, सभी को पता चला कि वह कितना खूबसूरत है। स्टाफ के अनुसार इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती यह भी रही कि इस बीच किसी के मन में भी सेक्स की भावना नहीं आई। इस बात की भनक मिलने के बाद वन ऑफ टीवी चैनल ने इसकी फिल्म भी बनाई है और इसे 9 जुलाई को नेकेड ऑफिस के नाम से प्रसारित भी किया जाएगा।

दूल्हा नहीं, दुलहन चढ़ती है घोड़ी

आमतौर पर परंपरा यही है कि दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन के घर बारात लेकर पहुंचता है। पर एक गांव ऐसा भी है, जहां इसके ठीक उलट होता है। यानी दुल्हन घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर वर के घर पहुंचती है। यूपी के रायबरेली जिले का जहांगीराबाद गांव इस अनोखी परंपरा का सालों से साक्षी रहा है। यहां दूल्हा दुल्हन के बारात लेकर आने का इंतजार करता है, जब कि दुल्हन पगड़ी पहनकर सफेद घोड़ी पर बैठती है। हाल ही में अपनी बेटी के हाथ पीले करने वाले यहां के निवासी शिवकुमार ने बताया कि यह एक अनूठी परंपरा है जिसे गांव के लोग जातियों के बंधन से ऊपर उठकर निभाते हैं। जब मेरी 21 साल की बेटी मंजू की शादी हुई तो वह सफेद घोड़ी पर बैठकर अपनी बारात के साथ नजदीकी गांव उमराय गई। इसी गांव में दूल्हे का घर है। इस परंपरा पर अटूट श्रद्धा रखने वाले गांव के निवासी यह तो नहीं जानते कि यह परंपरा कब से शुरू हुई पर इनका मानना है कि अगर लड़कियां इस परंपरा को नहीं निभातीं तो उनका शादीशुदा जीवन खतरे में पड़ जाता है। या फिर उन्हें कोई गंभीर बीमारी जकड़ लेती है। यहां की निवासी बिंदाई कहती हैं कि गांव में कई बार ऐसा हुआ कि लड़कियों ने शादी के वक्त इस परंपरा को नहीं निभाया। ऐसे मामलों में या तो पति-पत्नी के रिश्तों में दरार आ गई या फिर लड़की व लड़का दोनों गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए। इस गांव में दुल्हन जब घोड़ी पर सवार होकर दूल्हे के घर के लिए निकलती है तो पहले उसे यहां के विभिन्न मंदिरों में जाकर दर्शन करना होता है। स्थानीय निवासी पूरन कहते हैं कि लड़की शादी के मौके पर विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती है। इस गांव की आबादी 3,500 से ज्यादा है और यहां ज्यादातर लोग किसान हैं।

सौ लीटर खून दान कर चुकी हैं ग्रैंड मां

90 साल की मार्गरेट डेल्फिनो, जो अमेरिका के कैलिफोर्निया की रहने वाली हैं। खासियत यह है कि उन पर ब्लड डोनेट करने का एक जुनून-सा सवार रहता है। वह अब तक 25 गैलन (करीब 100 लीटर) खून दान कर चुकी हैं। पिछले गुरुवार को इस दादी अम्मा ने 200वीं बार रक्त दान किया। एक आदमी के शरीर में औसतन जितना खून होता है, वह अब तक उससे 20 गुना खून दे चुकी हैं। वह ऐसा क्यों करती हैं। इसपर उनका जवाब है, 'यह कुछ लोगों के लिए जिंदगी और मौत के बीच का फासला है। मगर हमें और ब्लड डोनर की जरूरत है।' ऐसा नहीं है कि वह अकेले ही ब्लड देकर चली जाती हैं। वह अपने परिवार के सदस्यों को भी साथ लेकर आती हैं। गुरुवार को भी जब वह हाउचिन ब्लड बैंक आईं तो वह अपने साथ अपने भतीजे-भतीजियों और फैमिली के दूसरे लोगों को साथ लेकर आई थीं। उन सबने मार्गरेट के साथ ही ब्लड डोनेट किया। उनकी भतीजी मैरी बैटे ने कहा, 'अगर आप नियमित रूप से ब्लड डोनेट नहीं करते हो तो वह आपको बुलाकर कहेंगी।' भतीजे रैंडी जैल्मिनी ने भी कहा, 'लोगों से मन मुताबिक काम कराने का उनका अपना ही तरीका है।' परिवार के सदस्य उनके आग्रह को टाल नहीं पाते हैं। हाउचिन ब्लड बैंक के चीफ इग्जेक्युटिव ग्रेग गैलियन ने कहा कि कई साल पहले मैडम मार्गरेट को कैंसर हो गया था। इस दौरान पांच साल तक उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर रक्त दान नहीं किया। मगर तब भी उन्हें अपने कैंसर से ज्यादा चिंता इस बात की रहती थी कि वह ब्लड डोनेट नहीं कर पा रही हैं। इसलिए जैसे ही उन्हें पहला मौका हाथ लगा, उन्होंने तुरंत खून दिया। उनका गजब का कमिटमंट है।

गर्लफ्रेंड का अश्लील एमएमएस

पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में 12वीं में पढ़ रहे एक लड़के द्वारा उसी के ही स्कूल में 11वीं में पढ़ रही अपनी गर्लफ्रेंड का अश्लील एमएमएस बनाए जाने की चर्चा है। यही नहीं उसने उसकी सीडी भी बनाई। पूरे इलाके में इस एमएमएस और सीडी की खूब चर्चा है। पीड़ित लड़की के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने लड़के को अरेस्ट कर लिया है। पंचकूला जिले के सकेतड़ी गांव का रहने वाला राहुल एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है। उसके गांव की एक लड़की भी इसी स्कूल में पढ़ती है। मामले की जांच कर रहे ऑफिसर बलजीत सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम को लड़की के परिजनों ने इसकी शिकायत की। 18 साल के राहुल ने कबूल किया है कि उसने एमएमएस बनाया है। उधर, मनसा देवी पुलिस चौकी में राहुल ने बताया कि हम दोनों 29 मई को चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित एक होटल में गए थे। इसी दौरान मैंने एमएमएस बनाया था। यह एमएमएस मेरे मोबाइल के डाटा कार्ड में था। मेरे घर पर एक कंप्यूटर है। एक दिन मेरा दोस्त आया और गाना लोड करने को कहा। मैंने कहा, यह कंप्यूटर में नहीं है। अलबत्ता, मेरे मोबाइल के डाटा कार्ड में है। उसने कहा, डाटा कार्ड मुझे दे दो, मैं लोड करके वापस कर दूंगा। वह डाटा कार्ड मुझे दे गया। उसके बाद अब चर्चा फैली है कि एमएमएस और सीडी घूम रही है। मैंने सीडी नहीं बनाई। यह सीडी या तो मेरे दोस्त ने बनाई है या किसी और ने। उधर, लड़की के परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने लड़की से पूछा तो उसने बताया कि राहुल ने उसे धमकी दी थी कि अगर किसी को बताया को जान से मार दूंगा।

पत्रकार को लूटने वाले गिरफ्तार

नवी मुम्बई क्राइम ब्रांच ने पिछले हफ्ते सीबीडी बेलापुर में एक मराठी अखबार के सहायक संपादक को लूटने वाले एक गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। नवी मुम्बई क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर अविनाश धर्माधिकारी ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम दीपक दुडाने, अशोक गौडा और मूर्ति गौडा बताए हैं। इन तीनों ने सहायक संपादक को लिफ्ट देकर 26 जून को अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। सहायक संपादक को बेलापुर से ठाणे जाना था। बीच रास्ते में तीनों लुटेरों ने पाम बीच के पास सहायक संपादक से कैश, मोबाइल और गले की चेन खींच ली थी। इसी तरह की एक और घटना में कुछ महीने पहले तीनों ने एक साफ्टवेयर इंजीनियर मदन शाह को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देकर लूट लिया था। पुलिस के अनुसार इस लूटपाट के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी दीपक की थी।

बापू के आश्रम में काला जादू

आसाराम बापू के आश्रम में दो लड़कों की पिछले साल रहस्यमय तरीके से हुई मौत की जांच कर रहे राज्य सीआईडी (अपराध) ने कहा है कि आश्रम के भीतर काला जादू किया जाता रहा होगा। यह खुलासा आसाराम बापू की गुरुकुल में पढ़ाई कर रहे दीपेश और अभिषेक वाघेला नाम के दो छात्रों की रहस्यमय तरीके से हुई मौत के एक साल बाद किया गया है। गुजरात उच्च न्यायालय में जांच एजेंसी की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि आश्रम के कुछ शिष्य इस बारे में जानते थे और वे इस सूचना को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। अदालत में दायर हलफनामे में इस मामले के जांच अधिकारी एच. बी. राजपूत ने कहा कि तीन छात्रों के लाई डिटेक्शन टेस्ट के बाद एजेंसी इस नतीजे पर पहुंची। इन शिष्यों के नाम मिनकेतन पात्र, विकास खेमका और उयर संघानी हैं। जब दोनों छात्रों की रहस्यमय तरीके से मौत हुई तो वे आश्रम में उपस्थित थे। राजपूत ने दोनों मृत लड़कों के पिता की ओर से दाखिल याचिका के जवाब में ये बातें कही हैं। याचिका में लड़कों के पिता ने कहा था कि सीआईडी (अपराध) को दोनों की मौत की वजह के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इसलिए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जानी चाहिए। इन दोनों लड़कों का शव साबरमती नदी के तट से उनके लापता होने के दो दिन बाद मिला था. मामले की अगली सुनवाई न्यायमूर्ति एच.एन. देवनी 15 जुलाई को करेंगे। सीआईडी :अपराध: ने अब तक दोनों लड़कों की मौत के मामले में किसी व्यक्ति को अभियुक्त के तौर पर नामित नहीं किया है, लेकिन राजपूत ने अपने हलफनामे में सीबीआई जांच की मांग पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सीआईडी मामले में विस्तार से जांच कर रही है।

अनाथ आश्रम की आड़ में जबरन देह व्यापार

राजस्थान के कोटा में अनाथ आश्रम की आड़ में टीनएजर लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसका खुलासा किया अहमदाबाद के कालुपुर रेलवे स्टेशन पर बदहवास हालत में मिली 12 साल की लड़की ने। वह कोटा से यहां पहुची थी। लड़की ने बताया कि जब वह कोटा में थी तो दो लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया। मेडिकल जांच में भी इसकी पुष्टि हो गई है। अहमदाबाद पुलिस ने आश्रम से जुड़े लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कोटा पुलिस को भेजने की कार्यवाही शुरू कर दी है। कालुपुर रेलवे स्टेशन पर बदहवास हालत में इस लड़की के मिलने के बाद स्टेशन मास्टर ने स्टेशन पर काम करने वाले एक एनजीओ के लोगों को बुला लिया। एनजीओ के लोगों को लड़की ने बताया कि उसके आश्रम में देह व्यापार चल रहा है और वह भी शिकार बन चुकी है। एनजीओ की पहल पर एलिसब्रिज थाने में मामला दर्ज हो गया है। लड़की ने बताया कि करीब 10 दिन पहले उसे रात को अन्य लड़कियों के साथ किसी जगह ले जाया गया। वहां उन सभी को अलग अलग बने कमरों में भेज दिया गया। पीड़िता ने बताया कि वहां उसके साथ दो युवकों ने बलात्कार किया। लड़की ने जब दर्द की शिकायत की तो उसे आश्रम छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया और एक दूर के रिश्तेदार के साथ ट्रेन में बिठाकर अहमदाबाद भेज दिया। कालुपुर स्टेशन पर खाना लाने का बहाना कर वह युवक उसे अकेला छोड़कर यहां से फरार हो गया। लड़की को फिलहाल एनजीओ की देखरेख में रखा गया है और उसके परिजनों की तलाश की जा रही है।

Thursday, July 2, 2009

यह क्या है?

videoमंगलवार रात को आसमान के दक्षिणी छोर में चांद जैसी चमकती दिखी। कुछ देर बाद अचानक इसने आकृति बदलना शुरू कर दिया। और देखते-देखते औझल हो गई। प्रस्तुत उसकी तस्वीरे

5 साल के बच्चों से पूछ रहे हैं,'तुम आतंकवादी हो?

नई वीजा प्रणाली के तहत ब्रिटेन के स्कूलों में दाखिले की चाह रखने वाले पांच साल के बच्चों से पूछा जा रहा है कि क्या वे आतंकवादी हैं। स्कूलों में दाखिले के आवेदन में रखे गए इस सवाल पर विवाद भी शुरू हो गया है। समाचारपत्र 'टेलीग्राफ' में गुरुवार को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूलों में दाखिला पाने की चाह रखने वाले बच्चों से ब्रिटेन में ये सवाल पूछे गए कि क्या वे आतंकवादी हैं या किसी युद्ध-अपराध या जनसंहार में शामिल रहे हैं। ये सवाल गृह मंत्रालय की ओर से पिछले महीने लागू किए गए नए नियम-कायदों के बाद पूछे गए हैं। विदेशी छात्रों की ओर से भरे जाने वाले 57 पन्नों के दस्तावेज में पूछा गया है कि आवेदक कभी किसी माध्यम या किसी उद्देश्य से देश में किसी आतंकी वारदात में शामिल रहे, उसका समर्थन किया या उसे बढ़ावा दिया है? इस दस्तावेज में यह भी पूछा गया है आवेदक ने कभी किसी माध्यम या किसी उद्देश्य से किसी आतंकवादी वारदात को सही ठहराया है या किसी आतंकवादी हिंसा का महिमा-मंडन किया है या कोई ऐसा काम किया है जिससे किसी को आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की प्रेरणा मिले? शिक्षाविदों ने चेतावनी दी है कि नए नियम से ब्रिटेन में पढ़ रहे करीब 20,000 विदेशी लोगों के देश से बाहर निकाले जाने का खतरा पैदा हो गया है। उदारवादी डेमोक्रैट्स का कहना है कि ताजा विवाद से एक अच्छे वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में ब्रिटेन की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। NBT

गर्भवती महिला से गैंग रेप किया

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दबंगों ने एक गर्भवती महिला के घर में घुसकर उसके साथ गैंग रेप किया। आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही थी। जिले के मंसूरपुर क्षेत्र के गांव नरा की एक 32 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि गांव के 5 लोगों ने उसके घर में घुसकर उसके साथ गैंग रेप किया। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक गांव के कुछ लोगों ने कुछ दिन पहले उसे व उसके पति के पीटा था, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। शिकायत से क्षुब्ध पांच लोग 28 जून की रात उसके घर में घुस गए और सास-ननद को बांधकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मंसूरपुर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उसने बुधवार को एसपी से कार्रवाई के लिए गुहार लगाई।

'आदमी होकर आदमी से प्यार अपराध नहीं'

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को दिए अपने एक अहम फैसले में दो व्यस्कों द्वारा आपसी सहमति से बनाए जाने वाले अप्राकृतिक संबंधों को अपराध नहीं माना है। कोर्ट ने कहा कि यदि दोनों की उम्र 18 साल से ऊपर है , तो वे अपनी मर्जी से साथ रह सकते हैं। गौरतलब है कि इस मामले में हाई कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में फैसला सुरक्षित रखा था। आईपीसी की धारा -377 के तहत अप्राकृतिक संबंध बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है और दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक हो सकती है।
दिल्ली स्थित नाज फाउंडेशन ने 2001 में हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस धारा में संशोधन की मांग की थी। अर्जी में कहा गया था कि दो वयस्कों ( होमो अथवा हेट्रो ) के बीच अगर आपसी सहमति से अप्राकृतिक संबंध बनाए जाते हैं , यानी दो लोग अगर होमो सेक्सुअलिटी में संलिप्त हैं तो उनके खिलाफ धारा -377 का केस नहीं बनना चाहिए। हाई कोर्ट ने इस दलील को सही माना और कहा कि दो व्यस्कों पर किसी तरह की पाबंदी लगाना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

Tuesday, June 30, 2009

केंद्रीय मंत्री ने बेल के लिए दबाव डाला : हाई कोर्ट जज

मद्रास हाई कोर्ट के जज ने खुली अदालत में यह कह कर सनसनी फैला दी कि फर्जी मार्क्सशीट से जुड़े एक मामले में केंद्रीय मंत्री ने फोन कर के उन पर दबाव डालने की कोशिश की। मंत्री चाहते थे कि इस मामले के आरोपी मेडिकल स्टूडंट और उसके डॉक्टर पिता को अग्रिम जमानत दे दी जाए। जस्टिस आर रघुपति ने कहा है कि अगर संबंधित पक्ष के वकील ने मंगलवार तक उनके सामने बिना शर्त माफीनामा पेश नहीं किया तो वह इस बारे में सरकार और प्रधानमंत्री को लिखेंगे। मामला पुडुचेरी के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के छात्र एस . किरुबा श्रीधर और उसके डॉक्टर पिता सी कृष्णमूर्ति से जुड़ा है। इन दोनों के खिलाफ सीबीआई ने एक दलाल और पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय के एक अधिकारी की मदद से गैरकानूनी ढंग से अंक बढ़वाने का मामला दर्ज किया है।
सोमवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस आर रघुपति ने कहा , ' एक केंद्रीय मंत्री ने मुझसे फोन पर संपर्क कर इस मामले में फैसले को प्रभावित करने की कोशिश की। मंत्री ने इस बात के लिए दबाव बनाने की कोशिश की कि याचिका कर्ताओं को अग्रिम जमानत दे दी जाए। ' जस्टिसरघुपति ने केंद्रीय मंत्री का नाम नहीं बताया , लेकिन कहा कि अगर बिना शर्त माफी नहीं मांगी जाती है तो वह इस बातचीत का जिक्र अपने फैसले में करेंगे। इसके बाद उन्होंने यह मामला चीफ जस्टिस एच . एल . गोखले के पास इस अनुरोध के साथ भेज दिया कि इसे किसी दूसरे जज के सुपुर्द कर दिया जाए।

ऑस्ट्रेलिया में सिख युवक पर हमला

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर सिलसिलेवार नस्ली हमलों का नया शिकार एक 22 साल का सिख युवक हुआ है, जिस पर 6 यंगस्टर्स के एक समूह ने हमला कर उसकी पगड़ी उतारने तथा बाल काटने का प्रयास किया। रेशम सिंह 6 महीने पहले पंजाब से यहां हॉस्पिटलिटी रिलेटेड कोर्स की स्टडी करने आए थे। उन पर डांडेनोंग स्टेशन पर सोमवार को हमला किया गया। सिंह ऑस्ट्रेलिया में नस्ली हमले का 20वां शिकार हैं। अंग्रेजी में ठीक ढंग से अपनी बात नहीं रख पाने वाले सिंह ने बताया, 'उन्होंने पहले मुझे गाली दी और चले गए। उसके बाद कई लोग फिर से आए और अपने साथ कई कैंचियां लेकर आए। उन्होंने मेरी पगड़ी उतारने और बाल काटने का प्रयास किया।' सिंह ने कहा, 'दोस्तों ने मुझे बचाने की पूरी कोशिश की। सच कहूं तो अगर एजुकेशनल एजंटों ने भारत में सूचना दी होती कि ऑस्ट्रेलिया में जीवन इतना कठिन होता है, तो मैं यहां पर कभी नहीं आता।' बाद में हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया। विक्टोरिया पुलिस ने दो लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

दुलहन को नागवार गुजरा दूल्हे का बियर पीना

शादी की खुशी में दूल्हे का अपने दोस्तों के साथ बियर पीना दुलहन को इतना नागवार गुजरा कि उसने शादी करने से ही इनकार कर दिया। यहीं नहीं, बाद में विवाद होने पर दुलहन ने दूल्हे समेत वर पक्ष के चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। रविवार को लाजपत नगर में रहने वाले विनोद कुमार की बेटी की शादी शालीमार गार्डन में रहने वाले मनोज के साथ होनी थी। रविवार को देर शाम को बरात दुलहन के घर पहुंची थी। बरात देर से आने पर वर और वधू पक्ष में कहासुनी भी हुई थी। अलबत्ता बाद में मामला शांत हो गया। बताया गया है कि इधर विवाह की पारंपरिक रस्में निभाई जा रही थीं, उधर मनोज के कुछ दोस्त उसके पास आए और बियर पीने की जिद करने लगे। दोस्तों के दबाव डालने पर मनोज ने बियर पी ली। बताया गया है कि जैसे ही दुल्हन को दूल्हे के बियर पीने की सूचना मिली, वह तमतमाई हुई दूल्हे के पास पहुंची। पहले तो उसने मनोज को खूब खरी-खोटी सुनाई और फिर उसके साथ शादी करने से भी इनकार कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। बाद में दुलहन की ओर से साहिबाबाद में मनोज, उसकी मां शारदा और दोनों भाइयों दीपक और रमेश के खिलाफ दहेज मांगने की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

Monday, June 29, 2009

गणेश जी बीयर की बोतल पर

अमेरिका की एक बीयर कंपनी ने बीयर के एक ब्रैंड की बोतल पर गणेश जी का चित्र छापा है जिसकी देश के कई संगठनों ने कड़ी निंदा की है। हिन्दू संगठनों का कहना है कि अमेरिका में बीयर बनाने वाली कंपनी ने बीयर की बोतल पर हिंदुओं के आराध्य गणेश जी की तस्वीर छापकर दुनियाभर में हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। बीयर बनाने वाली अमेरिका की कैलिफोर्निया स्थित लॉस्ट कॉस्ट ब्रेवर्ली कंपनी ने इंडिया पेल अलेब्रैंड की बीयर की बोतल पर गणेश जी की तस्वीर छापी है। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण तोगड़िया से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने फोन पर बताया कि अमेरिका की कंपनी ने जानबूझ कर ऐसा किया है। उन्होंने कहा कि वह विश्व हिन्दू परिषद की अमेरिका इकाई द्वारा कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराएंगे और कंपनी के प्रॉडक्ट का बहिष्कार कराने के लिए अभियान चलाएंगे।
परिषद के विदेश मामलों से संबद्ध गौतम चटर्जी ने कहा कि दुनियाभर में हिन्दुओं को अपमानित करने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसा करने वालों को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला विश्व हिन्दू परिषद की अमेरिकी इकाई को भेजा जा रहा है। चटर्जी ने कहा कि दिल्ली में मौजूद अमेरिकी राजदूत के जरिए इस मुद्दे को अमेरिका सरकार तक भी पहुंचाया जाएगा।

महिला पर बरसाए कोडे़

बांग्लादेश के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से में 'समाज विरोधी गतिविधि' में संलिप्तता के आरोप में एक मौलवी की ओर से जारी किए गए फतवे के आधार पर एक विधवा को 202 और एक पुरुष को 101 कोडे़ लगाए गए। फतवा देने वाले मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना का स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ और इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पियारा बेगम नाम की 40 वर्षीया विधवा और 25 साल के मामून मियां को शनिवार रात को मिला जिले के खरियार में सैंकड़ों की भीड़ के सामने कोड़े लगाए गए। कोड़ों की चोट से महिला बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि वह गंभीर रूप से घायल है और इलाज की जरूरत है। समाचार पत्र 'डेली स्टार' ने सोमवार को खबर दी कि मियां को 101 कोड़े मारे गए। बांग्लादेश में वर्ष 2001 के उच्च न्यायालय के एक फैसले के मुताबिक फतवे के तहत दी जाने वाली सजाएं गैर कानूनी हैं। पुलिस ने इस सिलसिले में मौलाना मोहम्मद मनीरुल इस्लाम समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पियारा बेगम ने महिला एवं बाल उत्पीड़न निरोधक अधिनियम के तहत देबिदवार थाने में मामला दर्ज कराया है।

Sunday, June 28, 2009

छक्के छुड़ाएगा 'मिर्ची बम'

विश्व की सबसे तीखी मिर्ची से बना 'मिर्ची बम' अब आतंकवादियों, दंगाइयों और अलगाववादियों के छक्के छुड़ाएगा। सुरक्षा बलों के जवान जल्द ही इसे हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। इस दिशा में वैज्ञानिकों ने कोशिश शुरू कर दी है। आतंकवादियों, दंगाइयों और अलगाववादियों से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने सुरक्षा विभाग के साथ मिर्ची और काली मिर्च को मिलाकर आंसू गैस, कैनिस्टर्स और हैंड ग्रेनेड्स विकसित करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अलग-अगल प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में सबसे तीखी मिर्ची के रूप में दर्ज 'भूत जोलोकिया' का इस्तेमाल कर हैंड ग्रेनेड्स बनाने के प्रॉजेक्ट पर काम कर रहे हैं। डीआरडीओ के बायॉलजी डिपार्टमंट के निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक आर. बी. श्रीवास्तव ने बातचीत में कहा, 'हमने टेस्ट भी कर लिया है। नतीजे सकारात्मक और संतोषजनक रहे हैं।' उन्होंने कहा कि डीआरडीओ की कई प्रयोगशालाओं में इस दिशा में काम चल रहा है।NBT